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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s Blog – February 2017 Archive (1)

बचा है खोट से जब तक - (ग़ज़ल) - लक्ष्मण धामी ‘मुसाफिर’

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जुबाँ पर वो  नहीं चढ़ता मनन उसका नहीं होता

जो बाँटा खौफ करता हो भजन उसका नहीं होता।1।



जो करता बात जयचंदी  वतन उसका नहीं होता

जिसे हो प्यार पतझड़ से चमन उसका नहीं होता।2।



जिसे लालच हो कुर्सी का जो करता दोगली बातें

वतन हित में कभी लोगों कथन उसका नहीं होता।3।



गगन उसका हुआ करता जो दे परवाज का साहस

जो काटे पंख  औरों  के  गगन उसका नहीं होता।4।



समर्पण  माँगता है प्यार  निश्छल  भाव वाला बस

नजर हो सिर्फ दौलत…

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Added by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on February 2, 2017 at 11:21am — 6 Comments

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