For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

दीपावली की शुभकामनाये

         

आओ मिलकर दीप जलाये

दीप, लड़ियों से घर सजा

हर तरह का तम मिटा

जग को प्रकाश की सौगात दिलाये

आओ मिलकर दीप जलाये

 

प्रेम की ज्योति जला के हृदय

बैर से मुक्ति, जग दिलाये

उपहार में बाँट के सदभावना

मीठास की ऐसी रीत चलाये

आओ मिलकर दीप जलाये

 

क्रोध अग्नि को विजित कर

सयंम में खुद नियंत्रित कर

विन्रमता का सबको पाठ पढाये

देश में प्रेम की लहर चलाये

आओ मिलकर दीप जलाये

 

" दीपावली की आप सबको मेरी "शुभकामनाये "

 

Views: 150

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by नादिर ख़ान on November 12, 2012 at 1:22pm

क्रोध अग्नि को विजित कर

सयंम में खुद नियंत्रित कर

विन्रमता का सबको पाठ पढाये

देश में प्रेम की लहर चलाये

आओ मिलकर दीप जलाये

सुंदर भाव लिए हुये उम्दा रचना 

दीपावली की शुभकामनयें 


मुख्य प्रबंधक
Comment by Er. Ganesh Jee "Bagi" on November 12, 2012 at 9:29am

 अच्छी रचना, आपको भी दीपावली की शुभकामना ।

Comment by सूबे सिंह सुजान on November 11, 2012 at 11:50pm

शुभ दीपावली

Comment by Sanjay Rajendraprasad Yadav on November 10, 2012 at 1:07pm

"प्रेम की ज्योति जला के हृदय

बैर से मुक्ति, जग दिलाये

उपहार में बाँट के सदभावना

मीठास की ऐसी रीत चलाये

आओ मिलकर दीप जलाये"

बहुत सुन्दर बहुत-बहुत बधाई ...............!!!

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity


सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"सुर और लय आज असंयत हो गये हैं .. गीत अपनी संवेदना से विरत हैं .. उद्विग्न मन की गहराई अभिशप्त…"
20 minutes ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post एक लम्हा ....
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी कविता लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें । 'तारीक में…"
50 minutes ago
Naveen Mani Tripathi posted a blog post

ग़ज़ल

लुट गयी कैसे रियासत सोचिये । हर तरफ़ होती फ़ज़ीहत सोचिये ।।कुछ यकीं कर चुन लिया था आपको । क्यों हुई…See More
3 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post समाज - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय नीलम उपाध्याय जी।"
5 hours ago
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post घाव समय के
"//तू मुझे भूल ही नहीं सकता मैं तेरे दिल के एक घाव में हूँ//.......समर भाई साहब,. इस घाव का अनुभव…"
5 hours ago
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post घाव समय के
"वाह समर भाई साहब , वाह ! एक से बढ़ कर एक !  //चाह कर भी निकल नहीं सकता क़ैद ऐसा मैं तेरे दाव में…"
5 hours ago
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post घाव समय के
"आदरणीय तस्दीक अहमद साहब, सराहना के लिए आपका हार्दिक आभार"
5 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (हम अगर राहे वफ़ा में कामरां हो जाएँगे)
"जनाब गुमनाम साहिब   , ग़ज़ल में आपकी शिर्कत और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया l"
5 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (हम अगर राहे वफ़ा में कामरां हो जाएँगे)
"मुह तरमा नीलम साहिबा, ग़ज़ल में आपकी शिर्कत और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया l"
5 hours ago
vijay nikore commented on vijay nikore's blog post घाव समय के
"आपसे मिली भावपूर्ण सराहना के लिए आभारी हूँ , आदरणीय सुशील जी"
5 hours ago
gumnaam pithoragarhi commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post ख्वाब कोई तो मचलना चाहिए
"वाह वाह ग़ज़ल अच्छी लगी ..    बधाई "
6 hours ago
gumnaam pithoragarhi commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"वाह अच्छी ग़ज़ल हुई है भाई जी बधाई .. .. . ."
6 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service