For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

जरुरी नहीं वो भला हो
मगर जो जैसा है वैसा हो

यही गुण हो बस आदमी में
मुसीबत में तो काम का हो

बहुत जानता है तो अच्छा
नहीं जानता क्यों बुरा हो

हमेशा ही सच्चाई जीते
है कोई जो ना जानता हो

जो मारे है अंदर का रावण
उसी का ही शुभ दशहरा हो

मौलिक एवम् अप्रकाशित

Views: 82

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by dandpani nahak on October 18, 2019 at 10:56am
आदरणीय सलीम रज़ा साहब आदाब बहुत शुक्रिया आप सही है ठीक करने की कोशिश करता हूँ!
Comment by dandpani nahak on October 18, 2019 at 10:55am
परम आदरणीय समर कबीर साहब प्रणाम आपका आदेश सर माथे पर!
Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on October 16, 2019 at 7:41pm

आ. भाई दण्डपाणि जी, हार्दिक धन्यवाद।

Comment by SALIM RAZA REWA on October 15, 2019 at 8:20am

भाई बधाई स्वविकरण मतला मज़ा नहीं दे ,

Comment by Samar kabeer on October 11, 2019 at 7:08pm

जनाब दण्डपाणि नाहक़ जी आदाब,ग़ज़ल के साथ अरकान भी लिखा करें,इससे पाठकों को अपनी बात कहने में आसानी होती है ।

ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,लेकिन ग़ज़ल अभी समय चाहती है,बहरहाल इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"बहुत उम्दा अशआर हैं अंजली जी। विशेष तौर पर मक़्ता बहुत पसंद आया।"
1 second ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"अच्छी ग़ज़ल हुई है सुरेंद्र जी। बधाई आपको"
2 minutes ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"शुक्रिया अनीस भाई"
8 minutes ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"शुक्रिया तसदीक़ साहब"
9 minutes ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"शुक्रिया सुरेंद्र जी"
9 minutes ago
अजय गुप्ता replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"शुक्रिया अंजली जी"
9 minutes ago
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"अंजलि जी अच्छी ग़ज़ल हुई है बहुत बहुत बधाई "
13 minutes ago
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"सुरेंद्र नाथ जी ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है  भजन मन्दिर में मस्ज़िद में अजाँ होती भले परसभी में नाम…"
14 minutes ago
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"अमित कुमार जी ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है समर सर की बातों का संज्ञान लें "
19 minutes ago
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"जनाब तस्दीक़ अहमद साहब ग़ज़ल तक आने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया "
21 minutes ago
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"अंजलि जी ग़ज़ल तक आने और पसंद करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया "
21 minutes ago
Md. Anis arman replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-113
"जनाब समर कबीर सर, ग़ज़ल तक आने और इस खुले दिल से तारीफ़ करने के लिए बहुत बहुत शुक्रिया आप से मिली…"
22 minutes ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service