For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

मुझसे ऐ जान-ए-जानाँ क्या हो गई ख़ता है -SALIM RAZA REWA

 221 2122 221 2122
मुझसे ऐ जान-ए-जानाँ क्या हो गई ख़ता है
जो यक-ब-यक ही मुझसे तू हो गया ख़फ़ा है
-
कुछ भी नहीं है शिकवा कुछ भी नहीं शिकायत
क़िस्मत में जो है मेरे  वो मुझको मिल रहा है
-
आंखों में नींद रुख़ पर गेसू बिखर रहे हैं
हिज्र-ए-सनम में शायद वो जागता रहा है
-
शाख़-ए-शजर हैं सूखी मुरझा गई हैं कलियाँ
गुलशन हुआ है वीरां कैसा ग़ज़ब हुआ है
-
इक पल में रूठ जाना इक पल में मान जाना 
उसकी इसी अदा ने दीवाना कर दिया है
-
जब है सज़ा सुनाई दार-ओ-रसन की हमको
फिर पूछते हो क्यूँ अब ख़्वाहिश हमारी क्या है
-
तेरी ख़ुशी में ख़ुश हूँ ग़म में तिरे परेशाँ
मर्ज़ी है जो भी तेरी  मेरी वही रज़ा है
-
दार-ओ-रसन =सूली फाँसी 

मौलिक व अप्रकाशित

Views: 84

Comment

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

Comment by SALIM RAZA REWA on Monday
भाई बृजेश जी बहुत बहुत शुक्रिया,
Comment by SALIM RAZA REWA on Monday
धन्यवाद सुरेंद्र सिंह जी
Comment by सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' on Monday

आद0 सलीम रज़ा जी सादर अभिवादन। बढ़िया ग़ज़ल कही आपने,  बहुत बहुत बधाई, शेष गुनिजनो की बातों का संज्ञान लीजियेगा।

Comment by बृजेश कुमार 'ब्रज' on Saturday

खूबसूरत ग़ज़ल कही आदरणीय सलीम साहब..बधाई

Comment by Samar kabeer on January 12, 2018 at 5:12pm

मक़्ते का ऐब-ए-तनाफ़ुर भी निकालें ।

Comment by SALIM RAZA REWA on January 12, 2018 at 12:18pm
जनाब समर साहब,
ग़ज़ल पे शिरकत के लिए शुक्रिया
. कुछ दब्दीली कर दिए हैं देखिएगा
Comment by SALIM RAZA REWA on January 12, 2018 at 11:48am
सुरेंद्र जी शुक्रिया अर्थ लिख दिया है,
Comment by SALIM RAZA REWA on January 12, 2018 at 11:46am
जनाब आरिफ साहब शुक्रिया,
Comment by Samar kabeer on January 11, 2018 at 5:50pm

जनाब सलीम रज़ा साहिब आदाब,अच्छी ग़ज़ल है, बधाई स्वीकार करें ।

हुस्न-ए-मतला में ईता दोष है ।

मक़्ते में ऐब-ए-तनाफ़ुर और शुतरगुर्बा के दोष हैं ।

Comment by surender insan on January 11, 2018 at 4:13pm

वाह जी वाह बहुत बढ़िया ग़ज़ल जी। बधाई स्वीकार करे  जी।

दार ओ रसन का अर्थ बताये जी।

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अशोक भाईजी चित्र को सार्थक करती इस भावपूर्ण शक्ति छंद पर हार्दिक बधाई। प्रेम दिखने लगा बैर…"
7 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब डॉक्टर छोटे लाल साहिब ,प्रदत्त चित्र पर बहुत ही सुन्दर भुजंग प्रयात छन्द हुए हैं ,मुबारकबाद…"
16 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"मुहतर्मा प्रतिभा साहिबा , प्रदत्त चित्र के अनुरुप सुन्दर भुजंग प्रयात छन्द हुए हैं ,मुबारकबाद क़ुबूल…"
19 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब डॉक्टर छोटे लाल साहिब ,छन्दों को पसन्द करने और आपकी हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया।"
24 minutes ago
Manjeet kaur replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"शक्ति छन्द कि सरसर चले है ये ठंडी पवन सहे तीर तीखे ,भी कैसे बदन कि आजा लगा लूं गले से…"
25 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"मुहतरम जनाब आरिफ़ साहिब आदाब ,छन्दों को पसन्द करने और आपकी हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया।"
26 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब सुरेन्द्र नाथ साहिब , छन्द पसंद करने और आपकी हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया।"
27 minutes ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय  तस्दीक भाई बहुत सुंदर । दोनों छंदों में रचना चित्र के अनुरूप हुई है। हार्दिक बधाई…"
28 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"मुहतर्मा सुनंदा साहिबा , छन्द पसंद करने और आपकी हौसला अफ़ज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया।"
28 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब अशोक कुमार साहिब ,प्रदत्त चित्र के अनुरूप सुन्दर शक्ति छन्द गीत हुआ है ,मुबारकबाद क़ुबूल फरमाएं…"
32 minutes ago
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब सुरेन्द्र नाथ साहिब ,प्रदत्त चित्र पर बहुत सुन्दर भाव समेटे शक्ति छन्द हुए हैं ,मुबारकबाद…"
37 minutes ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 81 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अखिलेश भाई जी, भुजंगप्रयात छंद में निबद्ध आपकी यह रचना चित्र की भावनाओं को सही ढंग से…"
39 minutes ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service