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Sadhvi Saini
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Sadhvi Saini commented on Sadhvi Saini's blog post मेरे किरदार पर धब्बा नही था
"लक्ष्मण धामी जी, अदाब, मैंने एडिट करने की कोशिश की थी मगर हुई नहीं! आपका तहे -दिल से शुक्रियाI प्रणाम!"
Sep 13
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sadhvi Saini's blog post मेरे किरदार पर धब्बा नही था
"आ. साध्वी सैनी जी, गजल का प्रयास अच्छा हुआ है । हार्दिक बधाई । सुधीजनों के मार्गदर्शन से रचना बेहतर निखार पा सकती है।"
Sep 13
Sadhvi Saini posted a blog post

मेरे किरदार पर धब्बा नही था

ग़ज़ल : 1222,1222,122मेरे किरदार पर धब्बा नहीं था तुम्हीं ने ग़ौर से देखा नही थामेरे ग़म को समझता कोई कैसे कोई मेरी तरह तनहा नहीं  थामैं इक ठहरा हुआ तालाब था बस वो दरिया था कभी ठहरा नहीं  थातेरी हर बात सच्ची थी हमेशा फ़क़त लहजा ही बस अच्छा नहीं थान आया जो नदी के पास यारो वो प्यासा था मगर इतना नहीं थानज़र मेरी थी मंज़िल पर हमेशा थकन का पाओं से रिश्ता नहीं  थातुम इसको जीत समझो "जोहना" पर हक़ीक़त ये है वो हारा नहीं थासाध्वी ‘जोहना’मौलिक व अप्रकाशितSee More
Sep 13
Sadhvi Saini commented on Sadhvi Saini's blog post मेरे किरदार पर धब्बा नही था
"आदरणीय Samar kabeer जी,मेरी ग़ज़ल को ओ बी ओ  में शामिल करने के लिए शुक्रिया और सभी सुझावों के लिए भी आपका   तहे- दिल से शुक्रगुज़ार हूँ! सादर प्रणाम!"
Sep 13
Sadhvi Saini commented on Sadhvi Saini's blog post मेरे किरदार पर धब्बा नही था
"आदरणीय Harsh Mahajan ji अदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद और सुख़न नवाज़ी का तहे-दिल से शुक्रियाI सादर!"
Sep 12
Sadhvi Saini commented on Sadhvi Saini's blog post मेरे किरदार पर धब्बा नही था
"आदरणीय DR ARUN KUMAR SHASTRI जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद और सुख़न नवाज़ी का तहे -दिल शुक्रिया I सादर!"
Sep 12
Sadhvi Saini commented on Sadhvi Saini's blog post मेरे किरदार पर धब्बा नही था
"आदरणीय अमरूदीन अमीर जी स्वागत के लिए तहे दिल से शुक्रिया! सभी सुझावों  के लिय आपकी शुक्रगुज़ार हूँI सादर प्रणामI "
Sep 12
Harash Mahajan commented on Sadhvi Saini's blog post मेरे किरदार पर धब्बा नही था
"बहुत ही खूबसूरत ख्यालों भरी रचना आदरणीय सैनी जी।  सादर"
Sep 12
Samar kabeer commented on Sadhvi Saini's blog post मेरे किरदार पर धब्बा नही था
"मुहतरमा साध्वी सैनी जी आदाब, ओबीओ पर आपका स्वागत है । ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,और इस ग़ज़ल की फ़ीचर ब्लॉग में शामिल होने पर बधाई स्वीकार करें । बहुत कुछ समझाइश जनाब अमीर जी दे ही चुके हैं । 'तिरी हर बात सच्ची थी हमेशा फकत लहज़ा ही बस अच्छा…"
Sep 12
DR ARUN KUMAR SHASTRI commented on Sadhvi Saini's blog post मेरे किरदार पर धब्बा नही था
"मोहतरमा साध्बी सैनी जी को एक अबोध बालक का  आदाब पहुंचे आपकी ग़ज़ल बेहतरीन / मुझे इस गजल की ये लाइन्स बहुत मार्मिक लगी ये हम सभी के किर् दार का अनछुआ हिस्सा  हैं **मेरे ग़म को समझता कोई कैसेकोई मेरी तरह तनहा नही था"
Sep 12
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on Sadhvi Saini's blog post मेरे किरदार पर धब्बा नही था
"आदरणीया साध्वी सैनी 'जोहना' जी आदाब, ओ बी ओ के मंच पर आपका हार्दिक स्वागत है। ओ बी ओ पर आपकी पहली प्रदर्शित ग़ज़ल शानदार हुई है, सभी शे'र इन्सानी जज़्बात से लबरेज़ और रवानी में हैं आपको भरपूर दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ और पहली…"
Sep 12
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मेरे किरदार पर धब्बा नही था

ग़ज़ल : 1222,1222,122मेरे किरदार पर धब्बा नहीं था तुम्हीं ने ग़ौर से देखा नही थामेरे ग़म को समझता कोई कैसे कोई मेरी तरह तनहा नहीं  थामैं इक ठहरा हुआ तालाब था बस वो दरिया था कभी ठहरा नहीं  थातेरी हर बात सच्ची थी हमेशा फ़क़त लहजा ही बस अच्छा नहीं थान आया जो नदी के पास यारो वो प्यासा था मगर इतना नहीं थानज़र मेरी थी मंज़िल पर हमेशा थकन का पाओं से रिश्ता नहीं  थातुम इसको जीत समझो "जोहना" पर हक़ीक़त ये है वो हारा नहीं थासाध्वी ‘जोहना’मौलिक व अप्रकाशितSee More
Sep 11
Sadhvi Saini posted a blog post

मेरे किरदार पर धब्बा नही था

ग़ज़ल : 1222,1222,122मेरे किरदार पर धब्बा नहीं था तुम्हीं ने ग़ौर से देखा नही थामेरे ग़म को समझता कोई कैसे कोई मेरी तरह तनहा नहीं  थामैं इक ठहरा हुआ तालाब था बस वो दरिया था कभी ठहरा नहीं  थातेरी हर बात सच्ची थी हमेशा फ़क़त लहजा ही बस अच्छा नहीं थान आया जो नदी के पास यारो वो प्यासा था मगर इतना नहीं थानज़र मेरी थी मंज़िल पर हमेशा थकन का पाओं से रिश्ता नहीं  थातुम इसको जीत समझो "जोहना" पर हक़ीक़त ये है वो हारा नहीं थासाध्वी ‘जोहना’मौलिक व अप्रकाशितSee More
Sep 11
Sadhvi Saini commented on Harash Mahajan's blog post जाने क्यूँ आज है औरत की ये औरत दुश्मन
"आदरणीय हर्ष महाजन जी आदाब , ग़ज़ल के लिए बधाई स्वीकार करें ।"
Sep 10
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भारतीय छंद विधान

इस समूह में भारतीय छंद शास्त्रों पर चर्चा की जा सकती है | जो भी सदस्य इस ग्रुप में चर्चा करने के इच्छुक हों वह सबसे पहले इस ग्रुप को कृपया ज्वाइन कर लें !See More
Sep 10
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English Literature

You can write English literature in this Group.See More
Sep 10

Profile Information

Gender
Female
City State
Beverly Hills CA
Native Place
Himachal ( India)
Profession
Home maker
About me
I did my Masters in Economics from HP University, Masters in HRM and MBA in USA. I also have done B.Ed. I write poetry in English but currently I am learning writing ghazals .English

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मेरे किरदार पर धब्बा नही था

ग़ज़ल : 1222,1222,122

मेरे किरदार पर धब्बा नहीं था

तुम्हीं ने ग़ौर से देखा नही था

मेरे ग़म को समझता कोई कैसे

कोई मेरी तरह तनहा नहीं  था

मैं इक ठहरा हुआ तालाब था बस

वो दरिया था कभी ठहरा नहीं  था

तेरी हर बात सच्ची थी हमेशा 

फ़क़त लहजा ही बस अच्छा नहीं था

न आया जो नदी के पास यारो

वो प्यासा था मगर इतना नहीं था

नज़र मेरी थी मंज़िल पर…

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Posted on September 10, 2020 at 11:00pm — 10 Comments

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