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ग़ज़ल "ऐसे भी माहौल बनाया जाता है"

22 22 22 22 22 2


रिश्ता जो इक बार बनाया जाता है।
वो फिर सारी उम्र निभाया जाता है।।

ऐसे भी माहौल बनाया जाता है।
कुछ होता कुछ और दिखाया जाता है।।

ऐसा देखा यार सियासत में अक्सर।
इक दूजे को चोर बताया जाता है।।

सच हो पाए जो न किसी भी सूरत में।
क्यों अक्सर वो ख़्वाब दिखाया जाता है।।

 रंग बदलते गिरगिट सा कुछ लोग यहाँ।
मतलब हो तो प्यार जताया जाता है।।

ये सच्चाई तो जग जाहिर है यारो।
जो सच बोले खूब सताया जाता है।।

जो औरों के सुख दुख को अपना समझे।
वो अच्छा 'इंसान' बताया जाता है।।

मौलिक व अप्रकाशित

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Comment by Ajay Tiwari on January 13, 2018 at 5:02pm

आदरणीय सुरेन्द्र जी, खूबसूरत अशआर हुए हैं. हार्दिक बधाई.

मतले के उला में आपने फइलुन(११२) का इस्तेमाल किया है जिसकी इस बह्र में अनुमति नहीं है. कुछ मिसरों को ग़ज़ल की आम प्रवृत्ति के अनुरूप ज्यादा स्वाभाविक वाक्यों के रूप में रखा जा सकता है :

 

इक बार जिसे दोस्त बनाया जाता है। > दोस्त जिसे इक बार बनाया जाता है
फिर जीवन भर साथ निभाया जाता है।। > उससे सारी उम्र निभाया जाता है

 

देखा है यार सियासत में ही ऐसा। > होता है ऐसा तो यार सियासत में > चलता है ऐसा तो यार सियासत में 
इक दूजे को चोर बताया जाता है।।

 

जो सच हो पाए न किसी भी सूरत में।  > सच हो पाए जो न किसी भी सूरत में
क्यों अक्सर वो ख़्वाब दिखाया जाता है।।

 

गिरगिट सा रंग बदलते कुछ लोग यहाँ। > गिरगिट से हैं रंग बदलते लोग यहाँ
मतलब हो तो प्यार जताया जाता है।।

 

सच्चाई है ये तो जग जाहिर यारो। > ये सच्चाई तो जग जाहिर है यारों
जो सच बोले खूब सताया जाता है।।

सादर 

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