For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सुख उसका दुख उसका है - सलीम 'रज़ा' रीवा

22 22 22 22 22 22 22 2

सुख उसका दुख उसका है तो फिर काहे का रोना है
दौलत उसकी शोहरत उसकी क्या पाना क्या खोना है //

चाँद-सितारे उससे रोशन फूल में उससे खुशबू है 
ज़र्रे-ज़र्रे में वो शामिल वो चांदी वो सोना है //

खुशिओं के वो मोती भर दे या ग़म की बरसात करे
उसकी हुकूमत है हर सू वो जो चाहे सो होना है //

सारी दुनिया का वो मालिक हर शय उसके क़ब्ज़े में 
उसके आगे सब कुछ फीका क्या जादू क्या टोना है //

काम बुरे और बद-आमाली दोज़ख में ले जाएँगे
जन्नत में जाने की ख़ातिर पहले नेकी बोना है //

इक रस्ता जो बंद किया तो दस रस्ते वो खोलेगा 
उसपे भरोसा रख तू प्यारे जो लिक्खा वो होना है //

गॉड ख़ुदा भगवान कहो या ईश्वर अल्लाह उसे कहो
वो  ख़ालिक है वो मालिक है उसका कोना-कोना है //

साँसों पे उसका है पहरा धड़कन उसके दम से है 
जिस्‍म 'रज़ा' है मिट्टी का तो क्या रोना क्या धोना है //

"मौलिक व अप्रकाशित" 

Views: 126

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by SALIM RAZA REWA on October 15, 2019 at 8:15am

आदरणीय बृजेश कुमार 'ब्रज' जी आपकी मोहब्बतों के लिए बेहद शुक्रिया।

Comment by SALIM RAZA REWA on October 14, 2019 at 9:58pm

मोहतरम समर साहब, आपकी मुहब्बत के लिए शुक्रिया,

अगर सिर्फ़ उसकी हो तो 22 है मगर ज़रूरत के मुताबिक़,

अगर आगे का लफ्ज़ सिंगल है तो और अरकान की ज़रूरत है तो

अख़िरी लफ्ज़ के मात्रा को गिरा सकते हैं

उसी का फ़ायदा लिया गया है,

2  1 1 22

उस कि हु कू मत 

Comment by Samar kabeer on October 14, 2019 at 11:50am

//उसकी हु/ कूमत है हर सू वो जो चाहे सो होना है'

2 11/ 22 //

'उसकी' शब्द अपने आप में 22 है तो मात्रा पतन करके आप उसे 21 क्यों करना चाहते हैं?

Comment by SALIM RAZA REWA on October 12, 2019 at 12:12pm

मोहतरम कबीर साहब आपकी मोहब्बत के लिए बहुत बहुत शुक्रिया,, अल्लाह आपको सलामत रखे 

उसकी हु/ कूमत है हर सू वो जो चाहे सो होना है'

2 11/ 22 

बदलाव कर दिया जाएगा 

'काम बुरे और बद आमाली दोज़ख़ में ले जाएँगे, टाइपिंग मे आगे पीछे हो गया बहुत शुक्रिया.. इशारा के लिए 

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on October 12, 2019 at 10:00am

बढ़िया ग़ज़ल कही है सलीम साहब..बधाई

Comment by Samar kabeer on October 11, 2019 at 6:58pm

जनाब सलीम रज़ा साहिब आदाब,ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है,बधाई स्वीकार करें ।

"उसकी हुकूमत है हर सू वो जो चाहे सो होना है'

इस मिसरे की बह्र चेक करें,'हुकूमत' शब्द 122 है ।

'बुरे काम और बद-आमाली दोज़ख में ले जाएँगे'

इस मिसरे की शुरुआत 1 से नहीं होती,इसे यूँ कर सकते हैं:-

'काम बुरे और बद आमाली दोज़ख़ में ले जाएँगे'

Comment by SALIM RAZA REWA on October 10, 2019 at 7:12am

आदरणीय प्रदीप देवीशरण भट्ट जी आपकी मोहब्बतों के लिए बेहद शुक्रिया।

Comment by SALIM RAZA REWA on October 10, 2019 at 7:11am

आदरणीय तेजवीर सिंह जी आपकी मोहब्बतों के लिए बेहद शुक्रिया।

Comment by प्रदीप देवीशरण भट्ट on October 7, 2019 at 5:26pm

बेहतरीन रज़ा जी

Comment by TEJ VEER SINGH on October 7, 2019 at 11:49am

हार्दिक बधाई आदरणीय सलीम "रज़ा" रीवा साहब जी। बेहतरीन गज़ल।

इक रस्ता जो बंद किया तो दस रस्ते वो खोलेगा 
उसपे भरोसा रख तू प्यारे जो लिक्खा वो होना है //

गॉड ख़ुदा भगवान कहो या ईश्वर अल्लाह उसे कहो
वो  ख़ालिक है वो मालिक है उसका कोना-कोना है //

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Usha posted a blog post

क्षणिकाएँ।

करके वादा,किसी से न कहेंगे,दिल का दर्द मेरे जान लिया।ढोंग था सब,तब समझे हम कि,महफ़िल में सरे-आम…See More
3 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post प्यार पर चंद क्षणिकाएँ : .......(. 500 वीं प्रस्तुति )
"आदरणीया  vijay nikoreजी , सृजन आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभार।"
17 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post कुछ हाइकु :
"आदरणीया रचना भाटिया जी , सृजन आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभार।"
17 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post कुछ हाइकु :
"आदरणीय फूल सिंह जी , सृजन आपकी मधुर प्रशंसा का दिल से आभार।"
17 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post कुछ हाइकु :
"आदरणीय डॉ विजय शंकर जी जी , सृजन आपकी मधुर प्रशंसा का दिल से आभार।"
17 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post कुछ हाइकु :
"आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब, सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया का दिल से आभारी है।"
17 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post कुछ हाइकु :
"आदरणीय समर कबीर साहिब, आदाब, सृजन आपकी मनोहारी प्रतिक्रिया का दिल से आभारी है।"
17 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post उजला अन्धकार..
"आदरणीय Usha   जी सृजन आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभारी है। "
17 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post कुछ दिए ...
"आदरणीयलक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'  जी सृजन आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभारी है। "
17 hours ago
Usha commented on Dr.Prachi Singh's blog post प्रेम: विविध आयाम
"आदरणीय सुश्री डॉ प्राची सिंह जी, "प्रेम" जैसे विस्तृत भाव को आपने बड़ी ही ख़ूबसूरती से…"
17 hours ago
Dr. Geeta Chaudhary commented on Dr. Geeta Chaudhary's blog post कविता: कुछ ख़ास है उन बातों की बात
"आदरणीय डॉo उषा जी कविता की सराहना के लिए हार्दिक आभार। कुछ खास है प्रशंसा में कहे गए आत्मीय शब्दों…"
18 hours ago
Usha commented on Sushil Sarna's blog post उजला अन्धकार..
"आदरणीय सुशील सरना जी, स्वयं से साक्षात्कार होना सही मायनों में जीवन के सत्य से रूबरू होने जैसा है।…"
18 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service