For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

थारे बिण म्हारो जियो रे  भटके 

सुण क्यूं न  लेवे   तू म्हारी पुकार 

म्हाने रात्यां में नींद कोणी  आवे रे 

थारी ओल्युं ढोला म्हाने जगावे  रे 

बन मां व्याकुल घुमे रे हिरणी

कस्तूरी री महक  लागे मनभावन 

आ सुगंध  मन  मां प्रीत जगावे रे 

म्हाने  रातां  मां नींद कोनी आवे रे 

थारी ओल्युं ढोला म्हाने तरसावे रे 

रिमझिम बरसे मेह  यो निगोड़ो

बूंदा चमकती  चम चम- चम-चम

मन मां टीस प्रेम री उपजावे रे 

म्हाने रात्यां मां नींद कोणी आवे रे

डिम्पल गौर ' अनन्या ' 1-2-2015

 (मौलिक और अप्रकाशित )

Views: 435

Replies to This Discussion

रचना स्वीकार करने के लिए आपका  बहुत  बहुत आभार ..

RSS

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Rakshita Singh replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136
"आदरणीय अमित जी, नमस्कार।  "जितने मुँह उतनी बातें सच तो आखिर ये ही है । अपना ठौर मिटा कर…"
27 minutes ago
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136
"आदरणीय अमीरुद्दीन अमीर जी बहुत ही खूबसूरत गजल कही बहुत-बहुत बधाइयां। इस शेर में मैं मात्राओं के…"
1 hour ago
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136
"आदरणीय लक्ष्मण धामी भाई जी बहुत अच्छी ग़ज़ल हुई बहुत-बहुत बधाइयां। इस शैर में मात्राएं एक बार फिर…"
1 hour ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136
"ख़ुश-आमदीद मुहतरम।"
1 hour ago
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136
"अभिवादन आदरणीय।"
1 hour ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136
"आँखों ही आँखों में उसने 'वो' सब-कुछ इरशाद किया   दिल तो फ़क़त बदनाम है यारो…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136
"इतिहासों की भूलों को रट यौवन तक ढब याद कियालेकिन किस शासक ने खुद को उनसे है आजाद किया।१।*लम्बे चौड़े…"
1 hour ago
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136
"सर्दी, गर्मी, बरसातों में, हर मौसम में याद किया।पहले उसका नाम लिया फिर सब कुछ उसके बाद…"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136
"सादर अभिवादन आदरणीय।"
1 hour ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-136
"."
1 hour ago
Samar kabeer commented on Anjuman Mansury 'Arzoo''s blog post ग़ज़ल - फिर ख़ुद को अपने ही अंदर दफ़्न किया
"//हिन्दी छंदों में कई जगह 222 को २१२१ लिया गया है और कतई लय भंग नहीं है// छंदों में ज़रूर ऐसा किया…"
8 hours ago
Shyam Narain Verma commented on Sushil Sarna's blog post तकरार- (कुंडलिया) ....
"नमस्ते जी, बहुत ही सुंदर भाव, हार्दिक बधाई l सादर"
11 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service