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"पंजाबी साहित्य"(ਪੰਜਾਬੀ ਸਾਹਿਤ) Discussions (30)

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ਅਫਸੋਸ ( ਮਿੰਨੀ ਕਹਾਣੀ)

                                 ਅਫਸੋਸ  ਅੱਜ ਬਾਪੁ ਸਾਹਿਬ ਸਿੰਘ ਦਾ ਸਸਕਾਰ ਸੀ ,ਸਾਰਾ ਪਿੰਡ ਸਸਕਾਰ ਨਾਲ ਗਿਆ ਹੋਇਆ  ਸੀ ,ਬੜੇ ਰੁਤਬੇ ਵਾਲਾ ਬੰਦਾ ਜੁ ਸੀ ਓਹ \…

Started by Surjit Singh Sirdi

0 Aug 18, 2016

हुंण मैं की करां .......

हुंण मैं की करां .......  रुड़ जाणी नूं ले के सौंदा मेरी कदर न जाने आसे पासे लौकी देंदे सौतन दे मैनूं ताने बावाँ विच वी हो के ओ ताँ मेनू…

Started by Sushil Sarna

2 Jun 18, 2015
Reply by Sushil Sarna

हुण आ गया सावन ……

अम्बराँ विच चमकदी बिजली, देंदी सौ सौ वाजाँ हुण आ गया सावन ओ जोगी घर तूं वी घर आजाइक ताँ अग लगावन बूँदां ते दूजियाँ तेरियां यादाँहुण आ गया स…

Started by Sushil Sarna

2 Apr 15, 2015
Reply by Sushil Sarna

नौआं साल

नौएँ  साले  2013 दी सबनिजो लक्ख लक्ख बधाई    नौआं साल    छड्डी चलेया पुराणा साल  नौआं आणे यो त्यार  तिन्नी क्या सांजो अम्ब देयी दित्ते   इ…

Started by Deepak Sharma Kuluvi

0 Dec 31, 2012

मामा जीती गेया

मामा जीती गेया जीती गेया मेरा मामा ओ लोकोहुण होई जाणी अपणी मौज छड्ड दिल्लिया असाँ चली जाणा कुल्लूबणाई लैणी अपणी फौज़दिन भर करनी मटरगस्तीकोई…

Started by Deepak Sharma Kuluvi

2 Dec 26, 2012
Reply by Deepak Sharma Kuluvi

आयी दयाली

आयी दयाली हाई वो लोको आयी दयाली खर्चा बड़ा पर खीसा खाल्ली चाली रपैय्ये होई गयी खंड कियाँ पीणी चायी दी प्याल्ली  हुण ताँ पाईया बूंदी लयोआ स…

Started by Deepak Sharma Kuluvi

0 Nov 8, 2012

(जाणा कल्लेयाँ ही पैंदा)

रब्ब दी रज़ा जे मंनेंगा ते सुख भरपूर तू पाँवेंगानहीं ते जीवन भर तू बंदेया कलपदा ही रह जांवेंगा************************************** पंजाबी…

Started by Deepak Sharma Kuluvi

2 Nov 6, 2012
Reply by Deepak Sharma Kuluvi

करवा चौथे दा लुत्फ़

करवा चौथे दा लुत्फ़   लाड़ी ग्लांदी पैर बंदायी लेया करवा चौथे दा लुत्फ़ उठाई लेया व्रत रख्खी के थक्की गयी मैं ताँ तुसां रोटी अप्पू बणाई के…

Started by Deepak Sharma Kuluvi

0 Nov 2, 2012

कैहं नी लगांदे

कैहं नी लगांदे    लाड़ी ग्लांदी चला वो सारे गंगा नौहई औईए सारे मिलिके पापी महापापी रावणे जो फूकी औईए देया करड़ा है मरदा नी मड़ा हर साल जन्म…

Started by Deepak Sharma Kuluvi

0 Oct 9, 2012

ਤੀਆਂ ਤੀਜ ਦੀਆਂ

ਅੱਜ 9 ਸਾਉਣ ਹੈ।ਤੀਆਂ ਦਾ ਤਿਉਹਾਰ ਸਾਉਣ ਮਹੀਨੇ ਦੀ ਮੱਸਿਆ ਤੋਂ ਬਾਦ ਤੀਜ ਤੋਂ ਸ਼ੁਰੂ ਹੁੰਦਾ ਹੈ  ਤੇ ਪੁੰਨਿਆ ਤੱਕ ਚਲਦਾ ਰਹਿੰਦਾ ਹੈ।ਇਸ ਵਰ੍ਹੇ 4 ਸਾਉਣ (19 ਜੁਲਾਈ) ਦੀ…

Started by SS

0 Jul 24, 2012

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योगराज प्रभाकर replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आ० सौरभ भाई जी, जन्म दिवस की अशेष शुभकामनाएँ स्वीकार करें। आप यशस्वी हों शतायु हों।.जीवेत शरद: शतम्…"
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Sushil Sarna posted a blog post

दोहा त्रयी. . . . . .

दोहा त्रयी. . . . . . ह्रदय सरोवर में भरा, इच्छाओं का नीर ।जितना इसमें डूबते, उतनी बढ़ती पीर…See More
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अमीरुद्दीन 'अमीर' posted a blog post

ग़ज़ल (जो भुला चुके हैं मुझको मेरी ज़िन्दगी बदल के)

1121 -  2122 - 1121 -  2122 जो भुला चुके हैं मुझको मेरी ज़िन्दगी बदल के वो रगों में दौड़ते हैं…See More
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"आ. भाई सौरभ जी, आपकी बात से पूर्णतः सहमत हूँ ।"
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"आपका सादर आभार, प्रतिभा जी"
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Saurabh Pandey replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"सादर आभार, आदरणीय अमीरुद्दीन साहब"
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Saurabh Pandey replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"सादर आभार, आदरणीय लक्ष्मण जी"
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सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आपका सादर आभार, आदरणीय विजय जी. "
20 hours ago

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Sushil Sarna's blog post तेरे मेरे दोहे ......
"आदरणीय सुशील सरना जी का दोहा कहीं खारिज नहीं होने जा रहा है, आदरणीय नीलेश जी.  भ्रमकारी सुझाव…"
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Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post तेरे मेरे दोहे ......
"आदरणीय तेज वीर सिंह जी सृजन के भावों को मान देने का दिल से आभार । सादर नमन"
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अमीरुद्दीन 'अमीर' posted a blog post

(ग़ज़ल )...कहाँ मेरी ज़रूरत है

1222 - 1222 - 1222 - 1222फ़क़त रिश्ते जताने को यहाँ मेरी ज़रूरत है अज़ीज़ों को सिवा इसके कहाँ मेरी…See More
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post जिसकी आदत है घाव देने की - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन। गजल की प्रशंसा के लिए हार्दिक धन्यवाद।"
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