For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आदरणीय साहित्य प्रेमियो,

सादर अभिवादन । 

पिछले 86 कामयाब आयोजनों में रचनाकारों ने विभिन्न विषयों पर बड़े जोशोखरोश के साथ बढ़-चढ़ कर कलम आज़माई की है. जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर नव-हस्ताक्षरों, के लिए अपनी कलम की धार को और भी तीक्ष्ण करने का अवसर प्रदान करता है. इसी सिलसिले की अगली कड़ी में प्रस्तुत है :


"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-87

विषय - "सुख"

आयोजन की अवधि- 12 जनवरी 2018, दिन शुक्रवार से 13 जनवरी 2018दिन शनिवार की समाप्ति तक

(यानि, आयोजन की कुल अवधि दो दिन)

 
बात बेशक छोटी हो लेकिन ’घाव करे गंभीर’ करने वाली हो तो पद्य- समारोह का आनन्द बहुगुणा हो जाए. आयोजन के लिए दिये विषय को केन्द्रित करते हुए आप सभी अपनी अप्रकाशित रचना पद्य-साहित्य की किसी भी विधा में स्वयं द्वारा लाइव पोस्ट कर सकते हैं. साथ ही अन्य साथियों की रचना पर लाइव टिप्पणी भी कर सकते हैं.

उदाहरण स्वरुप पद्य-साहित्य की कुछ विधाओं का नाम सूचीबद्ध किये जा रहे हैं --

 

तुकांत कविता
अतुकांत आधुनिक कविता
हास्य कविता
गीत-नवगीत
ग़ज़ल

नज़्म

हाइकू

सॉनेट
व्यंग्य काव्य
मुक्तक
शास्त्रीय-छंद (दोहा, चौपाई, कुंडलिया, कवित्त, सवैया, हरिगीतिका आदि-आदि)

अति आवश्यक सूचना :- 

  • रचनाओं की संख्या पर कोई बन्धन नहीं है. किन्तु,  एक से अधिक रचनाएँ प्रस्तुत करनी हों तो पद्य-साहित्य की अलग अलग विधाओं अथवा अलग अलग छंदों में रचनाएँ प्रस्तुत हों.    

  • रचना केवल स्वयं के प्रोफाइल से ही पोस्ट करें, अन्य सदस्य की रचना किसी और सदस्य द्वारा पोस्ट नहीं की जाएगी.
  • रचनाकारों से निवेदन है कि अपनी रचना अच्छी तरह से देवनागरी के फॉण्ट में टाइप कर लेफ्ट एलाइन, काले रंग एवं नॉन बोल्ड टेक्स्ट में ही पोस्ट करें.
  • रचना पोस्ट करते समय कोई भूमिका न लिखें, सीधे अपनी रचना पोस्ट करें, अंत में अपना नाम, पता, फोन नंबर, दिनांक अथवा किसी भी प्रकार के सिम्बल आदि भी न लगाएं.
  • प्रविष्टि के अंत में मंच के नियमानुसार केवल "मौलिक व अप्रकाशित" लिखें.
  • नियमों के विरुद्ध, विषय से भटकी हुई तथा अस्तरीय प्रस्तुति को बिना कोई कारण बताये तथा बिना कोई पूर्व सूचना दिए हटाया जा सकता है. यह अधिकार प्रबंधन-समिति के सदस्यों के पास सुरक्षित रहेगा, जिस पर कोई बहस नहीं की जाएगी.
  • सदस्यगण बार-बार संशोधन हेतु अनुरोध न करें, बल्कि उनकी रचनाओं पर प्राप्त सुझावों को भली-भाँति अध्ययन कर संकलन आने के बाद संशोधन हेतु अनुरोध करें. सदस्यगण ध्यान रखें कि रचनाओं में किन्हीं दोषों या गलतियों पर सुझावों के अनुसार संशोधन कराने को किसी सुविधा की तरह लें, न कि किसी अधिकार की तरह.


आयोजनों के वातावरण को टिप्पणियों के माध्यम से समरस बनाये रखना उचित है. लेकिन बातचीत में असंयमित तथ्य न आ पायें इसके प्रति टिप्पणीकारों से सकारात्मकता तथा संवेदनशीलता अपेक्षित है. 

इस तथ्य पर ध्यान रहे कि स्माइली आदि का असंयमित अथवा अव्यावहारिक प्रयोग तथा बिना अर्थ के पोस्ट आयोजन के स्तर को हल्का करते हैं. 

रचनाओं पर टिप्पणियाँ यथासंभव देवनागरी फाण्ट में ही करें. अनावश्यक रूप से स्माइली अथवा रोमन फाण्ट का उपयोग न करें. रोमन फाण्ट में टिप्पणियाँ करना, एक ऐसा रास्ता है जो अन्य कोई उपाय न रहने पर ही अपनाया जाय.   

(फिलहाल Reply Box बंद रहेगा जो -12 जनवरी 2018, दिन शुक्रवार लगते ही खोल दिया जायेगा) 

यदि आप किसी कारणवश अभी तक ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार से नहीं जुड़ सके है तो www.openbooksonline.com पर जाकर प्रथम बार sign up कर लें.

महा-उत्सव के सम्बन्ध मे किसी तरह की जानकारी हेतु नीचे दिये लिंक पर पूछताछ की जा सकती है ...
"OBO लाइव महा उत्सव" के सम्बन्ध मे पूछताछ
 

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" के पिछ्ले अंकों को पढ़ने हेतु यहाँ क्लिक करें


मंच संचालक
मिथिलेश वामनकर 
(सदस्य कार्यकारिणी टीम)
ओपन बुक्स ऑनलाइन डॉट कॉम.

Views: 1810

Replies are closed for this discussion.

Replies to This Discussion

आ. भाई तस्दीक अहमद जी, गजल पर आपकी प्रतिक्रिया से लेखन सफल हुआ । त्रुटियों की ओर ध्यान दिलाने के लिए आभार ।
दूसरे शेर को मूल रूप में यू लिखा था जो बाद में बदल दिया
उम्र बढ़ी के साथ साथ ही सुख का मौसम ढलता है।२।
तथा तीसरे शेर का उला एऐसे पढ़े
युक्ति जिसे है गाँठ बाँध के रख पाया सुख यारो वो

बढ़िया ग़ज़ल कही है आपने आदरणीय लक्ष्मण धामी जी , हार्दिक बधाई आपको|

आ. कल्पना बहन उत्साहवर्धन के लिए आभार ।

आदरणीय लक्ष्मण धामी जी प्रदत्त विषय पर आकर्षक प्रस्तुति के लिये बहुत बहुत बधाई

आ. भाई छोटे लाल जी, उत्साहवर्धन के लिए आभार ।

सुन्दर ग़ज़ल , बधाई , आदरणीय लक्षमण धामी ' मुसाफिर ' जी , सादर।

आ. भाई विजय जी, हार्दिक धन्यवाद ।

जनाब लक्ष्मण धामी 'मुसाफ़िर' जी आदाब,प्रदत्त विषय पर अच्छी ग़ज़ल लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन । उपस्थिति से गजल का मान बढ़ाने के लिए आभार । 

हार्दिक बधाई आदरणीय धामी सर,विषयानुरूप बेहतरीन गजल कही आपने

आ. भाई सतविंद्र जी, हार्दिक धन्यवाद ।

अपने सुख का जिक्र किसी से भूले से भी करना मत
आज पड़ौसी के सुख से ही खूब पड़ौसी जलता है।८।.............वाह ! वाह !

आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी जी सादर प्रदत्त शीर्षक पर बहुत खुबसूरत गजल कही है आपने. दिली मुबारकबाद स्वीकारें. सादर.

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"'तुम' के साथ क्या परेशानी है,बात तो "आप" की वजह से है, आप तो ये बताएं कि मैंने…"
9 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"जनाब दिनेश कुमार जी आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है, दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ । 'फ़ानी दुनिया…"
14 minutes ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"वाह। इस संकलन की सबसे आला ग़ज़लों में से एक। एक से बढ़कर एक शेर"
22 minutes ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"अच्छा प्रयास हुआ"
23 minutes ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"वाह। अच्छी ग़ज़ल कही। ए हवाओं मुझे कर देना......बढ़िया शेर। खास पसंद आया"
25 minutes ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"शुक्रिया अंजली जी"
30 minutes ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"शुक्रिया आरिफ़ साहब"
30 minutes ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"आ. तुम के साथ अगर यही वाक्य कहना हो तो?"
33 minutes ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"सर से पानी कहीं हो जाए न ऊंचा देखो |एक क़ातिल बना बैठा है मसीहा देखो |बहुत ख़ूब ! बहुत अच्छा तंज़ है…"
41 minutes ago
somesh kumar posted a blog post

दिव्य-कृति(कहानी )

“सर,इस सेम की बेल को खंबे पर लिपटने में मुश्किल आएगी |” मैंने सुरेंदर जी की तरफ़ देखते हुए…See More
45 minutes ago
Sushil Sarna posted a blog post

नमक सी जलन...

नमक सी जलन  ..... मत समेटो हृदय में शूल सी स्मृतियों को ये जब तक रहेंगी अपने लावे से विगत पलों को…See More
45 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-95
"भाई दिनेश जी ये ओबीओ का पटल है, यहाँ कोई बड़ा छोटा नहीं,आपने अपन मत रखा ये बड़ी बात है,मुशायरे में…"
46 minutes ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service