For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Sushil Kumar Verma
  • Maharajganj, Uttarpradesh
  • India
Share
 

Sushil Kumar Verma's Page

Latest Activity

Mohammed Arif commented on Sushil Kumar Verma's blog post शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के
"आदरणीय सुशील कुमार जी आदाब, बहुत भी बेहतरीन रचना । हार्दिक बधाई स्वीकार करें । आदरणीय सुरेंद्रनाथ जी की बातों का संज्ञान लें ।"
Monday
Samar kabeer commented on Sushil Kumar Verma's blog post शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के
"जनाब सुशील कुमार वर्मा जी आदाब,अच्छा प्रयास है,बधाई स्वीकार करें । जनाब सुरेन्द्र जी की बातों का संज्ञान लें ।"
Sunday
Sushil Kumar Verma commented on Sushil Kumar Verma's blog post शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के
"बहुत बहुत धन्यवाद सुरेन्द्र नाथ जी!! आपने मेरे कमियों को बताया"
Sunday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Sushil Kumar Verma's blog post शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के
"आद0 सुशील कुमार वर्मा जी सादर अभिवादन, अच्छा प्रयास किया है आपने पर कविता में शब्दकल सही शब्द संयोजन और तुकान्तता का विशेष महत्व होता है। एक समान मात्रा भार आप लेते और शब्दकल सटीक होते तो गेयता आ जाती। तुकान्तता पर भी विशेष ध्यान दीजिए, चाल से की…"
Sunday
Sushil Kumar Verma posted a blog post

शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के

शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के, मौसम ने यूं पलट खाया, शीतल हो उठा कण-कण धरती का, कोहरे ने बिगुल बजाया!! हीटर बने हैं भाग्य विधाता, चाय और कॉफी की चुस्की बना जीवनदाता, सुबह उठ के नहाने वक्त, बेचैनी से जी घबराता!! घर से बाहर निकलते ही, शरीर थरथराने लगता, लगता सूरज अासमां में आज, नहीं निकलने का वजह ढूढ़ता!! कोहरे के दस्तक के आतंक ने, सुबह होते ही हड़कंप मचाया, शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के मौसम ने यूं पलटा खाया!! दुबक पड़े इंसान रजाईयों में, ठण्ड की मार से, कांप उठा कण-कण धरती का मौसम की चाल से!! बजी नया…See More
Friday
Sushil Kumar Verma replied to K.Kumar 's discussion 'विकास' की कसौटी in the group सामाजिक सरोकार
"आदरणीय के कुमार अभिषेक जी आपकी लेख वाकई सत्य है!!"
Friday
Sushil Kumar Verma added a discussion to the group सामाजिक सरोकार
Thumbnail

दिल्ली एनसीआर की प्रदूषण खतरा की घंटी

दिल्ली एनसीआर में इस समय वायु प्रदूषण बहुत भयावह स्थिति में है ! सड़क पर कहीं भी सांस लेना मुश्किल हो गया है! लेकिन सरकार और अन्य जिम्मेदार विभाग इसका उपाय नहीं ढूंढ़ पा रहे हैं,बल्कि एक दूसरे के ऊपर सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी जरूर की जा रही है! प्रदूषण से लोगों का घर से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है ! हालत यह है कि एक आदमी के शरीर में एक दिन में कई सिगरेट के बराबर धुआँ जा रही है!इससे उनके शरीर पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है!इस भयावह समस्या को निदान के लिए सरकार और नागरिक दोनों को सचेत होना होगा!सुशील…See More
Friday
Sushil Kumar Verma added a discussion to the group विद्यार्थी कोना
Thumbnail

सुशील कुमार वर्मा की लेख

मैं सुशील कुमार वर्मा जो कि दीन दयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में कला संकाय (भूगोल,समाजशास्त्र,इतिहास) का नियमित छात्र हूँ!
Friday
Sushil Kumar Verma joined Admin's group
Thumbnail

चित्र से काव्य तक

"ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोंत्सव" में भाग लेने हेतु सदस्य इस समूह को ज्वाइन कर ले |See More
Nov 15
Sushil Kumar Verma joined Admin's group
Thumbnail

विद्यार्थी कोना

यहाँ युवाओं के शिक्षा, रोजगार इत्यादि विषयों पर जानकारी, परिचर्चा आरम्भ किया जा सकता है |
Nov 15
Sushil Kumar Verma joined Admin's group
Thumbnail

सामाजिक सरोकार

सामाजिक सरोकार से जुड़ी हुई लेख और रचनायें यहाँ पर पोस्ट किया जा सकता है,
Nov 15
Sushil Kumar Verma commented on Admin's group ग़ज़ल की कक्षा
"मैं गजल की कक्षा हाल में ही ज्वाइन किया!! आशा है कि आप सभी गुरुजनों का मुझ पर आर्शीवाद बना रहेगा!!"
Nov 15
Sushil Kumar Verma joined Admin's group
Thumbnail

ग़ज़ल की कक्षा

इस समूह मे ग़ज़ल की कक्षा आदरणीय श्री तिलक राज कपूर द्वारा आयोजित की जाएगी, जो सदस्य सीखने के इच्‍छुक है वो यह ग्रुप ज्वाइन कर लें |धन्यवाद |See More
Nov 15
Sushil Kumar Verma left a comment for Er. Ganesh Jee "Bagi"
"आदरणीय बागी सर जी बधाई हो आपकी पुस्तक की एक प्रति मुझे भी चाहिए!! सुशील कुमार वर्मा पता:- गोरखपुर Whatsapp मोन:- 7571988131"
Nov 15
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Sushil Kumar Verma's blog post देश के भविष्य
"आद0 सुशील जी सादर अभिवादन, रचना का भाव पक्ष बेहतरीन है, कला पक्ष को भी देखिए, बहुत सुंदर कविता बनेगी। कुछ वर्तनीगत त्रुटियों को भी दूर करना है। इस प्रयास पर बधाई।"
Nov 15
vijay nikore commented on Sushil Kumar Verma's blog post देश के भविष्य
"अति सुन्दर रचना के लिए बधाई।"
Nov 14

Profile Information

Gender
Male
City State
Maharajganj
Native Place
Gorakhpur
Profession
Student
About me
I am a Hindi poet

Sushil Kumar Verma's Blog

शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के

शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के,

मौसम ने यूं पलट खाया,

शीतल हो उठा कण-कण धरती का,

कोहरे ने बिगुल बजाया!!



हीटर बने हैं भाग्य विधाता,

चाय और कॉफी की चुस्की बना जीवनदाता,

सुबह उठ के नहाने वक्त,

बेचैनी से जी घबराता!!



घर से बाहर निकलते ही,

शरीर थरथराने लगता,

लगता सूरज अासमां में आज,

नहीं निकलने का वजह ढूढ़ता!!



कोहरे के दस्तक के आतंक ने,

सुबह होते ही हड़कंप मचाया,

शंख बजे ज्यों ही ठण्डी के

मौसम ने यूं पलटा…

Continue

Posted on November 17, 2017 at 10:00am — 4 Comments

देश के भविष्य

तु देश का भविष्य है,

ऐ कैसा तेरा भेष है,

जिस कंधों पर होना चाहिए बस्ता,

उस कंधों पर कितना बोझ है !!



तु उन चारदीवारों से क्यों दूर है,

शिक्षा की मन्दिर से कहां गुम है,

जिस हाथ में होना चाहिए कलम,

उस हाथ को चाय बेचने का काम है !!



ज़िन्दगी का अध्ययन का पल तुमसे क्यों दूर है,

आखिर तू भी उसी अल्लाह का नूर है,

जिस आंखों में होना चाहिए ख्वाब,

उन आँखों में दर्द आंसूओं का सैलाब है !!



सरकार और परिवार चुप क्यों है,

ये बच्चे… Continue

Posted on November 12, 2017 at 9:33am — 7 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post तेरे प्यार में दिल को बेक़रार करते हैं - सलीम रज़ा रीवा
"अली जनाब तस्दीक साहब, आपकी महब्बत के लिए शुक्रिया, मशविरे के लिए शुक्रिया, सिर्फ टाइपिंग की गलती…"
1 hour ago
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post तेरे प्यार में दिल को बेक़रार करते हैं - सलीम रज़ा रीवा
"शुक्रिया जनाब आरिफ साहब."
1 hour ago
SALIM RAZA REWA commented on SALIM RAZA REWA's blog post तेरे प्यार में दिल को बेक़रार करते हैं - सलीम रज़ा रीवा
"आली जनाब समर साहब, ग़ज़ल पे आपकी शिरक़त और मशविरे के लिए शुक्रिया, जनाब 'में' टाइप नहीं…"
1 hour ago
रोहिताश्व मिश्रा commented on रोहिताश्व मिश्रा's blog post एक कोशिश
"बहुत बहुत आभार सर"
5 hours ago
रोहिताश्व मिश्रा posted blog posts
5 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on SALIM RAZA REWA's blog post तेरे प्यार में दिल को बेक़रार करते हैं - सलीम रज़ा रीवा
"जनाब सलीम रज़ा साहिब ,उम्दा ग़ज़ल हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं । शेर 5और6 का सानी मिसरा बह्र में…"
5 hours ago
Mohammed Arif commented on SALIM RAZA REWA's blog post तेरे प्यार में दिल को बेक़रार करते हैं - सलीम रज़ा रीवा
"आदरणीय सलीम रज़ा साहब आदाब, बहुत ही उम्दा ग़ज़ल । हर शे'र माक़ूल । दिली मुबारकबाद क़ुबूल करें । आली…"
6 hours ago
Mohammed Arif commented on रोहिताश्व मिश्रा's blog post एक कोशिश
"जनाब रोहिताश्व जी आदाब, ग़ज़ल का बेहतरीन प्रयास । हार्दिक बधाई स्वीकार करें । आपने ग़ज़ल के ऊपर अर्कान…"
6 hours ago
Mohammed Arif commented on Sushil Sarna's blog post अजल की हो जाती है....
"आदरणीय सुशील सरना जी आदाब, सुंदर ख़्यालों के रेशमी धागों की बुनी मखमली ज़िंदगी की चादर । हार्दिक बधाई…"
6 hours ago
Naveen Mani Tripathi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल - कोई आँचल उड़ान चाहता है
"आ0 कबीर सर सादर नमन । आपका सुझाव ही तो मेरा पुरष्कार है । आपके सुझाव से तो मेरी ग़ज़ल और निखर के आती…"
7 hours ago
Samar kabeer commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल - कोई आँचल उड़ान चाहता है
"जनाब नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है,शैर दर शैर दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ…"
8 hours ago
पंकजोम " प्रेम " commented on पंकजोम " प्रेम "'s blog post " शायरी "
"आपके आशिर्वाद का दिल से शुक्रगुज़ार हूँ , आ0 दादा समर कबीर जी , अफरोज़ जी , उस्मानी जी ..... और निखार…"
10 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service