For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ज़िंदगी से दूर कब तक.....संतोष

अरकान:फ़ाइलातुन फ़ाइलातुन फाइलुन

ज़िन्दगी से दूर कब तक जाओगे,
किस तरह सच्चाई को झुटलाओगे।।

सादगी इतनी मियाँ अच्छी नहीं,
ज़िन्दगी में रोज़ धोका खाओगे।।

तल्ख़ यादें दिल से मिटती ही नहीं,
ज़िन्दगी में चैन कैसे पाओगे।।

तुम ग़मों को मात देना सीख लो,
अश्क पीकर कब तलक ग़म खाओगे।। 

अपनी कमज़ोरी को ज़ाहिर मत करो,
वरना हर सौदे में घाटा खाओगे।।

(मौलिक एवं अप्रकाशित)

#संतोष_खिरवड़कर

Views: 80

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by santosh khirwadkar on March 14, 2018 at 8:21pm

हृदय से धन्यवाद आदरणीय अजय जी !!!

Comment by Ajay Tiwari on March 14, 2018 at 7:52pm

'सादगी इतनी मियाँ अच्छी नहीं' लेकिन आपके शेरों की सादगी बहुत प्यारी है.

हार्दिक बधाई. आदरणीय संतोष जी.  

Comment by santosh khirwadkar on March 14, 2018 at 5:09pm

धन्यवाद,आदरणीय धामी जी !!!!

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on March 14, 2018 at 1:28pm

आ.भाई संतोष जी सुंदर गजल हुई है हार्दिक बधाई ।

Comment by santosh khirwadkar on March 14, 2018 at 1:14pm

प्रणाम आदरणीय समर साहब !!!

धन्यवाद! 

Comment by Samar kabeer on March 14, 2018 at 11:49am

जनाब संतोष जी आदाब,ग़ज़ल अच्छी हुई है,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।

वैसे,'मुस्काओगे'का प्रयोग भी ग़लत नहीं कहा जा सकता,क्योंकि 'मुस्कान',मुस्काई, कह सकते हैं तो मेरे ख़याल से 'मुस्काओगे'भी ग़लत नहीं,जाय मुखर्जी की एक फ़िल्म का नाम है'एक कली मुस्काई'।

Comment by santosh khirwadkar on March 13, 2018 at 10:04pm

आदरनीय भाई श्री निलेश जी ..उस शे’र को पुनः संशोधित कर कुछ इस तरह पुनः ग़ज़ल में एडिट किया है कि...

तुम ग़मों को मात देना सीख लो,

अश्क़ पीकर कब तलक ग़म खाओगे।।

उचित मार्गदर्शन अपेक्षित!!

Comment by santosh khirwadkar on March 13, 2018 at 9:39pm

धन्यवाद आदरणीय महाजन साहब!!!

Comment by santosh khirwadkar on March 13, 2018 at 9:38pm

शुक्रिया भाई श्री निलेश जी !!

Comment by santosh khirwadkar on March 13, 2018 at 9:37pm

बहुत शुक्रिया आदरणीय आरिफ़ साहब!!!

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani commented on MUZAFFAR IQBAL SIDDIQUI's blog post तसल्ली  (लघुकथा)
"हमारे समाज के बुज़ुर्ग मां-बाप के एक अहम मसले और आभासी तसल्ली को उभारती विचारोत्तेजक व सामाजिक…"
1 hour ago
Mohammed Arif commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post जनता जस-की-तस! (छंदमुक्त/अतुकांत कविता)
"आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी आदाब,                  …"
2 hours ago
Mohammed Arif commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post रिलेशनशिप (लघुकथा)
"आदरणीय शेख शहज़ाद उस्मानी जी आदाब,                  …"
2 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani posted blog posts
4 hours ago
विनय कुमार posted blog posts
4 hours ago
Profile IconSwagat and Rajkamal Pandey (azad) joined Open Books Online
4 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"सुधीजनों को आयोजन में भागीदारी निभाने के लिए हार्दिक धन्यवाद. "
10 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय़ सतविन्दर जी, आपकी भागीदारी से कुछ और अपेक्षा थी. बहरहाल आपकी भागीदारी के लिए हृदयतल से…"
10 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह वाह वाह १  भाई शिज्जू शकूर जी का प्रयास मोहित और मुग्ध कर रहा है.  शुभातिशुभ"
10 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"बहुत खूब आदरणीय "
10 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अजय जी, आपके प्रयास और आपकी भागीदारी के लिए साधुवाद. बेहतर प्रयास के लिए…"
10 hours ago
Satyanarayan Singh replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 87 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अजय गुप्ता जी  कुकुभ छंद पर आधारित प्रदत्त चित्र के अनुकूल सुन्दर रचना हार्दिक बधाई…"
10 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service