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munish tanha's Discussions (656)

Discussions Replied To (656) Replies Latest Activity

"आए नहीं वो रात हुए नीमजां से हम दर पे टिकी निग़ाहें संगे आस्ताँ से हम इस ज़िन्दगी से…"

munish tanha replied Sep 24 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-135

284 Sep 25
Reply by नादिर ख़ान

"दिल में झांका रब को देखा तो लगे शाहाना हमजां तो ठहरी झूठी रखते ,रब से अब याराना हम…"

munish tanha replied Jul 28 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133

256 Jul 29
Reply by Samar kabeer

"जनाब समर कबीर साहिब अब देखिएगा दिल में झांका रब को देखा तो लगे शाहाना हमजां तो ठहरी…"

munish tanha replied Jul 28 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133

256 Jul 29
Reply by Samar kabeer

"दिल में झांका रब को देखा तो लगे शाहाना हमजां तो ठहरी झूठी रखते ,रब से अब याराना हम ज…"

munish tanha replied Jul 28 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-133

256 Jul 29
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय अजय जी बहुत बेहतरीन ग़ज़ल हुई है बधाई स्वीकार करें"

munish tanha replied Jun 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132

428 Jun 26
Reply by Samar kabeer

"पेट की ख़ातिर सने रहते हैं मिट्टी धूल मेंवक़्त अब मिलता नहीं हमको सँवरने के लिए वाह -…"

munish tanha replied Jun 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132

428 Jun 26
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय आज़ी तमाम जी बहुत खूबसूरत गजल हुई है बधाई स्वीकार करें "

munish tanha replied Jun 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132

428 Jun 26
Reply by Samar kabeer

"  बंदिशे होंगी कई सारी अभी कुछ रोज़ तो फिर मिलेंगे लाख मौके भी सँवरने के लिए वाह - व…"

munish tanha replied Jun 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132

428 Jun 26
Reply by Samar kabeer

"बैठे बैठे यूँ किनारे पर गुहर मिलते नहींहौसला भी चाहिए गहरे उतरने के लिए वाह - वाह आद…"

munish tanha replied Jun 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132

428 Jun 26
Reply by Samar kabeer

"आदरणीय मोहम्मद अनीस अरमान जी धन्यवाद ,शुक्रिया"

munish tanha replied Jun 26 to "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-132

428 Jun 26
Reply by Samar kabeer

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"लिखने और केवल लिखने मात्र को परिचर्चा का अंग नहीं कह सकते. पढ़ना और पढ़े को गुनना भी उतना ही जरूरी…"
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"जनाब बृजेश कुमार ब्रज जी आदाब, आदरणीय निलेश जी की टिप्पणी ग़ज़ल पर आई थी, जिस पर मेरी प्रतिक्रिया…"
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Aazi Tamaam commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल: किसी कँवल का हंसीं ख़ाब देखने के लिये
"जी आदरणीय ब्रज जी बस कोशिश जारी है आपका आभार ग़ज़ल तक आने के लिये ऐसा लगता है की शायद दोषरहित ग़ज़ल…"
3 hours ago
Aazi Tamaam commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल: किसी कँवल का हंसीं ख़ाब देखने के लिये
"जी आदरणीय अमीर जी सहृदय शुक्रिया ग़ज़ल तक आने के लिये आपका दिल से आभार"
3 hours ago
Aazi Tamaam commented on Aazi Tamaam's blog post ग़ज़ल: किसी कँवल का हंसीं ख़ाब देखने के लिये
" सहृदय शुक्रिया आ नूर जी आपकी ग़ज़ल मुझे बहुत पसंद आती है ग़ज़ल तक आने के लिये शुक्रिया मैं इस…"
3 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (दिलों से ख़राशें हटाने चला हूँ )
"जनाब बृजेश कुमार ब्रज जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद सुख़न नवाज़ी और हौसला अफ़ज़ाई का तह-ए-दिल से…"
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मुखर्जी बाबू का विजयदसमी

मुखर्जी बाबू सेवा निवृत्ति के बाद इस बार दुर्गापूजा के समय बेटे रोहन के बार-बार आग्रह करने पर उसी…See More
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सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (दिलों से ख़राशें हटाने चला हूँ )
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Nilesh Shevgaonkar commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (दिलों से ख़राशें हटाने चला हूँ )
"आ. सौरभ सर,यूँ तो मैं अंतिम टिप्पणी कर चुका था किन्तु तनाफुर पर आदतन हडप्पा की खुदाई से यह ग़ज़ल…"
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Nilesh Shevgaonkar commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (दिलों से ख़राशें हटाने चला हूँ )
"आ. सौरभ सर,मुझे लगता है कि आपकी ताज़ा टिप्पणी विषयांतर है .. यहाँ बात अमीर साहब के मतले की है और मैं…"
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अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (दिलों से ख़राशें हटाने चला हूँ )
"//अनेकानेक शाइर हैं, जिनके शेर में जहाँ-तहाँ दोष दीख जाते हैं. लेकिन शाइर अपनी गलतियों को लेकर…"
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