For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

हे भारत के वीर युवाओं,
कर लो नमन माँ सरस्वती को,
दिखा दो ताकत दुनियाँ को,
कितनी शक्ति है तेरे कलमों में!!

कोई बाँट ना पाये हमको,
ऐसा इतिहास लिखो युवाओं,
हर घर में वीर जन्मा है,
बस कोई उन्हें जगा दो!!

तलवार नहीं अपनी-अपनी कलम उठाओ,
देश में ऐसा क्रान्ति लाओ,
लूटेरे और भ्रष्टाचारियों को,
अपनी कलम की ताकत दिखा दो!!

कलम की ताकत को समझ लो युवाओं,
ये बिन चिंगारी के भी आग जलाती है,
देश के गद्दारों और दुश्मनों को,
हर पापी को सजा दिलाती है!!

रोकना नहीं कलम को अपने,
इसे चलाते ही रहना है,
जब तक भ्रष्टमुक्त भारत नहीं बनता,
तुफानों में भी आग जलाना है!!

कलम में स्याही ना होने का,
बहाना मत बनाना युवाओं,
वरना सच्चाई हार जाएगी,
और बेईमानी जीत जाएगी!!

कलम को अपने झुकने न देना,
चाहे कितनी भी आफत पड़े,
कर देना कोई ऐसा काम,
दुनियाँ भी तुझको याद करे!!

            सुशील कुमार वर्मा
         सिन्दुरियां - महराजगंज
         गोरखपुर विश्वविद्यालय

       ( मौलिक व अप्रकाशित )

Views: 31

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Mahendra Kumar on January 23, 2018 at 7:54pm

इस प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई स्वीकार कीजिए आ. सुनील जी. सादर.

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Samar kabeer commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद-२
"जनाब पीयूष जी आदाब, सरसी छन्द का प्रयास अच्छा है,बधाई लीजिये । पहली पंक्ति में'कोई चाभे दूध…"
2 minutes ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Kumar Gourav's blog post कुलीन(लघुकथा)
"आद0 कुमार गौरव जी सादर अभिवादन। बढिया लघुकथा कही आपने। बधाई स्वीकार कीजिये। सादर"
4 minutes ago
Samar kabeer commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post अंगुलिमाल(लघुकथा)
"बहना कल्पना भट्ट "रौनक़" जी आदाब,लघुकथा का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । जनाब आरिफ़…"
9 minutes ago
Samar kabeer commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल- बलराम धाकड़ ( मसौदा भी ज़रूरी है...)
"जनाब बलराम धाकड़ जी आदाब,ग्गज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । "हमे ये फ़ख़्र होता है कि…"
13 minutes ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल...न जाने कैसे गुजरेगी क़यामत रात भारी है-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"बिलकुल आदरणीय सुरेन्द्र जी..बहुत बहुत आभार"
13 minutes ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल...न जाने कैसे गुजरेगी क़यामत रात भारी है-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"ज़नाब तस्दीक साहब ग़ज़ल पे शिरक़त के लिए आभार..चौथे शेर के सानी को यूँ करता हूँ "कहीं से मांग कर…"
13 minutes ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post ग़ज़ल...न जाने कैसे गुजरेगी क़यामत रात भारी है-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"शुक्रिया आदरणीय रामबली गुप्ता जी.."
16 minutes ago
Shyam Narain Verma commented on KALPANA BHATT ('रौनक़')'s blog post अंगुलिमाल(लघुकथा)
"उपदेश परक लघुकथा के लिए हार्दिक बधाई l सादर"
23 minutes ago
Shyam Narain Verma commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद-२
"क्या बात है, हार्दिक शुभकामनाएं l सादर"
33 minutes ago
Shyam Narain Verma commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की -खेल सारे, हर तमाशा छोड़ कर
"वाह i बहुत सुन्दर, हार्दिक बधाई l सादर"
35 minutes ago
Shyam Narain Verma commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (जो अज़मे तर्के उल्फ़त कर रहा है )
"बहूत उम्दा हार्दिक बधाई l सादर"
38 minutes ago
Shyam Narain Verma commented on शिज्जु "शकूर"'s blog post इसी दुनिया में अपनी मुख़्तसर दुनिया बनाता हूँ
"क्या बात है, बहुत उम्दा हार्दिक बधाई l सादर"
40 minutes ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service