For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

नज़्म (मेरे अब्बू) मरहूम के नाम

  1. किस क़दर तल्ख़ियां हैं दुनिया में

नीम रिश्तों में जेसे दर आया

हर तरफ़ तीरगी सी फेली है

रूह घायल है और सहमी है

अपका साथ अब न होने से 

ज़िन्दगी जैसे एक मक़तल है 

और मक़तल में मैं अकेला हूं

ज़िन्दगी की तवील राहों में

ख़ुद को बेआसरा सा पाता हूँ 

साथ एसे में राहबर भी नहीं 

दिल की मेहफ़िल में रोशनी भी नहीं 

रूह में कोई ताज़गी भी नहीं 

मैं हूँ बेआसरा सा सहरा में

ढ़ूंढ़ता हूं वही शफ़ीक़ नज़र

जानता हूँ कि तुम गए हो जहाँ

उस जगह से कभी न लौटोगे

दिल हक़ीक़त से आशना है मगर

फिर भी बैचेन मानता ही नहीं 

एक उम्मीद पाले बैठा है 

इन बयाबान ,आसमानों से

और माज़ी की इन चटानों से

ऐक आवाज़ फिर से उभरेगी

"मद भरी वौ सदाएँ अब्बु की"

"एक दिन तो ज़रूर आएँगी"

"एक दिन तो ज़रूर आएँगी"

मोलिक एवं अप्रकाशित 

Views: 174

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' on October 3, 2018 at 8:02pm

आ. मिर्जा जावेद जी, सुंदर नज्म हुयी है । हार्दिक बधाई ।

Comment by TEJ VEER SINGH on October 3, 2018 at 5:10pm

हार्दिक बधाई आदरणीय मिर्ज़ा जावेद बेग जी। सुंदर गज़ल।

जानता हूँ कि तुम गए हो जहाँ

उस जगह से कभी न लौटोगे

दिल हक़ीक़त से आशना है मगर

फिर भी बैचेन मानता ही नहीं 

Comment by mirza javed baig on October 3, 2018 at 11:56am

बहुत बहुत शुक्रिया मोहतरम जनाब समर कबीर साहिब 

आपकी दाद सनद की हैसियत रखती है। 

मैं आपको ये नज़्म सुनाने के लिए अरस ए दराज़ से बेताब था 

शुक्र है  आज आप तक पहुंचा सका

बहुत शुक्रिया मोहतरम 

बहुत शुक्रिया ओबीओ. मंच

Comment by Samar kabeer on October 3, 2018 at 11:41am

जनाब मिर्ज़ा जावेद बैग साहिब आदाब,अब्बू को समर्पित बहुत उम्दा इज़्म हुई है,बहुत ख़ूब वाह, बहुत बहुत मुबारकबाद इस प्रस्तुति के लिये ।

'हर तरफ़ तीरगी सी फेली है'

इस मिसरे में 'फेली' को "फैली" कर लें ।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

rakesh gupta commented on rakesh gupta's blog post शांति की बलिवेदी पर, निर्मम हत्याएं ओर नही
"भाई कुशक्षत्रप जी शिल्प का मुझे खुद ज्ञान नही तो आपको कैसे समझ आएगा। सीधा सा जो क्रोध दिमाग मे…"
8 hours ago
Dayaram Methani commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि)
"आदरणीय तस्दीक अहमद खान जी, बहुत सुंदर भाव से आेतप्रेत गज़ल के लिए बधाई।"
9 hours ago
डॉ छोटेलाल सिंह commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post सन्त भूषण रविदास
"भाई सुरेन्द्र जी आपका बहुत बहुत आभार"
10 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post अंतिम स्वीकार ....
"आदरणीय  Samar kabeer जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार।"
12 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post अंतिम स्वीकार ....
"आदरणीय narendrasinh chauhan जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार।"
12 hours ago
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि)
"भाई जनाब सुरेन्द्र नाथ साहिब, ग़ज़ल पर आपकी अश्रु पूर्ण शहीदों को श्रद्धांजलि और हौसला अफज़ाई का…"
12 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on डॉ छोटेलाल सिंह's blog post सन्त भूषण रविदास
"आद0 भैया डॉ छोटेलाल सिंह जी सादर अभिवादन। संत शिरोमणि रविदास जी को याद करती बेहतरीन दोहे पर बधाई…"
12 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Hariom Shrivastava's blog post (कल पुलवामा हमले में शहीद 42 जवानों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए) - एक कुण्डलिया छंद-
"आद0 हरिओम श्रीवास्तव जी सादर अभिवादन। बढ़िया कुण्डलिया लिखा आपने, बधाई स्वीकार कीजिये"
12 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on rakesh gupta's blog post शांति की बलिवेदी पर, निर्मम हत्याएं ओर नही
"आद0 राकेश गुप्ता जी सादर अभिवादन। मातृभूमि पर जान न्योछावर करनर वाले अमर बलिदानियों को आपने रचना के…"
12 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post जब तिरंगे में लिपट गांव वो आया होगा (२८ )
"आद0   गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत जी सादर अभिवादन।आपने बेहतरीन ग़ज़ल से भारत माँ के वीर…"
13 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Ganga Dhar Sharma 'Hindustan''s blog post भारत माता करे पुकार...
"आद0गंगाधर शर्मा हिंदुस्तान जी सादर अभिवादन। ओज का प्रवाह करती बढिया रचना पर बधाई समर्पित है। इस…"
13 hours ago
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि)
"आद0 तस्दीक अहमद खान जी सादर अभिवादन। आपने बेहतरीन ग़ज़ल के माध्यम से पुलवामा के शहीदों को श्रंद्धाजलि…"
13 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service