For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ग़ज़ल ( दूर माशूक़ से आशिक़ कहाँ जाना चाहे )

(फाइलातुन -फइलातुन- फइलातुन-फेलुन )

दूर माशूक़ से आशिक़ कहाँ जाना चाहे |
कूचये यार में वो अपना ठिकाना चाहे |

मैं ही आया हूँ नहीं सिर्फ़ परखने क़िस्मत
उन को तो अपना हर इक शख्स बनाना चाहे |

थाम के हाथ जो देता हो हमेशा धोका
कौन उस शख्स से फिर हाथ मिलाना चाहे |

फितरते शमअ जलाना है तअज्जुब है मगर
जान परवाना वहाँ फिर भी लुटाना चाहे |

मुफ़लिसी के हैं यह मारे हुए ज़ालिम वरना
तेरी दहलीज़ पे सर कौन झुकाना चाहे |

दरमियाँ अपने रहे दोस्ती यूँ ही क़ायम
मेरे महबूब भला कब यह ज़माना चाहे |

हर नज़र मुझ पे ही तस्दीक़ लगी है वरना
उनके चहरे से नज़र कौन हटाना चाहे |

(मौलिक व अप्रकाशित )

Views: 191

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on February 13, 2018 at 8:00pm

आ. भाई तस्दीक अहमद जी, सुंदर गजल हुई है । हार्दिक बधाई स्वीकारें ।

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on February 13, 2018 at 7:38pm

मुहतर्मा कल्पना साहिबा ,ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया।

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on February 13, 2018 at 7:37pm

जनाब डॉक्टर आशुतोष साहिब ,आपकी ग़ज़ल में शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया।

Comment by KALPANA BHATT ('रौनक़') on February 13, 2018 at 6:47pm

उम्दा ग़ज़ल | हार्दिक बधाई आदरणीय |

Comment by Dr Ashutosh Mishra on February 13, 2018 at 3:37pm

आदरणीय तस्दीक जी इस सुन्दर ग़ज़ल केलिए हार्दिक बधाई sa

मुफ़लिसी के हैं यह मारे हुए ज़ालिम वरना 
तेरी दहलीज़ पे सर कौन झुकाना चाहे......इस शेर पर मन एक उलझन में है 

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on February 13, 2018 at 3:07pm

जनाब विनय साहिब ,आपकी ग़ज़ल में शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया।

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on February 13, 2018 at 3:06pm

मुहतरम जनाब आरिफ़ साहिब आदाब ,ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया।

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on February 13, 2018 at 3:04pm

जनाब सुरेन्द्र नाथ साहिब ,आपकी ग़ज़ल में शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया।

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on February 13, 2018 at 3:03pm

जनाब नीरज साहिब ,ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया।

Comment by विनय कुमार on February 13, 2018 at 2:56pm

वाह, वाह, बहुत उम्दा ग़ज़ल, शेर दर शेर मुबारकबाद कुबूल करें

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय बासुदेव जी चित्र के अनुकूल सुन्दर एवं सार्थक  दोहावली का सृजन इस प्रस्तुति पर हार्दिक…"
14 minutes ago
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय हरिहर झा जी सादर        चित्र के भाव को परिभाषित करते सुंदर दोहों का…"
17 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब सतविंदर कुमार साहिब, प्रदत्त चित्र पर सुंदर दोहे हुए हैं, मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l "
17 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब भाई अखिलेश साहिब , प्रदत्त चित्र अनुकूल सुंदर दोहे हुए हैं, मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l "
19 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"मुहतरम जनाब समर साहिब आ दाब , दोहों पर आपकी खूबसूरत प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत…"
20 minutes ago
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"परम आदरणीय सौरभ जी सादर प्रणाम ,     चित्र के भाव को पुर्णतः परिभाषित करती सुन्दर सार्थक…"
21 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब भाई अशोक कुमार साहिब   , दोहों पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और मशवरे का बहुत बहुत…"
22 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब अशोक कुमार रक्ताले जी आदाब,वाह वाह,बहुत ख़ूब, प्रदत्त चित्र को सार्थक करते बहुत उम्दा दोहे रचे…"
23 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब शहज़ाद उस्मानी साहिब , दोहों पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया…"
26 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"मुहतरम जनाब सौरभ साहिब  , दोहों पर आपकी खूबसूरत प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत…"
26 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब भाई अखिलेश साहिब  , दोहों पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और मशवरे का बहुत बहुत शुक्रिया I "
27 minutes ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 93 in the group चित्र से काव्य तक
"बहना सुचिसंदीप अग्रवाल जी आदाब,प्रदत्त चित्र पर दोहों का अच्छा प्रयास हुआ है,बधाई स्वीकार करें…"
27 minutes ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service