मैथिली साहित्य

इस ग्रुप मे मैथिली साहित्य लिखा जा सकता है |
हाथमे हाथ लेने सगरो चलब हम
आब तोहर बिना पल भरि नहि जियब हम

हो सुखद की कतेको अन्हार जीबन
बनि क छाहैर तोहर संगहि रहब हम

दीप नेहक मिझेए नहि आब कखनो
बनि क बाती सिनेहे हरदम जरब हम

अछि हँसी ई सरस निश्छल बड्ड मोहक
नेह भरि-भरि करेजा तोहर गहब हम

छोड़ि दुनिया कतौ नहि ‘मनु’ आब जायब
आँखिकेँ तोर सोझाँ एतहि मरब हम

(बहरे असम, मात्राक्रम : 2122-1222-2122)
(मौलिक आ अप्रकाशित)
✍🏻 जगदानन्द झा ‘मनु’
  • up

    सदस्य टीम प्रबंधन

    Saurabh Pandey

    आदरणीय जगदानन्द झा मनु जी, अहाँ बड्ड नीक गजल पठेलियै.

    सबसे पहिल, त हम प्रयुक्त भेल बहरक विषय में बेसी नै जानइत छी.  मुदा, अहाँ बहरे असम लिखने छी. 

    गजलक सभ शेर टा रोचक बन परल अछि. बधाई कहि रहल छी हम. 

    शुभातिशुभ