For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

न कर जिक्र

जब तक है जान

काहे की फिक्र

 

मन अंतस

जजवातों से भरा

पर अकेला

 

धरते धीर

शिखर पहुँचते

बैसाखी पर

  

क्या पा लिया था

ये तब जाना, जब

उसे खो दिया

खुशी ही नहीं

तल्खियाँ भी देती हैं

तनहाईयाँ

 

… मौलिक एवं अप्रकाशित

Views: 89

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by Neelam Upadhyaya on July 12, 2018 at 3:16pm
आदरणीय श्याम नारायण जी, बहुत बहुत आभार।
Comment by vijay nikore on July 12, 2018 at 1:08pm

हाइकू लिखने कभी आसान नहीं थे, परन्तु आपकी कलम ने तो कमाल ही कर दिया। आनन्द आ गया।

Comment by TEJ VEER SINGH on July 12, 2018 at 10:44am

हार्दिक बधाई आदरणीय नीलम जी। लाज़वाब प्रस्तुति।

Comment by Mohammed Arif on July 11, 2018 at 7:26pm

आदरणीया नीलम उपाध्याय जी आदाब,

                              सकारात्मक सोच को बढ़ाने वाले अच्छे हाइकु । कुछ वर्तनीगत अशुद्धियाँ हैं जैसे:- जिक्र/ज़िक्र ,खुशी/ख़ुशी , तल्खियाँ/ तल्ख़ियाँ , तनहाईयाँ/ तन्हाइयाँ ( शायद आपने अक्षर भार को सही करने के लिहाज से ऐसा किया है )  "जजवातों" यह शब्द मैं पहली बार पढ़ रहा हूँ । सही शब्द " जज़्बात " है । यहाँ पर भी आप अक्षर भार का संतुलन बनाने के लिहाज से ऐसा कर दिया जो कि ग़लत है ।

                       हार्दिक बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Sheikh Shahzad Usmani on July 11, 2018 at 3:04pm

//'एकला चलो रे//..हर हाल से बहादुरी से आत्मविश्वास के साथ दो-चार होते हुए असली दोस्त और दुश्मन की परख़ करते हुए अपनी लड़ाई अकेले लड़ते हुए  सफ़ल जीवन सकारात्मक नज़रिए से जीने की प्रेरणा और सबक़ देते बढ़िया हाइकु सृजन हेतु हार्दिक बधाई आदरणीया नीलम उपाध्याय साहिबा।

Comment by Samar kabeer on July 11, 2018 at 2:46pm

मुह्ततरमा नीलम जी आदाब,अच्छे हाइकू हुए, इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।

Comment by Shyam Narain Verma on July 11, 2018 at 2:36pm
शानदार रचना आदरणीया बहुत२ बधाई  ..सादर 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post "शैतानियत और कलम" (लघुकथा)
"अच्छा कटाक्ष किया है आदरणीय वर्तमान सामाजिक सोच पे..."
4 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post एक गजल - पहल हो गई
"बहुत ही खूबसूरत ग़ज़ल कही आदरणीय..."
4 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on amita tiwari's blog post कुछ भी नहीं बोलती जानकी कभी
"वाह...क्या ही शानदार रचना पढ़ने को मिली...पढ़ते हुए भाव अंतस में उतर गया और यही किसी भी रचना के…"
4 hours ago
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post ताक रही गौरैया प्यासी - गीत
"वाह आदरणीय शर्मा जी बहुत ही सुन्दर गीत् रचा है..."
5 hours ago
Ajay Tiwari commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post जीवन में लड़ाते हैं क्यों यार गढ़े मुर्दे - गजल
"आदरणीय लक्ष्मण जी, अच्छे अशआर हुए हैं. हार्दिक बधाई. गढ़े > गड़े"
5 hours ago
विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post ईमान- लघुकथा
"बहुत बहुत आभार आ अजय तिवारी जी"
5 hours ago
Ajay Tiwari commented on Pankaj Kumar Mishra "Vatsyayan"'s blog post शह्र अपना है बंट गया देखो------ग़ज़ल
"आदरणीय पंकज जी, अच्छे अशआर हुए हैं. हार्दिक बधाई. दर्द या के खुशी के हों आँसू > दर्द के या…"
5 hours ago
Ajay Tiwari commented on Sushil Sarna's blog post पति ब्रांड ...
"आदरणीय सुशील जी, हास्य पैदा करना एक मुश्किल काम है और यह काम आपकी यह कविता {या संस्मरण :)))...}…"
5 hours ago
Ajay Tiwari commented on विनय कुमार's blog post ईमान- लघुकथा
"आदरणीय विनय जी, एक और अच्छी लघु कथा के लिए हार्दिक बधाई."
5 hours ago
Vikas Sharma 'Daksh' shared their discussion on Facebook
5 hours ago
विनय कुमार posted blog posts
5 hours ago
Ajay Tiwari commented on बृजेश कुमार 'ब्रज''s blog post गीत...तितलियाँ अब मौन हैं-बृजेश कुमार 'ब्रज'
"आदरणीय बृजेश जी,  \\लेकिन छोटी बच्चियों की तुलना अक्सर हम तितलियों से करते हैं जो खिलखिलाती…"
5 hours ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service