For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

ताप संताप दोहे :

ताप संताप दोहे :

सूरज अपने ताप का, देख जरा संताप।
हरियाली को दे दिया, जैसे तूने शाप।।

भानु रशिम कर रही, कैसा तांडव आज।
वसुधा की काया फटी,ठूंठ बने सरताज।।

वसुंधरा का हो गया, देखो कैसा रूप।
हरियाली को खा गई, भानु तेरी धूप।।

मेघो अपने रहम की, जरा करो बरसात।
अपनी बूंदों से हरो, धरती का संताप।।

तृषित धरा को दीजिये, इंद्रदेव वरदान।
हलधर लौटे खेत में, खूब उगाये धान।।

सुशील सरना
मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 58

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Sushil Sarna on June 29, 2019 at 2:20pm

आदरणीय विजय निकोर जी सृजन पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभार। 

Comment by Sushil Sarna on June 29, 2019 at 2:20pm

आदरणीय समर कबीर साहिब , आदाब   .... सृजन आपकी आत्मीय प्रशंसा का आभारी है। आपके द्वारा इंगित त्रुटि सही है मैं इसका संशोधन कर पुनः प्रेषित करूंगा।  इस हेतु आपका हार्दिक आभार।  आपके द्वारा इंगित त्रुटि सही है मैं इसका संशोधन कर पुनः प्रेषित करूंगा।  इस हेतु आपका हार्दिक आभार। 

Comment by vijay nikore on June 23, 2019 at 4:17pm

बहुत ही सुन्दर दोहे रचे हैं। बधाई सुशील जी।

Comment by Samar kabeer on June 23, 2019 at 3:21pm

जनाब सुशील सरना जी आदाब,गर्मी के मौसम पर अच्छे दोहे रचे आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

'भानु रशिम कर रही, कैसा तांडव आज'

इस पंक्ति के पहले चरण में 11 मात्राएँ हो रही हैं,देखियेगा ।

'मेघो अपने रहम की, जरा करो बरसात'

आप की जानकारी के लिए बता रहा हूँ कि इस पंक्ति के विषम चरण में 'रहम' शब्द का शुद्ध उच्चारण "रह्म" 21 होता है ।

Comment by Sushil Sarna on June 22, 2019 at 4:19pm

आदरणीय     डॉ छोटेलाल सिंह  जी सृजन पर आपके दिलकश प्रशंसा का दिल से आभार। 

Comment by Sushil Sarna on June 22, 2019 at 4:18pm

आदरणीय    narendrasinh chauhan जी सृजन पर आपके दिलकश प्रशंसा का दिल से आभार। 

Comment by डॉ छोटेलाल सिंह on June 21, 2019 at 7:59am

आदरणीय सुशील सरना जी बहुत ही सुंदर रचना आपने सृजित की,बहुत बहुत बधाई

Comment by narendrasinh chauhan on June 20, 2019 at 7:23pm

खूब सुन्दर दोहावली सर 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आप पधारे सबको भाया। याद पुरानी लेकर आया॥ दिए बधाई मन हर्षाया। उत्सव ने  फिर रंग जमाया॥ हार्दिक…"
16 minutes ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"कृपया छंदोत्सव की अन्य  रचनायें भी पढ़िए और उस पर अपने विचार प्रकट कीजिए।"
27 minutes ago
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणिय बहुत अच्छे दिलछूने वाले दोहे। बधाई स्वीकार करें"
31 minutes ago

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"पीड़ा, चिंता का विषय, सरोकार, हालात.     कड़वी लेकिन सच भरी, दोहे कहते…"
32 minutes ago

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"गीत कहन का गज़ब तरीक़ा, छंद रचन का ख़ूब सलीक़ा चौपाई में बात बनाई, जीते रहिए राणा भाई."
45 minutes ago

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"सच में छंद रचा है आला, गज़ब रचा है सच में गीत, अनुपम-अद्भुत भाव भरे यूँ, सबके दिल पर पाई जीत."
1 hour ago

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"व्यस्त रहा मैं सच में काफ़ी, देनी होगी मुझको माफ़ी,   रो-रो दूरी जिसने भोगी, चरणों में…"
1 hour ago

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"कारी-कारी बदरी छाई, भीगी-भीगी हर चौपाई, धीमी-धीमी बूँदाबाँदी, छन-छन छनके जैसे चाँदी. फिर देखा…"
1 hour ago

प्रधान संपादक
योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"सौरभ जी ने शतक लगाया, जशन मनाने योगी आया,कुछ मत आगे  तात विचारो, बढ़कर डबल…"
1 hour ago
प्रदीप देवीशरण भट्ट posted a blog post

मेरे प्रिय विभु मेरे प्रिय मोरांडी-

(13 अगस्त-2018-इटली का मोरांडी पुल हादसा) अटठावन वर्ष की उम्र भी कोई उम्र होती हैना तो पूर्ण  रुपेण…See More
2 hours ago
Shlesh Chandrakar replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"उत्साह वर्धन के लिए हार्दिक आभार आदरेय अखिलेश जी"
3 hours ago
Shlesh Chandrakar replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"हार्दिक आभार आ. रक्ताले जी, उत्साह बढ़ाने के लिए। एक ही छंद लिख पाया था। इसलिए एक ही पोस्ट कर पाया।…"
3 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service