For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

जो शख्स मेरे चाँद सितारों की तरह है

221 1221 1221 122

बुझते हुए से आज चराग़ों की तरह है ।

जो शख्स मेरे चाँद सितारों की तरह है ।।

करता है वही कत्ल मिरे दिल का सरेआम ।

मिलता मुझे जो आदमी अपनों की तरह है ।।

रह रह वो कई बार मुझे देखते हैं अब ।

अंदाज मुहब्बत के इशारों की तरह है ।।

कुछ रोज से चेहरे की तबस्सुम पे फिदा वो ।

किसने कहा वो आज भी गैरों की तरह है ।।

यूँ न बिखर जाए कहीं टूट के मुझसे ।

नाजुक सा मुकम्मल वो गुलाबों की तरह है ।।

लाती हैं हवाएं भी नई जान चमन में।

आना तेरा भी दर पे बहारों की तरह है ।।

भूला कहाँ हूँ आज तलक हुस्न का मंजर ।

यादों में कोई जुल्फ घटाओं की तरह है ।।

आये हैं मेरे घर पे तो किस्मत है ये मेरी ।

यह वक्त मेरे दिल की मुरादों की तरह है ।।

उलझा हुआ हूं मैं भी जमाने से अभी तक ।

बेचैनियों का दौर सवालों की तरह है ।।

रखता है सलामत वो मुझे हर बला से अब ।

कोई तो निगहबान दुआओं की तरह है ।।

--नवीन मणि त्रिपाठी मौलिक अप्रकाशित

Views: 75

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Naveen Mani Tripathi on January 17, 2018 at 6:11pm

आ0मु0 आरिफ़ साहब सादर आभार

Comment by Mohammed Arif on January 17, 2018 at 5:30pm

नवीन मणि त्रिपाठी जी आदाब,

                      अच्छी ग़ज़ल । दिली मुबारकबाद क़ुबूल करें । बाक़ी गुणीजन अपनी राय देंगे ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

TEJ VEER SINGH commented on Sushil Sarna's blog post अदेह रूप .....
"हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील सरना जी। लाज़वाब प्रस्तुति।"
10 minutes ago
TEJ VEER SINGH commented on Sushil Sarna's blog post जाने के बाद ... लघु रचना
"हार्दिक बधाई आदरणीय सुशील सरना जी। लाज़वाब प्रस्तुति।"
11 minutes ago
TEJ VEER SINGH posted a blog post

सुबह जरूर आयेगी  -  लघुकथा   –

सुबह जरूर आयेगी  -  लघुकथा   –वह रात सूरज और संध्या के जीवन की ऐसी रात थी कि दोनों की ही अग्नि…See More
15 minutes ago
TEJ VEER SINGH commented on Naveen Mani Tripathi's blog post आपको तो दिल जलाना आ गया
"हार्दिक बधाई आदरणीय नवीन मणि जी। लाज़वाब गज़ल। दे गयी बस इल्म इतना मुफलिसी ।दोस्तों  को …"
15 minutes ago
Sushil Sarna posted blog posts
16 minutes ago
TEJ VEER SINGH commented on vijay nikore's blog post काल कोठरी
"हार्दिक बधाई आदरणीय विजय निकोरे जी। लाज़वाब प्रस्तुति।"
19 minutes ago
TEJ VEER SINGH commented on babitagupta's blog post मन का भंवर ...
"आदरणीय बबिता जी,आपकी लघुकथा के भाव बेहतरीन हैं लेकिन टंकण और वर्तनी की अशुद्धियों ने लघुकथा का मजा…"
21 minutes ago
Samar kabeer commented on Sarthak's blog post ग़ज़ल
"जनाब सार्थक जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । 'मैं भी भीगे रहता हूँ' इस…"
1 hour ago
Samar kabeer commented on SudhenduOjha's blog post कर नेकी दरिया में डाल
"इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Mahendra Kumar's blog post मानव सभ्यता का इतिहास (लघुकथा)
"जनाब महेन्द्र कुमार जी आदाब,उम्दा लघुकथा हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
1 hour ago
Samar kabeer commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post लघुकथा-पराकाष्ठा
"जनाब बृजेश कुमार 'ब्रज' जी आदाब,बहुत उम्दा लघुकथा हुई है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार…"
1 hour ago
Samar kabeer commented on Rakshita Singh's blog post आप बीती...
"मुहतरमा रक्षिता सिंह जी आदाब,बहुत सुंदर रचना है,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें । चौथी पंक्ति में…"
2 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service