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Rajesh kumari's Comments

Comment Wall (39 comments)

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At 5:19pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीया राजेश कुमारी जी नमस्कार
मुझे बेहद ख़ुशी है की आपने मेरी पहली रचना पढ़ी
मुझे अभी बहुत सीखना है आशा है आप भविष्य में भी मेरी गलतियों की ओर इंगित करती रहेंगी
आपका बहुत बहुत आभार एवम् शुक्रिया
At 5:08pm on November 22, 2015, Sushil Sarna said…

आदरणीया राजेश कुमारी जी दोहा प्रस्तुति पर आपकी स्नेहिल प्रशंसा का तहे दिल से शुक्रिया। 

At 10:51pm on July 28, 2015, Prashant Priyadarshi said…

धन्यवाद आ. राजेश मैम, आपने अपना बहुमूल्य समय दिया, उत्साहवर्धन के शब्द कहे, मेरी सोच-मेरे नजरिये की तारीफ़ की आपने, आपको पसंद आई मेरी कहानी, इसके लिए ह्रदय से आभार व्यक्त करता हूँ. आप सबों के प्रेरक वाक्य ही मेरी कलम को और धारदार और स्थापित करने में सहायक होंगे. धन्यवाद!!

At 9:26pm on December 15, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

आदरणीया

           बिंदु नं 0 2 को ही समझना था  i 'कहते है गोपाल' का  उल्लेख कर आपने मेरे भ्रम का सटीक निवारण किया i आपका स्नेह यूँ ही बना रहे i सादर i

At 5:37pm on December 15, 2014, डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव said…

महनीया

आपसे सदा सीखता रहता हूँ i इसी जिज्ञासा में आपकी  निम्न टिप्पणी पर भी अपनी शंका का निवारण चाहूँगा i

 शैलि ,वैलि में गच्चा खा गए आदरणीय :))) और पकडे भी गए ......       स्वीकार है आदरणीया

अंग्रेजो ने किया     वात-आवरण  कसैला----रोले में विषम             इसे कुछ और स्पष्ट करें महनीया

चरण का गुरु लघु से होना है आपका किया =लघु गुरु 

कुण्डलिया का आरम्भ का शब्द और अंत का शब्द भी एक ही होना    मेरे संज्ञान में अब यह बाध्यता अब

चाहिए                                                                                     समाप्त हो गयी है

                  स म्म्मान आदरणीया i

At 4:43pm on October 23, 2014, Sushil Sarna said…

आपको  सपरिवार ज्योति पर्व की हार्दिक एवं मंगलमय शुभकामनाएं...

At 8:39pm on June 15, 2014, mrs manjari pandey said…
आदरणीया उत्साहवर्धक है आपकी टिप्पणी। मिल कर राह हमें ही है बनानी
At 12:22am on June 10, 2014, जितेन्द्र पस्टारिया said…

जन्मदिन की आपको ढेरों शुभकामनायें  आदरणीया राजेश दीदी

At 10:50am on March 3, 2014, vijay nikore said…

 हे माँ श्वेता शारदे ,  सरस्वती वन्दना (उल्लाला छंद पर आधारित )

इस रचना के feature होने के लिए हार्दिक बधाई, आदरणीया राजेश जी।

 

सादर,

विजय निकोर

At 8:35pm on September 5, 2013, mrs manjari pandey said…

         

       आदरणीया राजेश कुमारी जी साधुवाद गज़ल पर दाद के लिये .

At 11:19am on July 27, 2013, CHANDRA SHEKHAR PANDEY said…

अनुरोध स्वीकार करके आपने मुझे उपकृत किया मैम, नमन

At 11:06am on July 22, 2013, कल्पना रामानी said…

आपकी मित्रता से हार्दिक प्रसन्नता हुई। आभार आपका...

सादर

At 4:46pm on July 18, 2013, राज़ नवादवी said…

राजेश जी, समझाने का बहुत बहुत शुक्रिया! 

At 2:21pm on July 18, 2013, राज़ नवादवी said…

,'केवल दो किलोमीटर पीछे हुए एक्सीडेंट का वो बेचारा पेशेंट साइकिल वाला था ना और ये कार वाला, क्या ये  अंतर मैं नहीं समझती'

आदरणीय राजेश जी, इस अच्छी लघुकथा के उपर्युक्त वाक्य में 'ना' शब्द कहीं गलती से तो नहीं आ गया? क्यूंकि यहाँ पर मुझे अर्थ की स्पष्टता में थोड़ी उलझन महसूस हुई- हो सकता है ये मेरी समझ की अपनी कमी  हो. 

At 12:24pm on July 18, 2013, राज़ नवादवी said…

'खो गए हैं  ख़्वाब के वो सब जजीरे तीरगी में 

गर्दिशों  में डगमगाती कश्तियाँ हम देखते हैं 

क्या ख़बर तेज़ाब की शीशी कहाँ किस हाथ में हो 

रोज शोलों में झुलसती तितलियाँ हम देखते हैं '

- बहुत खूब राजेश जी, आपकी गज़लगोई में क्या खूब निखार आया है. 

At 11:14am on June 10, 2013, vijay nikore said…

Happy birthday, respected Raj ji.

Vijay Nikore

At 11:19am on May 4, 2013, बसंत नेमा said…

आदरणीया . अपने  दोस्तो की सुची मे मुझे शमिल करने के लिये धन्यवाद 

At 4:39pm on February 14, 2013, DINESH PAREEK said…

thnxs ji 

At 6:04pm on February 13, 2013, वेदिका said…

कोटि धन्यवाद !

At 12:47pm on January 11, 2013,
सदस्य टीम प्रबंधन
Dr.Prachi Singh
said…

नव वर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं आदरणीया राजेश कुमारी जी.

मंच पर आपकी कमी सच में खलती है, इस बार महोत्सव में भी आपकी झलक तक न मिल पायी...जिसे सबने महसूस किया. आपका कश्मीर प्रवास कैसा रहा ?

अब अपनी सुन्दर सुन्दर रचनाओं से इस कमी को आप जल्दी ही पूरा करें... सस्नेह सादर.

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