For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

"एक क़तरा था समंदर हो गया हूँ"

2122 2122 2122

एक क़तरा था समंदर हो गया हूँ।
मैं समय के साथ बेहतर हो गया हूँ।।

कल तलक अपना समझते थे मुझे जो।
उनके ख़ातिर आज नश्तर हो गया हूँ।।

मैं बयां करता नहीं हूँ दर्द अपना।
सब समझते हैं कि पत्थर हो गया हूँ।।

ज़िन्दगी में हादसे ऐसे हुए कुछ।
मैं जरा सा तल्ख़ तेवर हो गया हूँ।।

जख़्म दिल के तो नहीं अब तक भरे है।
हां मगर पहले से बेहतर हो गया हूँ।।


सुरेन्द्र इंसान

मौलिक व अप्रकाशित

Views: 74

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by JAWAHAR LAL SINGH on December 5, 2017 at 8:09pm

जख़्म दिल के तो नहीं अब तक भरे है।
हां मगर पहले से बेहतर हो गया हूँ।

खूबसूरत पंक्तियाँ! बधाई!

Comment by Tasdiq Ahmed Khan on December 5, 2017 at 7:36pm

जनाब सुरेन्द्र साहिब ,सुन्दर ग़ज़ल हुई है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमायें

Comment by Ajay Tiwari on December 4, 2017 at 3:56pm

आदरणीय सुरेन्द्र जी,

अच्छी ग़ज़ल हुई है. हार्दिक बधाईयाँ.

'जख़्म दिल के तो नहीं अब तक भरे है' को 'जख्म दिल के भर नहीं याये हैं अब तक' या 'जख्म अब तक भर नहीं याये हैं दिल के ' किया जा सकता है.

सादर 

Comment by Kalipad Prasad Mandal on December 4, 2017 at 12:11pm

आ सुरेन्द्र जी ग़ज़ल का प्रयास अच्छा हुआ  है,बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Samar kabeer on December 2, 2017 at 9:49pm
जनाब सुरेन्द्र इंसान जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें ।
दूसरे शैर के सानी मिसरे में 'उनके'की जगह "उनकी"कर लें 'ख़ातिर' शब्द स्त्रीलिंग है ।
Comment by Manoj kumar shrivastava on December 2, 2017 at 9:29pm
अच्छी रचना, बधाइयाँ।
Comment by Sheikh Shahzad Usmani on December 2, 2017 at 9:25pm
ज़िंदगी में हम जो अनुभव करते हैं, जो हम भोगते या महसूस करते हैं और लोगों के उन पर जो भिन्न नज़रिए या कटाक्ष/व्यंग्य होते हैं, इस रचना में बढ़िया अभिव्यक्त हुए हैं। सादर हार्दिक बधाई आदरणीय सुरेन्द्र इंसान जी।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

santosh khirwadkar commented on santosh khirwadkar's blog post भुलाने के लिए राज़ी...संतोष
"धन्यवाद आदरणीय सुरेन्द्र जी!!!"
2 hours ago
Mahendra Kumar replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लघुकथा हितैषी" सम्मान
"आ. रवि यादव जी निश्चित ही लघुकथा के क्षेत्र में प्रशंसनीय कार्य कर रहे हैं. मेरी तरफ़ से भी उन्हें…"
2 hours ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post बापू की जय(लघु कथा)
"आभार आदरणीया नीलम उपाध्याय जी। "
3 hours ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post बापू की जय(लघु कथा)
"आभार आदरणीया राजेश कुमारी जी। "
3 hours ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post बापू की जय(लघु कथा)
"आभार आदरणीय तेजवीर सिंह जी। "
3 hours ago
Manan Kumar singh commented on Manan Kumar singh's blog post बापू की जय(लघु कथा)
"आभार आदरणीय अजय तिवारी जी। "
3 hours ago
Archana Tripathi replied to योगराज प्रभाकर's discussion "ओबीओ लघुकथा हितैषी" सम्मान
"आ. रवि यादव जी को हार्दिक बधाई ,साथ ही ओबीओ की समस्त प्रबंधन समूह को इस उत्कृष्ट कदम के लिए हार्दिक…"
5 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post मृत्यु भोज - लघुकथा –
"हार्दिक आभार आदरणीय नीलम उपाध्याय जी।"
5 hours ago
सतविन्द्र कुमार commented on रामबली गुप्ता's blog post कुंडलियाँ-रामबली गुप्ता
"बधाई आदरणीय रामबली गुप्ता जी। सुंदर कुण्डलिया हुई हैं"
5 hours ago
डॉ पवन मिश्र commented on रामबली गुप्ता's blog post कुंडलियाँ-रामबली गुप्ता
"आद0 रामबली जी, सुंदर सर्जना हेतु बधाई प्रेषित है।"
8 hours ago
डॉ पवन मिश्र commented on डॉ पवन मिश्र's blog post नवगीत- लुटने को है लाज द्रौपदी चिल्लाती है
"आद0 सुरेंद्र नाथ सिंह जी, हार्दिक आभार"
8 hours ago
डॉ पवन मिश्र commented on डॉ पवन मिश्र's blog post नवगीत- लुटने को है लाज द्रौपदी चिल्लाती है
"आदरणीय मनोज श्रीवास्तव जी, इस उत्साहवर्धक टिप्पणी के लिये हृदय से धन्यवाद"
8 hours ago

© 2017   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service