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धार्मिक साहित्य Discussions (152)

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गणपति वंदना

गणपति महाराजा, पूर्ण करो काजा, दयावंत, दयाधारी. गौरी नंदन , दूर करो क्रंदन, जाऊँ मैं  बलिहारी. रिद्धि-सिद्धि के स्वामी, अंतर्यामी, तुम हो…

Started by Anita Sharma

0 Oct 5, 2018

तुलसी : एक सच्चे गुरु

तुलसी :एक सच्चे गुरु 'उमा कहेउ मैं अनुभव अपना. सत हरि भजन जगत सब सपना.' इस एक चौपाई में संतकवि तुलसी जीवन के उस परम सत्य से साक्षात् कराते…

Started by Ganga Dhar Sharma 'Hindustan'

0 Aug 25, 2018

जपत रटत राम नाम, तरना है दुनिया

(छंद-उड़ियाना पद, विधान- उड़ियाना-12, 10 अंत में एक गुरू, उड़ियाना पद 12,12,12,10 अंत में एक गुरू) जपत रटत राम नाम, तरना है दुनिया जपत रटत रा…

Started by रमेश कुमार चौहान

0 May 31, 2018

हरो बाधा सभी हनुमन........

हरो बाधा सभी हनुमन..... विधाता छंद हरो बाधा सभी हनुमन.........शरण मैं आपकी आया। करो मुझपर कृपा ऐसी,....विमल हो बुद्धि मन काया।। नमन करता सद…

Started by Satyanarayan Singh

0 Apr 1, 2018

अनुष्टुप छंद

अनुष्टुप छंद यह छन्द न पूर्णतयः मात्रिक है, न ही पूर्णतयः वार्णिक। इसमें चार चरण होते हैं। हर चरण में आठ वर्ण होते हैं - पर मात्राएँ सबमें…

Started by SANDEEP KUMAR PATEL

2 Dec 30, 2017
Reply by SANDEEP KUMAR PATEL

मौसे कह गयो थो कान्हा (कविता)

मौसे कह गयो थो कान्हा बेगी ही आ जावेगो सलौनी सन्ध्या हो चली है जाने कब वो आवेगो माखन देखो सूख गयो है धूप में कान्हा जब से गयो है हाय हाय अ…

Started by KALPANA BHATT ('रौनक़')

0 Oct 12, 2017

शक्ति के रूप

शक्ति के रूप  (मौलिक एवं अप्रकाशित ) हिमालय की लाली मां, हैं बैल पर सवार | दिव्य रूप हाथ त्रिशूल, सुशोभित पद्म सार ||   सत्व सत्ता प्रकृति…

Started by VINOD GUPTA

2 Sep 6, 2017
Reply by VINOD GUPTA

मेरो किशन कन्हाई काहे मोहे तड़पायो

मेरो किशन कन्हाई काहे मोहे तड़पायो , मो कहूँ आवत नाही कबहू -२ ना मुख चंद्र दिखायो , मेरो किशन कन्हाई काहे मोहे तड़पायो। बहुत सुनिन्ह है तोरे…

Started by Mohit mishra (mukt)

2 Aug 30, 2017
Reply by Mohit mishra (mukt)

कान्हा को नाच नचा गयी राधा

बैरिन बंशी चुराने चली जब तो पहले सकुचा गयी राधा चोरी से चुपके से हौले से धीरे से कान्हा की आँख बचा गयी राधा पूछा किये मुरलीधर श्याम तो लीला…

Started by Alok Rawat

2 Aug 29, 2017
Reply by Alok Rawat

राधा राधा नाम रटे

राधा राधा नाम रटे, सारे बन्धन तुरंत कटे। आप तरे भवसागर से, युक्त रहे नटनागर से।। नाम धन जो लूटेगा,  चौरासी से छूटेगा।। गाएंगे जो प्रेम से…

Started by डा॰ सुरेन्द्र कुमार वर्मा

0 Aug 29, 2017

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अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"जी सही। यही मेरा भाव था।"
3 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"आ. भाई अमित जी, सादर अभिवादन। सुन्दर गजल हुई है। बहुत बहुत बधाई।"
3 minutes ago
अजय गुप्ता 'अजेय replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"विपरीत अर्थ इस संदर्भ में लगा कि सामान्यतः हम कहते हैं कि तिरगी मिटाने के लिए एक दिया भी बहुत है।…"
3 minutes ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"आ. रचना बहन सादर अभिवादन। अच्छी गजल हुई है। हार्दिक बधाई ।"
9 minutes ago
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"आदरणीय निलेश 'नूर' जी तरही मिसरे पर अच्छी ग़ज़ल की हार्दिक बधाई।"
13 minutes ago
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"आदरणीय मनन कुमार सिंह जी नमस्कार।तरही ग़ज़ल पर बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई।बधाई।"
16 minutes ago
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"आदरणीय तस्दीक़ अहमद ख़ान जी नमस्कार।तरही मिसरे पर अच्छी ग़ज़ल की बधाई स्वीकार करें।"
18 minutes ago
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"आदरणीय शिज्जु "शकूर जी तरही मिसरे पर बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई। हार्दिक बधाई स्वीकार करें।"
22 minutes ago
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"बेटियों के लिए ग़ज़ल 212 212 212 212 1 रब से माँगू दुआ उस कली के लिए  जो खिली है मेरे घर किसी…"
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Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"आदरणीय संजय शुक्ला जी बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई। वाह "
38 minutes ago
Gurpreet Singh jammu replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"वाह वाह आदरणीय अमित जी, पहली बार आपकी ग़ज़ल पढ़ी। बहुत ही पसंद आई आपकी शायरी। कहा जा सकता है कि…"
41 minutes ago
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-151
"आदरणीय दण्डपाणि नाहक जी अच्छी ग़ज़ल हुई बधाई।"
43 minutes ago

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