For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

LALIT KAILASH
Share
 

LALIT KAILASH's Page

Latest Activity

vijay nikore commented on LALIT KAILASH's blog post बचपन
"आदरणीय ललित कैलाश जी, इस अच्छी रचना के लिए बधाई।"
Feb 14
Sheikh Shahzad Usmani commented on LALIT KAILASH's blog post बचपन
"बचपन की नियति, यथार्थ और संवेदनशील परिस्थितियों पर बढ़िया रचना के लिए हार्दिक बधाई आदरणीय ललित कैलाश जी।"
Feb 14
KALPANA BHATT ('रौनक़') commented on LALIT KAILASH's blog post बचपन
"ओ बी ओ मंच पर आपका स्वागत है आदरणीय ललितजी , अच्छी कविता लिखी है जिसके लिए आपको हार्दिक बधाई | आदरणीय मोहम्मद आरिफ साहब की बातों पर ध्यान दीजियेगा | सादर"
Feb 13
Mohammed Arif commented on LALIT KAILASH's blog post बचपन
"आदरणीय ललित कैलाश जी आदाब,                              सर्वप्रथम ओबीओ मंच पर आपका हार्दिक स्वागत है । बचपन की विवशता को रेखांकित करती बेहतरीन कविता । हार्दिक बधाई स्वीकार…"
Feb 13
LALIT KAILASH posted a blog post

बचपन

अपने कोमल कान्धो पर कचरे की बोरी ढोता बचपन कहीं चाय के ढाबे पर झूठे बरतन धोता बचपनकहीं है भोजन की बर्बादी कहीं भूख से रोता बचपन तन पर फटे पुराने कपड़े हाथ में भीख कटोरा पकड़े उम्मीदों के धागों में सपने नये पिरोता बचपन दिन भर सड़कों चौराहों पर मजबूरी लेकर बाहों पर मई जून की कड़ी धूप में अपना बदन भिगोता बचपन अपने नन्हे हाथों से साहब के जूते चमकाता नाम नही है कोई इसका ये तो बस छोटू कहलाता जबकि कहते हैं ईश्वर का बाल रूप है होता बचपन कहीं चाय के ढाबे पर झूठे बरतन धोता बचपन....ललित…See More
Feb 13
LALIT KAILASH is now a member of Open Books Online
Feb 13

Profile Information

Gender
Male
City State
DELHI
Native Place
DELHI
Profession
Writting
About me
I'm an poet

LALIT KAILASH's Blog

बचपन

अपने कोमल कान्धो पर

कचरे की बोरी ढोता बचपन

कहीं चाय के ढाबे पर

झूठे बरतन धोता बचपन

कहीं है भोजन की बर्बादी

कहीं भूख से रोता बचपन



तन पर फटे पुराने कपड़े…

Continue

Posted on February 13, 2018 at 1:30pm — 7 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Afroz 'sahr' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"जनाब नादिर खान साहिब, ग़ज़ल में शिरकत और सुख़न नवज़ी का शुक्रिया,,,"
1 minute ago

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"आदरणीय सुरेंद्र जी, शानदार गजल। बधाइयाँ।  रोल, अगर अंग्रेजी वाला शब्द है तो विकल्प देखिए।"
1 minute ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"धन्यवाद आ. गजेंद्र जी"
1 minute ago
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"वाह अफरोज सहर साहिब बहुत ही उम्दा ग़ज़ल कही है। शेर दर शेर मुबारकवाद हाजिर है।"
2 minutes ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"शुक्रिया आ. मोहन बेगोवाल जी"
3 minutes ago

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"आदरणीय अफरोज साहब, उम्दा गजल हुई। बधाइयाँ"
4 minutes ago
Nilesh Shevgaonkar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"शुक्रिया आ. मोहम्मद आरिफ़ साहब"
4 minutes ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"आदरणीय अफ़रोज़ सहर जी आदाब,                    …"
4 minutes ago
Mohammed Arif replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"आदरणीय वासुदेव जी आदाब,                   बेहतरीन ग़ज़ल…"
6 minutes ago

सदस्य कार्यकारिणी
अरुण कुमार निगम replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"आदरणीय महमूदाबाद साहब। बेहतरीन गजल के लिए बधाइयाँ। दाग़ आने लगे नज़र खुद ही । आईना वो दिखा गया है…"
6 minutes ago
नादिर ख़ान replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"आइना वो दिखा गया है मुझेकिस अदा से रुला गया है मुझे। ख्वाब रंगीं दिखा के गुलशन काइक कफ़स में फँसा…"
7 minutes ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-100
"आदरणीय मो० अनीस शेख साहब, आपकी कोशिशें बनी रहें. इस सद्प्रयास के लिए हार्दिक…"
8 minutes ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service