For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

कैसे करे व्यंग रे...

बीत गई सर्दी , बीत गई ठंड रे ,

दिनभर लुआर बहे गर्मी प्रचंड रे ,

चार दिन की चाँदनी सा प्यारा बसंत था,

पसीने की बूंदों से भीगा अंग-अंग रे ,

स्वेटर,कमीज,कोट लिपटे कई असन वस्त्र,

छोड़छाड़ देह को हुए खंड-खंड रे ,

गर्मी की चुभन से हाल बेहाल हुआ ,

"अज्ञात" कैसे ! कैसे करे व्यंग रे .

मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 37

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on February 7, 2018 at 6:28pm

वाह वाह खूब बहुतखूब लिखा...बधाई

Comment by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' on February 7, 2018 at 6:23pm

आद0 अजय जी सादर अभिवादन। इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें

Comment by Samar kabeer on February 4, 2018 at 9:29pm

जनाब अजय जी आदाब,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Mohammed Arif on February 4, 2018 at 4:04pm

आदरणीय अजय जी आदाब,

                      अच्छा प्रयास । प्रयास जारी रखे । हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Shyam Narain Verma commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद-२
"क्या बात है, हार्दिक शुभकामनाएं l सादर"
6 minutes ago
Shyam Narain Verma commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की -खेल सारे, हर तमाशा छोड़ कर
"वाह i बहुत सुन्दर, हार्दिक बधाई l सादर"
8 minutes ago
Shyam Narain Verma commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (जो अज़मे तर्के उल्फ़त कर रहा है )
"बहूत उम्दा हार्दिक बधाई l सादर"
10 minutes ago
Shyam Narain Verma commented on शिज्जु "शकूर"'s blog post इसी दुनिया में अपनी मुख़्तसर दुनिया बनाता हूँ
"क्या बात है, बहुत उम्दा हार्दिक बधाई l सादर"
13 minutes ago
पीयूष कुमार द्विवेदी commented on पीयूष कुमार द्विवेदी's blog post सरसी छंद-२
"हार्दिक आभार आदरणीय"
14 minutes ago
Shyam Narain Verma commented on somesh kumar's blog post ख्याल
"बहूत खूब, हार्दिक बधाई l सादर"
15 minutes ago
Shyam Narain Verma commented on Neelam Upadhyaya's blog post कुछ हाइकु
"वसंत ऋतु का सुंदर चित्रण है, हार्दिक शुभकामनाएं l सादर"
17 minutes ago
Neelam Upadhyaya posted a blog post

कुछ हाइकु

झूमी सरसोंधरती इतरायीफगुनाहट बसंत आयाओढ़ पीली चुनरखेत बौराया बौर आम केफैल गयी सुगंधझूमा बसंत टेसू…See More
1 hour ago

सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर posted an event

ओबीओ साहित्योत्सव भोपाल 2018 at महादेवी वर्मा कक्ष, हिंदी भवन

April 15, 2018 from 10:30am to 7pm
आप सादर आमंत्रित हैं.See More
1 hour ago
Mohammed Arif and KALPANA BHATT ('रौनक़') are now friends
1 hour ago
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post कविता--फागुन
"दिली आभार आदरणीय सुरेंद्रनाथ जी । "
1 hour ago
Mohammed Arif commented on Mohammed Arif's blog post कविता--फागुन
"बहुत-बहुत दिली शुक्रिया आदरणीय तस्दीक़ अहमद जी । लेखन सार्थक हुआ ।"
1 hour ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service