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Surkhab Bashar
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Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब क़मर जौनपुरी साहब बेहतरीन ग़ज़ल के लिये दाद के साथ मुबारक बाद कुबूल करें "
Mar 23
Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"आ.  सुरेंद्र नाथ सिहं "बहुत ही बेहतरीन ग़ज़ल कही आपने हर शेर काबिले  दाद है मुबारक बाद कुबूल करें"
Mar 23
Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"मोहतरमा  राजेश कुमारी साहिब  दिल से शुक्रिया आपका "
Mar 23
Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब आसिफ़ जेदी साहब बहुत बहुत शुक्रिया आपने हिम्मत अफ्ज़ाई की"
Mar 23
Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब नादिर ख़ान साहब ग़ज़ल को पसंद फरमाकर मुझे होसला बख्शा  मैं आपका बहुत शुक्रगुज़ार हूं"
Mar 23
Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब दस्दीक़ अहमद साहब इतनी मुशकिल ज़मीन में आपने इतने सारे  अशआर कहौ हैं आपने  मुबारक बाद"
Mar 22
Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब नादिर खान साहब बेहतरीन ग़ज़ल के लिये मुबारक बाद"
Mar 22
Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब तनवीर साहब,  तरह ग़ज़ल पे बेहतरीन अशआर कहे, है  दिल से, मुबारक बाद "
Mar 22
Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब आसिफ़ ज़ेदी साहिब  उम्दा ग़ज़ल के लिये मुबारक पेश करता हुं कुबूल करें"
Mar 22
Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"मोहतरमा  राजेश कुमारी साहिबा  आदाब, उम्दा  ग़ज़ल के  लिए  शेर दर शेर मुबारक बाद कुबूल क"
Mar 22
Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"जनाब  अनीस शेख़ साहब आदाब सुख़न नवाजी के लिये ममनून हूं "
Mar 22
Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"मोहतरम समर कबीर साहिब  आदाब  सुख़न नवाज़ी का बेहद शुक्रिया"
Mar 22
Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"आ.  'सुरेन्द्र  नाथ सिंह  ' जी  आदाब ग़ज़ल को पसंद करने के लिये  दिल से शुक्रिया आपका आपने होसला अफ्ज़ाई की"
Mar 22
Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"मोहतरम जनाब समर कबीर साहब  आदब  बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है दाद के साथ मुबारक बाद कुबूल कीजिये "
Mar 22
Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-105
"ग़ज़ल आओ इस देश को मिलजुल के गुलिस्ताँ कर दें इसके उजड़े हुए शहरों में चराग़ाँ कर दें हम वतन के हैं वो जाँबाज़ सिपाही यारो वक़्त आ जाए तो ये जान भी क़ुरबां कर दें अपनी मिहनत के उजालों को बदन पर मल कर ऐसे चमकें कि सितारों को पशेमाँ कर दें पीट…"
Mar 22
Surkhab Bashar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-104
"जी बहुत बहुत शुक्रिया  जनाब नादिर ख़ान साहब "
Feb 23

Profile Information

Gender
Male
City State
Ujjain
Native Place
Ujjain
Profession
Poet

Surkhab Bashar's Blog

ग़ज़ल: फिर ज़िंदगी से अपनी पहचान हो न जाए

फिर ज़िंदगी से अपनी पहचान हो न जाए

साँसों का आना जाना आसान हो न जाए



अपनी शनावरी पे इतरा न ऐ शनावर

शोहरत का ये समुंदर दालान हो न जाए



इस बार भी मैं दफ़्तर ताख़ीर से गया तो

डर है कि नौकरी का नुक़सान हो न जाए



मज़लूम पे सितम के तुम ती मत चलाओ

अशकों से रेज़ा रेज़ा चट्टान हो न जाए



अपना समझ के जिस की देहलीज़ चढ़ रहा हूँ

यारों कहीं वो हम से अंजान हो न जाए



"सुरख़ाब"उड़ न जाएें यादों के ये कबूतर

दिल का…

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Posted on December 12, 2018 at 11:00am — 1 Comment

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At 11:47am on December 25, 2018, Samar kabeer said…

बहुत बहुत शुक्रिया,सुरख़ाब बशर साहिब ।

At 6:45am on November 21, 2018, Ahmed Maris said…

Good Day,
How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day
Thanks God bless.
Stella.

 
 
 

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