For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

amod shrivastav (bindouri)
  • Male
  • फतेहपुर,उत्तर-प्रदेश
  • India
Share

Amod shrivastav (bindouri)'s Friends

  • Kalipad Prasad Mandal
  • DIGVIJAY
  • Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"
  • जयनित कुमार मेहता
  • डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव
  • Amod Kumar Srivastava
  • ASHISH KUMAAR TRIVEDI
  • मिथिलेश वामनकर
  • वीनस केसरी
  • Saurabh Pandey

facebook

Loading… Loading feed

 

amod shrivastav (bindouri)'s Page

Latest Activity

Samar kabeer commented on amod shrivastav (bindouri)'s blog post यूँ इश्क का इक सुकून हूँ मैं..
"//कौन * जी ये काफ़िया गलत है । इसपर जानकारी चाहिए थी // इस पर क्या जानकारी चाहिए? //क्या किसी शब्द का एक मिसरे दो बार आना दोष पूर्ण होता है// किसी शब्द का एक मिसरे में दो बार आना,दोष भी है,और हुनर भी है,आपके मिसरे में ये उचित नहीं है । 'मैं…"
Friday
amod shrivastav (bindouri) commented on amod shrivastav (bindouri)'s blog post यूँ इश्क का इक सुकून हूँ मैं..
"आ समर दादा नमन दादा क्या किसी शब्द का एक मिसरे दो बार आना दोष पूर्ण होता है । वो मिसरा दो भाग में बट रहा था मुझे ठीक लगा इसलिए मैं से मैं में ख़त्म किया । कौन * जी ये काफ़िया गलत है । इसपर जानकारी चाहिए थी ।"
Friday
Samar kabeer commented on amod shrivastav (bindouri)'s blog post यूँ इश्क का इक सुकून हूँ मैं..
"जनाब आमोद बिंदौरी जी आदाब,ग़ज़ल अभी समय चाहती है,बहरहाल बधाई स्वीकार करें । दूसरे शैर के सानी में दो बार "मैं"? 'अभी भी शक है कि कौन हूं मैं' इस मिसरे में क़ाफ़िया दोष है ।"
Friday
amod shrivastav (bindouri) commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post जब आपकी नज़र में वफ़ा सुर्ख़रू नहीं (२७ )
" आ दादा रचना की बधाई  सभी अर्शआर अच्छे लगे ...नमन"
Feb 14
amod shrivastav (bindouri) commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आ  रचना के लिए बधाई ... ये...सड़क पे लेके सियासत अवाम उतरी है " बहुत खूब "
Feb 14
amod shrivastav (bindouri) posted a blog post

यूँ इश्क का इक सुकून हूँ मैं..

121-22-121-22नये ज़माने का खून हूँ मैं।।पुराने स्वेटर का ऊन हूँ मैं।।मुझे न पढ़ना न पढ़ सकोगे।मैं अहदे उल्फ़त* जुनून हूँ मैं। time of loveअजब! सिफारिश मेरी करोगे।अभी भी शक है कि कौन हूं मैं।।करोगे क्या मेरे ज़ख्म सी कर।यूँ इश्क का इक सुकून हूँ मैं।।मकान मेरा नहीं है गुम सा।पुराने घर से दरून* हूँ मैं।। (दिल,मध्य कोर)के हिज्र हो या विसाल तेरा।हूँ दोनों शय में ,सुकून हूँ मैं।।आमोद बिन्दौरी / मौलिक अप्रकाशितSee More
Feb 14
amod shrivastav (bindouri) commented on amod shrivastav (bindouri)'s blog post सुन! जो उनसे हो मुलाकात जाये तो क्या होगा
"आ रक्षिता दी ...उत्साहवर्धन के लिए आभार ...दी जो आप ने इंगित किया वो सही है । पर मैंने इस रचना में अपनी बात बोलचाल में कहने का प्रयास किया है । बह्र में ये कह पाना नए होने की दृस्टि से मेरे लिए बहुत कठिन था ।  इसमें मैं किसी अपने से अपने जज्बात…"
Feb 10
amod shrivastav (bindouri) commented on amod shrivastav (bindouri)'s blog post सुन! जो उनसे हो मुलाकात जाये तो क्या होगा
"आ समर दादा प्रणाम ... दादा मार्गदर्शन के लिए आभार, शिल्प का आसाय मैं समझ नही पा रहा हूँ ।  क्या आप का कहन को लेकर प्रश्न है । रही व्याकरण की बात तो वो तो बिलकुल नहीं आती है। मैं ध्यान दे रहा हूँ जैसे ही मुझे समझ आएगा मैं त्रुटियां सही करने का…"
Feb 10
Samar kabeer commented on amod shrivastav (bindouri)'s blog post सुन! जो उनसे हो मुलाकात जाये तो क्या होगा
"जनाब आमोद बिंदौरी जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास बह्र के हिसाब से अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । शिल्प और व्याकरण पर और अभ्यास करें ।"
Feb 8
Rakshita Singh commented on amod shrivastav (bindouri)'s blog post सुन! जो उनसे हो मुलाकात जाये तो क्या होगा
"आदरणीय अमोद जी ,नमस्कार ! बहुत सुंदर भाव, बधाई हो। "जाये तो क्या होगा"  के स्थान पर यदि रदीफ़  "हो जाये तो क्या होगाा"  ज्यादा उचित रहेेेेगा । कुछ अन्य बदलाव भी जो मुझे आवश्यक लगे, कृपया गौर फरमाइये ।    …"
Feb 8
amod shrivastav (bindouri) posted a blog post

सुन! जो उनसे हो मुलाकात जाये तो क्या होगा

बह्र-2122-2122-1221-222सुन! जो उनसे हो मुलाकात जाये तो क्या होगा ।।दरमियाँ फिर हो वही बात जाये तो क्या होगा।।पर कहीं वो रूठ कर नजरें अपनी घुमा ली तो ।बेबजह यूँ इश्क जजबात जाये तो क्या होगा।।छोड़ उसको फिर न ये दर्द उलफत का देना अब।रो के गर उसकी भी ये रात जाये तो क्या होगा।।जानते हो ,वो यूँ मीलों सफर के जैसा है।दो कदम चल के मुलाकात जाये तो क्या होगा ।।मुझसे वो अच्छे से मिलना नहीं चाहती होगी।बेवफा हूँ, मिल भी खैरात जाये तो क्या होगा ।।आमोद बिन्दौरी / मौलिक- अप्रकाशितSee More
Feb 7
Ajay Tiwari commented on amod shrivastav (bindouri)'s blog post मेरे घर अब उजाला बन के मुझमे कौन रहता है
"आदरणीय आमोद जी, अच्छी ग़ज़ल हुई है. हार्दिक बधाई."
Jan 24
Samar kabeer commented on amod shrivastav (bindouri)'s blog post वही उग आऊंगा मैं भी , अनाजों की तरह ..
"जनाब आमोद बिंदौरी जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । इस ग़ज़ल पर भी वही कहूँगा जो पिछली ग़ज़ल पर कहा था,कि बह्र पर आप क़ाबू पा चुके हैं लेकिन शिल्प और व्याकरण पर अभी अभ्यास की ज़रूरत है,और वो अध्यन से आएगा,और अध्यन आप करते नहीं ।"
Jan 21
amod shrivastav (bindouri) posted blog posts
Jan 21
amod shrivastav (bindouri) commented on क़मर जौनपुरी's blog post गज़ल
"आ बहुत खूब ..कभी गम के बादल,कभी सर्द आहें।पड़ी कितनी बातें भुलानी न पूछो .... बहुत बढ़िया सर"
Jan 20

Profile Information

Gender
Male
City State
fatehpur
Native Place
Bindour
Profession
writing ,& job
About me
मै--- बस-- साधारण इंसान हूँ -

मेरा परिचय

मै माध्यम वर्ग के कायस्थ परिवार से हूँ । निवास उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिला में बिन्दकी तहसील के अंतर्गत बिन्दौर ग्राम में है।किसी विधा की कोई खास जानकारी नही है। बस लिखता हूँ । जो दिल और दिमाक में आयालेखन मेरा बस एक सौख है । या कहु मेरी मानसिक बीमारी जो कागज पर उतर जाती है।मै खुद नही जनता मै ये भाव कैसे लिखता हु।लेकिन लिखता हु। और बस लिखता हूँ ....आप मेरे कविता ,लेख ,अतुकांत,आदि मेरे ब्लॉग"अहसास के कुछ पन्ने"पर पढ़ सकते है।....सादर नमन ...

amod shrivastav (bindouri)'s Photos

  • Add Photos
  • View All

Amod shrivastav (bindouri)'s Blog

यूँ इश्क का इक सुकून हूँ मैं..

121-22-121-22

नये ज़माने का खून हूँ मैं।।

पुराने स्वेटर का ऊन हूँ मैं।।

मुझे न पढ़ना न पढ़ सकोगे।

मैं अहदे उल्फ़त* जुनून हूँ मैं। time of love

अजब! सिफारिश मेरी करोगे।

अभी भी शक है कि कौन हूं मैं।।

करोगे क्या मेरे ज़ख्म सी कर।

यूँ इश्क का इक सुकून हूँ मैं।।

मकान मेरा नहीं है गुम सा।

पुराने घर से दरून* हूँ मैं।। (दिल,मध्य कोर)

के हिज्र हो या विसाल तेरा।

हूँ दोनों शय में…

Continue

Posted on February 13, 2019 at 11:52pm — 3 Comments

सुन! जो उनसे हो मुलाकात जाये तो क्या होगा

बह्र-

2122-2122-1221-222

सुन! जो उनसे हो मुलाकात जाये तो क्या होगा ।।

दरमियाँ फिर हो वही बात जाये तो क्या होगा।।

पर कहीं वो रूठ कर नजरें अपनी घुमा ली तो ।

बेबजह यूँ इश्क जजबात जाये तो क्या होगा।।

छोड़ उसको फिर न ये दर्द उलफत का देना अब।

रो के गर उसकी भी ये रात जाये तो क्या होगा।।

जानते हो ,वो यूँ मीलों सफर के जैसा है।

दो कदम चल के मुलाकात जाये तो क्या होगा ।।

मुझसे वो अच्छे से मिलना नहीं चाहती…

Continue

Posted on February 7, 2019 at 6:37pm — 4 Comments

वही उग आऊंगा मैं भी , अनाजों की तरह ..

बह्र 

1222-1222-1222-12

चलो हमदर्द बन जाओ, ख़यालों की तरह।।

कोई खुश्बू ही बिखराओ गुलाबों की तरह।।

बहुत थक सा गया हूँ जिंदगी से खेल कर।

कजा आगोश में भर लो दुशालों की तरह।।

मुझे बंजर में नफरत से कहीं भी फेंक दो।

वही उग आऊंगा मैं भी, अनाजों की तरहा।।

मुझे पढ़ना अगर चाहो तो पढ़ लेना यूँ ही ।

हुँ यू के जी के बस्ते में, किताबों की तरह।।



मेरी तुलना न कर उल्फ़त, गुलों की बस्ती' से।

मैं काफिर मैकदे में…

Continue

Posted on January 20, 2019 at 7:00am — 1 Comment

मेरे घर अब उजाला बन के मुझमे कौन रहता है

बह्र 1222-1222-1222-1222

बता हर सिम्त तेरा बनके मुझमें कौन रहता है।।

तुझे लेकर अकेला बनके मुझमे कौन रहता है।।

अगर अब मुस्कुराते हो मेरी जद्दोजहद से तुम।

तो बोलो आज तुम सा बनके मुझमें कौन रहता है।।

तुम्हारा प्यार, तुम सा यार तेरी यादें वो सारी।

भुला हर कुछ अवारा बनके मुझमे कौन रहता है।।

गरीबी के दिये सा गर्दिशों में भी मैं जगमग हूँ।

मेरे घर अब उजाला बन के मुझमें कौन रहता है।।

बहा कर खत तेरे सारे यूँ गंगा के…

Continue

Posted on January 17, 2019 at 6:35pm — 2 Comments

Comment Wall (9 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 8:02am on September 13, 2016, Kalipad Prasad Mandal said…

आदरणीय श्रीवास्तव अमोद जी,  नए मित्र के रूप में आपका स्वागत है |

At 12:29pm on April 17, 2016, Sushil Sarna said…

आदरणीय  श्रीवास्तव अमोद विन्दोरी माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर आपको  बधाई। 

At 11:03pm on April 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

श्रीवास्तव आमोद विन्दोरी जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 8:19am on March 30, 2016, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आमोद जी , नये मित्र के  रूप में आपका स्वागत . शुभ कामनाएं . 

At 12:39pm on November 11, 2015, ASHISH KUMAAR TRIVEDI said…

दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएँ

At 10:49pm on August 18, 2015, amod shrivastav (bindouri) said…
धन्यवादसर
At 11:48pm on July 15, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

स्वागत अभिनन्दन 

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सवतरही मुशायरा वलघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

At 5:43am on July 13, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…
ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार की ओर से आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें
At 2:05am on July 12, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

स्वागत अभिनन्दन 

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सव, छंदोत्सव, तरही मुशायरा व लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post जिस मुल्क में ग़रीब के लब पर हँसी नहीं (२९ )
"आदरणीय Samar kabeer साहेब ,आदाब | आपकी हौसला आफजाई के लिए बहुत बहुत आभार | सुखन -परवरी का…"
18 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि)
"मुहतरम जनाब समर साहिब आ दाब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I "
3 hours ago
Samar kabeer commented on विनय कुमार's blog post जन्नत- लघुकथा
"जनाब विनय कुमार जी आदाब,अच्छी लघुकथा लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
3 hours ago
Samar kabeer commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि)
"जनाब तस्दीक़ अहमद साहिब आदाब,अच्छी ग़ज़ल हुई है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।"
3 hours ago
Samar kabeer commented on Pradeep Devisharan Bhatt's blog post अपबे वतन में बेघर
"जनाब प्रदीप भट्ट जी आदाब,अच्छे भाव के लिए बधाई ।"
3 hours ago
Samar kabeer commented on Rahila's blog post सुनो..!
"अच्छी रचना हुई,बधाई ।"
3 hours ago
Samar kabeer commented on दिगंबर नासवा's blog post गज़ल - दिगंबर नासवा -3
"जी,यही बहतर है,सहीह निर्णय ।"
4 hours ago
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post जागो भाग्य विधाताओ
"आदरणीय समर साहिब बहुत आभार।"
5 hours ago
दिगंबर नासवा commented on दिगंबर नासवा's blog post गज़ल - दिगंबर नासवा -3
"सहमत हूँ आदरणीय समर जी ... इस शेर को खारिज करना ही उचित है ..."
5 hours ago
अजय गुप्ता commented on अजय गुप्ता's blog post एक ग़ज़ल (वैलेंटाइन डे स्पेशल)
"जी, शुक्रिया। "
8 hours ago
rakesh gupta commented on rakesh gupta's blog post तुम चाहते हो आज भी लिखूं, कुंमकुंम, चन्दन, रोली जी
"आभार भाई जी"
9 hours ago
Pradeep Devisharan Bhatt shared Tasdiq Ahmed Khan's blog post on Facebook
10 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service