For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

santosh khirwadkar
Share

Santosh khirwadkar's Friends

  • सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'
  • Gurpreet Singh
  • KALPANA BHATT ('रौनक़')
  • बसंत कुमार शर्मा
  • Samar kabeer
  • Gajendra shrotriya
  • मिथिलेश वामनकर
 

santosh khirwadkar's Page

Latest Activity

santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post भुलाने के लिए राज़ी...संतोष
"शुक्रिया आदरणीय अजय साहब...!!!"
8 hours ago
Ajay Tiwari commented on santosh khirwadkar's blog post भुलाने के लिए राज़ी...संतोष
"आदरणीय संतोष जी, आपने मक्ते में आपने नाम का इस्तेमाल जिस तरह किया है वो बेहतरीन है. अच्छी ग़ज़ल हुई है. हार्दिक बधाईयाँ. सादर "
10 hours ago
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post भुलाने के लिए राज़ी...संतोष
"आदरणीय आरिफ़ साहब ...शुक्रिया!!!"
Sunday
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post भुलाने के लिए राज़ी...संतोष
"आदरणीय विश्वकर्मा जी ,शुक्रिया!!!"
Sunday
Mohammed Arif commented on santosh khirwadkar's blog post भुलाने के लिए राज़ी...संतोष
"आदरणीय संतोष खिरवड़कर जी आदाब,                                          बेहतरीन ग़ज़ल । हर शे'र बढ़िया । दिली मुबारकबाद क़ुबूल करें ।"
Saturday
Ram Awadh VIshwakarma commented on santosh khirwadkar's blog post भुलाने के लिए राज़ी...संतोष
"आदरणीय संतोष जी खूबसूरत ग़जल के लिये बधाई।"
Saturday
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post भुलाने के लिए राज़ी...संतोष
"आदरणीय समर साहब ,प्रणाम के साथ तहेदिल से शुक्रिया!!!"
Friday
Samar kabeer commented on santosh khirwadkar's blog post भुलाने के लिए राज़ी...संतोष
"जनाब संतोष जी आदाब,बहुत उम्दा ग़ज़ल हुई है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।"
Friday
santosh khirwadkar posted blog posts
Friday
santosh khirwadkar commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल - कोई आँचल उड़ान चाहता है
"कोई आँचल उड़ाना चाहता है.....आदरणीय ख़ूबसूरत ग़ज़ल हुई!!"
Nov 24
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post कुछ मिठास पाने को .....संतोष
"शुक्रिया आदरणीय अफ़रोज़ साहब !!"
Nov 24
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post कुछ मिठास पाने को .....संतोष
"धन्यवाद आदरणीय विजय जी !!!!"
Nov 24
Afroz 'sahr' commented on santosh khirwadkar's blog post कुछ मिठास पाने को .....संतोष
"आदरणीय संतोष जी इस रचना पर बहुत बहुत बधाई आपको, "तैर कर तो दरया को पार कर नहीं सकते" ये मिसरा " मोहमिल" है। देखिएगा, सादर,,"
Nov 23
vijay nikore commented on santosh khirwadkar's blog post कुछ मिठास पाने को .....संतोष
"अच्छी गज़ल कही है। बधाई।"
Nov 23
santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post कुछ मिठास पाने को .....संतोष
"धन्यवाद आदरणीय  बृजेश कुमार जी !!!"
Nov 21
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on santosh khirwadkar's blog post कुछ मिठास पाने को .....संतोष
"बहुतखूब ग़ज़ल कही आदरणीय..बधाई"
Nov 21

Profile Information

Gender
Male
City State
Bhopal
Native Place
Indore
Profession
Govt service
About me
National table-tennis player/coach

Santosh khirwadkar's Blog

भुलाने के लिए राज़ी...संतोष

ग़ज़ल

मफ़ाईलुन मफ़ाईलुन मफ़ाईलुन मफ़ाईलुन

भुलाने के लिए राज़ी तुझे ये दिल नहीं होता

तभी तो याद से तेरी कभी ग़ाफ़िल नहीं होता

महब्बत को अभी तक मैंने अपनी राज़ रक्खा है

तुम्हारा ज़िक्र यूँ मुझसे सरे महफ़िल नहीं होता

तुझे ही ढूँढता रहता मैं अपने आप में हर दम

सनम तू मेरे जीवन में अगर शामिल नहीं होता

दग़ा देना ही आदत बन गई हो जिसकी ऐ यारो

भरोसे के कभी वो आदमी क़ाबिल नहीं होता

हमेशा बीज बोता है जो…

Continue

Posted on December 8, 2017 at 9:30am — 8 Comments

कुछ मिठास पाने को .....संतोष

फ़ाइलुन मफ़ाईलुन फाइलुन मफ़ाईलुन



कुछ मिठास पाने को तल्खियाँ ज़रूरी हैं

क़ुर्ब के लिए जैसे दूरियाँ ज़रूरी हैं



सिर्फ़ रोने धोने से दिल न उनका पिघलेगा

साथ अश्क बारी के सिसकियाँ ज़रूरी हैं



तैर कर तो दरया को पार कर नहीं सकते

इसके वास्ते यारो किश्तियाँ ज़रूरी हैं



देख सूखी धरती में फ़स्ल उग नहीं सकती

बारिशों के मौसम में बदलियाँ ज़रूरी हैं



जब मकां बनाओ तो ध्यान ये भी रख लेना

धूप के लिए कुछ तो खिड़कियाँ ज़रूरी… Continue

Posted on November 18, 2017 at 11:30am — 13 Comments

खेल दिल का अजीब होता है.....संतोष

फ़ाइलातून मफ़ाइलुन फेलुन

खेल दिल का अजीब होता है
कौन किसके क़रीब होता है

प्यार मिलता,किसी को रुसवाई
अपना अपना नसीब होता है

काम आए बुरे समय में जो
वो ही सच्चा हबीब होता है

प्यार है जिसके पास वो इंसां
इस जहाँ में ग़रीब होता है

राज़ जिसको बता दिया दिल का
वो ही मेरा रक़ीब होता है
#संतोष
(मौलिक एवं अप्रकाशित)

Posted on October 26, 2017 at 4:59pm — 12 Comments

हुस्न को ......संतोष

अरकान:-फाइलुन मफ़ाईलुन

हुस्न को छुपा कर रख
तू इसे बचा कर रख

अक्स है मेरा इनमें
आँखों को झुका कर रख

इश्क़ है अगर तुझको
आरज़ू दबा कर रख

ज़िन्दगी का मारा हूँ
सीने से लगा कर रख

रौशनी मिले सबको
इक दिया जला कर रख
~संतोष
(मौलिक एवं अप्रकाशित)

Posted on October 16, 2017 at 10:52pm — 5 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Mohammed Arif commented on रामबली गुप्ता's blog post चुनावी दोहे-रामबली गुप्ता
"आदरणीया राजेश कुमारी जी आदाब,                    …"
12 minutes ago
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post जाड़े के दोहे
"बहुत -बहुत आभार सोमेश  कुमार जी ।"
18 minutes ago
Samar kabeer commented on Kalipad Prasad Mandal's blog post ग़ज़ल -दिल को’ जिसने बेकरारी दी वही अहबाब था-कालीपद 'प्रसाद'
"'बेताब' इसलिये नहीं ले सकते कि सानी में "शबताब" क़ाफ़िया है, हाँ एक विकल्प है…"
30 minutes ago
Rohit dobriyal"मल्हार" commented on rajesh kumari's blog post इश्क़ करने की चलो आज सजा हो जाए (ग़ज़ल 'राज')
"वाह क्या खूब लिखा है...... बेवफाई का तो दस्तूर निभाया तुमने   अब कोई रस्म जुदाई की अदा हो…"
1 hour ago
Manoj kumar shrivastava commented on डॉ पवन मिश्र's blog post नवगीत- लुटने को है लाज द्रौपदी चिल्लाती है
"आदरणीय डाॅ. पवन मिश्र जी सादर वन्दे! बहुत ही अच्छी रचना है। सादर बधाई स्वीकार करें।"
1 hour ago
रामबली गुप्ता posted a blog post

चुनावी दोहे-रामबली गुप्ता

आज चुनावी रंग में, रँगे गली औ' गाँव। प्रत्याशी हर व्यक्ति के, पकड़ रहे हैं पाँव।।1।।पोस्टर बैनर से…See More
2 hours ago
Manoj kumar shrivastava commented on Veena Sethi's blog post जीवन
"आदरणीया वीणा जी सादर नमस्कार! सकारात्मक भावनाओं की ओर इंगित करती हुई इस कविता के लिए आपको कोटिशः…"
2 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post ज़हनियत (लघुकथा)
"आद० सोमेश कुमार जी की बात से मैं भी सहमत हूँ .  बाकि लघु कथा तो हमेशा की तरह बहुत अच्छी लिखी…"
2 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on नादिर ख़ान's blog post बीमार?
"कम शब्दों में आज के मेडिकल सिस्टम की पोल खोल कर रख दी बेहतरीन लघु कथा आद० नादिर खान जी बहुत बहुत…"
2 hours ago

सदस्य कार्यकारिणी
rajesh kumari commented on Manan Kumar singh's blog post बापू की जय(लघु कथा)
"वाह्ह्ह वाह्ह्ह बेहतरीन कटाक्ष करती हुई लघु कथा ..हार्दिक बधाई आद० मनन कुमार जी "
2 hours ago
Kalipad Prasad Mandal commented on Kalipad Prasad Mandal's blog post ग़ज़ल -दिल को’ जिसने बेकरारी दी वही अहबाब था-कालीपद 'प्रसाद'
"आ समर कबीर साहब आदाब , ऐराब का अर्थ उर्दू शब्दकोष के अनुसार वह पैदल सेना जो राजा को बचाने के लिए…"
3 hours ago
Kalipad Prasad Mandal commented on TEJ VEER SINGH's blog post मृत्यु भोज - लघुकथा –
"लघुकथा के के माद्यम से अनादि काल से चला आया कुसंस्कार पर आपने सुन्दर वार किया है आ तेजवीर सिंह…"
3 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service