For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

आदरणीय साहित्य प्रेमियो,

सादर अभिवादन ।

पिछले 93 कामयाब आयोजनों में रचनाकारों ने विभिन्न विषयों पर बड़े जोशोखरोश के साथ बढ़-चढ़ कर कलम आज़माई की है. जैसाकि आप सभी को ज्ञात ही है, महा-उत्सव आयोजन दरअसल रचनाकारों, विशेषकर नव-हस्ताक्षरों, के लिए अपनी कलम की धार को और भी तीक्ष्ण करने का अवसर प्रदान करता है. इसी सिलसिले की अगली कड़ी में प्रस्तुत है :

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-94 

विषय - "आया सावन झूम के"

आयोजन की अवधि- 10 अगस्त 2018, दिन शुक्रवार से 11 अगस्त 2018, दिन शनिवार की समाप्ति तक

(यानि, आयोजन की कुल अवधि दो दिन)

बात बेशक छोटी हो लेकिन ’घाव करे गंभीर’ करने वाली हो तो पद्य- समारोह का आनन्द बहुगुणा हो जाए. आयोजन के लिए दिये विषय को केन्द्रित करते हुए आप सभी अपनी अप्रकाशित रचना पद्य-साहित्य की किसी भी विधा में स्वयं द्वारा लाइव पोस्ट कर सकते हैं. साथ ही अन्य साथियों की रचना पर लाइव टिप्पणी भी कर सकते हैं.

उदाहरण स्वरुप पद्य-साहित्य की कुछ विधाओं का नाम सूचीबद्ध किये जा रहे हैं --

तुकांत कविता
अतुकांत आधुनिक कविता
हास्य कविता
गीत-नवगीत
ग़ज़ल
नज़्म
हाइकू
सॉनेट
व्यंग्य काव्य
मुक्तक
शास्त्रीय-छंद (दोहा, चौपाई, कुंडलिया, कवित्त, सवैया, हरिगीतिका आदि-आदि)

अति आवश्यक सूचना :-

रचनाओं की संख्या पर कोई बन्धन नहीं है. किन्तु, एक से अधिक रचनाएँ प्रस्तुत करनी हों तो पद्य-साहित्य की अलग अलग विधाओं अथवा अलग अलग छंदों में रचनाएँ प्रस्तुत हों.

रचना केवल स्वयं के प्रोफाइल से ही पोस्ट करें, अन्य सदस्य की रचना किसी और सदस्य द्वारा पोस्ट नहीं की जाएगी.
रचनाकारों से निवेदन है कि अपनी रचना अच्छी तरह से देवनागरी के फॉण्ट में टाइप कर लेफ्ट एलाइन, काले रंग एवं नॉन बोल्ड टेक्स्ट में ही पोस्ट करें.
रचना पोस्ट करते समय कोई भूमिका न लिखें, सीधे अपनी रचना पोस्ट करें, अंत में अपना नाम, पता, फोन नंबर, दिनांक अथवा किसी भी प्रकार के सिम्बल आदि भी न लगाएं.
प्रविष्टि के अंत में मंच के नियमानुसार केवल "मौलिक व अप्रकाशित" लिखें.
नियमों के विरुद्ध, विषय से भटकी हुई तथा अस्तरीय प्रस्तुति को बिना कोई कारण बताये तथा बिना कोई पूर्व सूचना दिए हटाया जा सकता है. यह अधिकार प्रबंधन-समिति के सदस्यों के पास सुरक्षित रहेगा, जिस पर कोई बहस नहीं की जाएगी.
सदस्यगण बार-बार संशोधन हेतु अनुरोध न करें, बल्कि उनकी रचनाओं पर प्राप्त सुझावों को भली-भाँति अध्ययन कर संकलन आने के बाद संशोधन हेतु अनुरोध करें. सदस्यगण ध्यान रखें कि रचनाओं में किन्हीं दोषों या गलतियों पर सुझावों के अनुसार संशोधन कराने को किसी सुविधा की तरह लें, न कि किसी अधिकार की तरह.

आयोजनों के वातावरण को टिप्पणियों के माध्यम से समरस बनाये रखना उचित है. लेकिन बातचीत में असंयमित तथ्य न आ पायें इसके प्रति टिप्पणीकारों से सकारात्मकता तथा संवेदनशीलता अपेक्षित है.

इस तथ्य पर ध्यान रहे कि स्माइली आदि का असंयमित अथवा अव्यावहारिक प्रयोग तथा बिना अर्थ के पोस्ट आयोजन के स्तर को हल्का करते हैं.

रचनाओं पर टिप्पणियाँ यथासंभव देवनागरी फाण्ट में ही करें. अनावश्यक रूप से स्माइली अथवा रोमन फाण्ट का उपयोग न करें. रोमन फाण्ट में टिप्पणियाँ करना, एक ऐसा रास्ता है जो अन्य कोई उपाय न रहने पर ही अपनाया जाय.

(फिलहाल Reply Box बंद रहेगा जो - 10 अगस्त' 2018, दिन शुक्रवार लगते ही खोल दिया जायेगा)

यदि आप किसी कारणवश अभी तक ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार से नहीं जुड़ सके है तो www.openbooksonline.com पर जाकर प्रथम बार sign up कर लें.

महा-उत्सव के सम्बन्ध मे किसी तरह की जानकारी हेतु नीचे दिये लिंक पर पूछताछ की जा सकती है ...
"OBO लाइव महा उत्सव" के सम्बन्ध मे पूछताछ

"ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" के पिछ्ले अंकों को पढ़ने हेतु यहाँ क्लिक करें

मंच संचालक
मिथिलेश वामनकर
(सदस्य कार्यकारिणी टीम)
ओपन बुक्स ऑनलाइन डॉट कॉम.

Views: 1673

Replies are closed for this discussion.

Replies to This Discussion

बहुत बढिया ,प्रदत्त विषय पर सुन्दर विरह गीत आदरणीय सतीश जी ।

आपकी सराहना से उत्साहवर्धन हुआ है आदरणीया कनक जी .... सादर नमन ।

आदरणीय सतीश मापतपुरी साहब सादर, प्रदत्त विषय पर पिया को नाराज कर पछताती विरहनी की मनोव्यथा पर सुंदर गीत रचा है आपने. हार्दिक बधाई स्वीकारें. सादर. 

आपने सराहा मेरा सृजन सार्थक हुआ .... सादर नमन आदरणीय अशोक जी ।

विषयांतर्गत उम्दा, भिन्न और बढ़िया गीत सृजन हेतु सादर हार्दिक बधाइयाँ आदरणीय सतीश मापतपुरी साहिब।

दिल के गहन तल से शुक्रिया आदरणीय उस्मानी साहिब .... आदाब ।

आदरणीय सतीश भाईजी

सावन गीत की हार्दिक बधाई

सादर आभार संग नमन आदरणीय ।

जनाब सतीश मापतपुरी जी आदाब,प्रदत्त विषय पर अच्छा गीत रचा आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

आपकी स्नेहिल सराहना पाकर अभिभूत हूँ आदरणीय समर साहेब .... सादर नमन ।

उषा अवस्थी

रिमझिम-रिमझिम बदरा बरसे
(अजहूँ न आए पिया रे)2

(ये बदरा कारे कजरारे
बार-बार आ जाएँ दुआरे)2
घर आँगन सब सूना पड़ा रे
सूनी सेजरिया रे
रिमझिम - - - -

(तन मन ऐसी अगन लगाए
जो बदरा से बुझे न बुझाए)2
अब तो अगन बुझे तबहीं जब
आएँ साँवरिया रे
रिमझिम - - - -

(छिन आँगन छिन भीतर आऊँ
दीप बुझे सौ बार जलाऊँ)2
पिया हमारे घर आएगें
छाई अँधियारी रे
रिमझिम - - - -

मौलिक एवं अप्रकाशित

आदरणीया उषा अवस्थी जी सादर, प्रदत्त विषय पर गीत रचने का सुन्दर प्रयास हुआ है. हार्दिक बधाई स्वीकारें. सादर. 

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'मुझे भी!' (लघुकथा) :
"बहुत-बहुत शुक्रिया जनाब विजय निकोरे साहिब। आपकी टिप्पणी  हम जैसे बहुत से लोगों की पीड़ा भी…"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post 'मुझे भी!' (लघुकथा) :
"बहुत-बहुत शुक्रिया जनाब विजय निकोरे साहिब। आपकी टिप्पणी मेरे ही उस साक्षात अनुभव की मेरी पीड़ा भी…"
1 hour ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"बहुत-बहुत शुक्रिया इतनी ज़ल्दी मार्गदर्शन हेतु। दरअसल मैं यह देख रहा था कि ग़ज़लों के मिसरों में…"
1 hour ago
Naveen Mani Tripathi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"2122 1122 1122  22 किस तरह तेरे हवाले वो दिलो जां कर दें । मन की  बस्ती  को भला…"
1 hour ago
Naveen Mani Tripathi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"वाह सर लाजवाब ग़ज़ल हुई । तहेदिल से बहुत बहुत बधाई आपको ।"
1 hour ago
क़मर जौनपुरी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"मैं तो गणित के सूत्र की तरह लगा दिया मोहतरम। एक नई बात सीखने को मिली कि इसमें यह भी देखना है कि…"
2 hours ago
क़मर जौनपुरी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"बहुत बहुत शुक्रिया मोहतरम ज़ैदी साहब।"
2 hours ago
क़मर जौनपुरी replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"बहुत बहुत शुक्रिया मोहतरमा राजेश साहिबा।"
2 hours ago
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब --क़मर जौनपुरी बहुत बहुत मुबारकबाद मोहतरम "
3 hours ago
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"आदरणीय मनीष जी बहुत बहुत मुबारकबाद उम्दा ग़ज़ल के लिये सादर"
3 hours ago
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब क़मर जौनपुरी साहब बहुत बहुत मुबारकबाद उम्दा ग़ज़ल केे लिये क़ुुबूूल करें"
3 hours ago
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"आदरणीय राजेश कुमारी जी बहुत ख़ूब बहुत बहुत मुबारकबाद सादर"
3 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service