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LALIT KAILASH
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vijay nikore commented on LALIT KAILASH's blog post बचपन
"आदरणीय ललित कैलाश जी, इस अच्छी रचना के लिए बधाई।"
Feb 14
Sheikh Shahzad Usmani commented on LALIT KAILASH's blog post बचपन
"बचपन की नियति, यथार्थ और संवेदनशील परिस्थितियों पर बढ़िया रचना के लिए हार्दिक बधाई आदरणीय ललित कैलाश जी।"
Feb 14
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on LALIT KAILASH's blog post बचपन
"ओ बी ओ मंच पर आपका स्वागत है आदरणीय ललितजी , अच्छी कविता लिखी है जिसके लिए आपको हार्दिक बधाई | आदरणीय मोहम्मद आरिफ साहब की बातों पर ध्यान दीजियेगा | सादर"
Feb 13
Mohammed Arif commented on LALIT KAILASH's blog post बचपन
"आदरणीय ललित कैलाश जी आदाब,                              सर्वप्रथम ओबीओ मंच पर आपका हार्दिक स्वागत है । बचपन की विवशता को रेखांकित करती बेहतरीन कविता । हार्दिक बधाई स्वीकार…"
Feb 13
LALIT KAILASH posted a blog post

बचपन

अपने कोमल कान्धो पर कचरे की बोरी ढोता बचपन कहीं चाय के ढाबे पर झूठे बरतन धोता बचपनकहीं है भोजन की बर्बादी कहीं भूख से रोता बचपन तन पर फटे पुराने कपड़े हाथ में भीख कटोरा पकड़े उम्मीदों के धागों में सपने नये पिरोता बचपन दिन भर सड़कों चौराहों पर मजबूरी लेकर बाहों पर मई जून की कड़ी धूप में अपना बदन भिगोता बचपन अपने नन्हे हाथों से साहब के जूते चमकाता नाम नही है कोई इसका ये तो बस छोटू कहलाता जबकि कहते हैं ईश्वर का बाल रूप है होता बचपन कहीं चाय के ढाबे पर झूठे बरतन धोता बचपन....ललित…See More
Feb 13
LALIT KAILASH is now a member of Open Books Online
Feb 13

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Male
City State
DELHI
Native Place
DELHI
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About me
I'm an poet

LALIT KAILASH's Blog

बचपन

अपने कोमल कान्धो पर

कचरे की बोरी ढोता बचपन

कहीं चाय के ढाबे पर

झूठे बरतन धोता बचपन

कहीं है भोजन की बर्बादी

कहीं भूख से रोता बचपन



तन पर फटे पुराने कपड़े…

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Posted on February 13, 2018 at 1:30pm — 7 Comments

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