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धार्मिक साहित्य

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धार्मिक साहित्य

इस ग्रुप मे धार्मिक साहित्य और धर्म से सम्बंधित बाते लिखी जा सकती है,

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चामर छन्द "मुरलीधर छवि"

चामर छन्द "मुरलीधर छवि"गोप-नार संग नन्दलालजू बिराजते।मोर पंख माथ पीत वस्त्र गात साजते।रास के सुरम्य गीत गौ रँभा रँभा कहे।कोकिला मयूर कीर कूक गान गा रहे।।श्याम पैर गूँथ के कदंब के तले खड़े।नील आभ रत्न बाहु-बंद में कई जड़े।।काछनी मृगेन्द्र लंक में लगे…Continue

Tags: छंद, चामर

Started by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' on Sunday.

लावणी छन्द (ईश गरिमा) 1 Reply

लावणी छन्द (ईश गरिमा)तेरी ईश सृष्टि की महिमा, अद्भुत बड़ी निराली है;कहीं शीत है कहीं ग्रीष्म है, या बसन्त की लाली है।जग के जड़ चेतन जितने भी, सब तेरे ही तो कृत हैं;जो तेरी छाया से वंचित, वे अस्तित्व रहित मृत हैं।।धैर्य धरे नित भ्रमणशील रह, धार रखे…Continue

Tags: छंद, लावणी

Started by बासुदेव अग्रवाल 'नमन'. Last reply by सुचिसंदीप अग्रवालl May 3.

पञ्चचामर छन्द, श्री हनुमान वंदना 2 Replies

उपासना करें सभी,महाबली कपीश की,विराट दिव्य रूप की,दयानिधान ईश की।कराल काल जाल से, प्रभो उबार लीजिये,अपार भक्ति दान की,कृपा सदैव कीजिये।प्रदीप्त बाल सूर्य को,मुखारविंद में लिया,पराक्रमी अबोध ने,डरा सुरेन्द्र को दिया।किया प्रहार इंद्र ने,अचेत केशरी…Continue

Tags: पर।, 8+8, चार, चरण, समतुकांत।)

Started by सुचिसंदीप अग्रवालl. Last reply by सुचिसंदीप अग्रवालl May 3.

मरहठा छंद "कृष्ण लीलामृत"

मरहठा छंद "कृष्ण लीलामृत"धरती जब व्याकुल, हरि भी आकुल, हो कर लें अवतार।कर कृपा भक्त पर, दुख जग के हर, दूर करें भू भार।।द्वापर युग में जब, घोर असुर सब, देन लगे संताप।हरि भक्त सेवकी, मात देवकी, सुत बन प्रगटे आप।।यमुना जल तारन, कालिय कारन, जो विष से…Continue

Tags: मरहठा

Started by बासुदेव अग्रवाल 'नमन' Apr 26.

भक्तिरस के दोहे : 2 Replies

भक्तिरस के दोहे :देना हो तो दीजिए, प्रभु ऐसा वरदान। मुख से निकले राम जब, प्राण करें प्रस्थान।1।पाना हो जो राम तो , बन जाओ हनुमान। अंतर्घट के तीर पर, करो राम का ध्यान।2।श्रद्धा से पाषाण भी, बन जाते भगवान। बिन श्रद्धा तो राम के , दरस नहीं आसान…Continue

Started by Sushil Sarna. Last reply by Sushil Sarna Aug 13, 2020.

गणपति वंदना

गणपति महाराजा, पूर्ण करो काजा, दयावंत, दयाधारी.गौरी नंदन , दूर करो क्रंदन, जाऊँ मैं  बलिहारी.रिद्धि-सिद्धि के स्वामी, अंतर्यामी, तुम हो बड़े दयालु.शरण जो आवे, सब पा जावे, कृपावंत हे कृपालु.बुद्धिमान तुम बुद्धिबल दाता, मूषक तुम्हरी सवारी.हे लम्बोदर,…Continue

Tags: गौरी, नन्दन, विनायक, मंगलमूर्ति, पूज्य

Started by Anita Sharma Oct 5, 2018.

तुलसी : एक सच्चे गुरु

तुलसी :एक सच्चे गुरु'उमा कहेउ मैं अनुभव अपना. सत हरि भजन जगत सब सपना.' इस एक चौपाई में संतकवि तुलसी जीवन के उस परम सत्य से साक्षात् कराते हैं जो सभी ग्रंथों का सार है.यह बात जिस सरलता के साथ देवाधिदेव भगवान शंकर द्वारा माता पार्वती को बताई जा रही है…Continue

Started by Ganga Dhar Sharma 'Hindustan' Aug 25, 2018.

जपत रटत राम नाम, तरना है दुनिया

(छंद-उड़ियाना पद, विधान- उड़ियाना-12, 10 अंत में एक गुरू, उड़ियाना पद 12,12,12,10 अंत में एक गुरू)जपत रटत राम नाम, तरना है दुनियाजपत रटत राम नाम, तरना है दुनियाकर्म करत एक घ्येय, एक लक्ष्य एक गेह,भक्ति शक्ति मान रखे, भक्त बड़ा गुनिया ।।स्वार्थ मोह राग…Continue

Started by रमेश कुमार चौहान May 31, 2018.

हरो बाधा सभी हनुमन........

हरो बाधा सभी हनुमन.....विधाता छंद हरो बाधा सभी हनुमन.........शरण मैं आपकी आया। करो मुझपर कृपा ऐसी,....विमल हो बुद्धि मन काया।। नमन करता सदा भजता,.........हृदय से केशरी नंदन। द्रवित हों अंजनी लाला, पवन सुत सुन विनय वंदन।१। सिया के राम लगते…Continue

Tags: छंद, विधाता

Started by Satyanarayan Singh Apr 1, 2018.

मौसे कह गयो थो कान्हा (कविता)

मौसे कह गयो थो कान्हाबेगी ही आ जावेगोसलौनी सन्ध्या हो चली हैजाने कब वो आवेगोमाखन देखो सूख गयो हैधूप में कान्हा जब से गयो हैहाय हाय अब मैं का करूँमेरो कान्हा खो गयो है ।देखो ग्वाल सब आये गए हैमाय माय कह बुलाये रहए हैसब के ललना आये गए हैंकान्हा कू…Continue

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़') Oct 12, 2017.

 
 
 

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