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बसंत कुमार शर्मा
  • Male
  • जबलपुर, मध्यप्रदेश
  • India
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post नवगीत- राजनीति के पंडे
"आ. भाई बसंत जी, सुंदर रचना हुई है । हार्दिक बधाई।"
1 hour ago
Samar kabeer commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post पलकों पे ठहर जाता है - ग़ज़ल
"जनाब बसंत कुमार शर्मा जी आदाब,अच्छी ग़ज़ल कही आपने,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।"
Tuesday
Samar kabeer commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post नवगीत- राजनीति के पंडे
"जनाब बसंत कुमार शर्मा जी आदाब,अच्छा नवगीत लिखा आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
Tuesday
बसंत कुमार शर्मा posted blog posts
Monday
PHOOL SINGH commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post नवगीत- राजनीति के पंडे
"खंडित जन विश्वास हो रहा संबंधों का ह्रास हो रहा जंगल, दंगल की भाषा का, अद्भुत यहाँ विकास हो रहा   अब वादों की फसलें होंगी, मुर्गे देंगे अंडे बहुत सुंदर बधाई स्वीकारे|"
Monday
बसंत कुमार शर्मा posted a blog post

नवगीत- राजनीति के पंडे

लेकर आयेहैं जुगाड़ से,रंग-बिरंगे झंडेसजा रहेहर जगह दुकानें,राजनीति के पंडे खंडित जनविश्वास हो रहासंबंधों काह्रास हो रहाजंगल, दंगल कीभाषा का,अद्भुत यहाँ विकास हो रहा अब वादोंकी फसलें होंगी,मुर्गे देंगे अंडे दुख कोदेश निकाला देंगेसुख कारोज निवाला देंगेसर्दी मेंचिंता मत करना,सबको एक दुशाला देंगें   रोज नईचौपालसजेगी,संडे हो या मंडे शेर सभी काकाज करेंगेगीदड़ जीअब राज करेंगेचिंता तूबिलकुल मत करना,जो करना है आज करेंगे   मत देने तकमत होने दे,अरमानों को ठंडे कोई मतलबनहीं फाग सेपाएँ कुर्सीगुणा भाग सेचूल्हा…See More
Sunday
बसंत कुमार शर्मा commented on Naveen Mani Tripathi's blog post ग़ज़ल
"आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी जी सादर नमस्कार , शानदार ग़ज़ल हुई है, बहुत बहुत बधाई आपको - बसंत "
Saturday
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post मन तिरता आकाश - गीत
"आदरणीय लक्ष्मण धामी मुसाफिर जी सादर नमस्कार, आपकी हौसलाअफजाई का दिल से शुक्रिया "
Feb 8
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post मन तिरता आकाश - गीत
"आदरणीय समर कबीर जी सादर नमस्कार, आपकी हौसलाअफजाई को सादर नमन "
Feb 8
Samar kabeer commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post मन तिरता आकाश - गीत
"जनाब बसंत कुमार शर्मा जी आदाब,अच्छा गीत लिखा आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
Feb 8
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post मन तिरता आकाश - गीत
"आ. भाई बसंत जी, सादर अभिवादन । सुंदर गीत हुआ है । हार्दिक बधाई ।"
Feb 8
बसंत कुमार शर्मा commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post नफरत को लोग शान से सर पर बिठा रहे - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' (गजल)
"आदरणीय लक्ष्मण धामी जी सादर नमस्कार, वाह लाजबाव ग़ज़ल हुई , बधाई स्वीकारें"
Feb 7
बसंत कुमार शर्मा posted a blog post

मन तिरता आकाश - गीत

 मन तिरता आकाश नैनों में सपने तिरते हैं,मन तिरता आकाशदेखूं जब भी तेरा मुखड़ा,लगता खिला पलाश मधुरिम गीत लिख रही मेंहदी,पायल गाती हैमाथे पर कुमकुम की ज्वाला,तन दहकाती है मावस रात लगे पूनम सी,ऐसा हुआ प्रकाश   तेरे कदमों की आहट जब,द्वारे पर आईमेरे मन के भीतर गूंजी,मीठी शहनाई तुझे अंक में भर लेने को,हैं व्याकुल भुजपाश बाकी सारी दुनियादारी,लगती है फरजीसाथ तुम्हारा रहे हमेशा,यही एक अरजी प्रतिदिन हो बरसात प्रेम की,हो न कभी अवकाश"मौलिक एवं अप्रकाशित"See More
Feb 7
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post आग नहीं वो पानी होगी- बसंत
"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी सादर नमस्कार, आपकी हौसलाअफजाई का शुक्रिया "
Feb 7
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post आग नहीं वो पानी होगी- बसंत
"आ. भाई बसंत जी, सुंदर गजल हुयी है । हार्दिक बधाई ।"
Jan 29
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post आग नहीं वो पानी होगी- बसंत
"आदरणीय समर कबीर जी, सादर नमस्कार, आपकी हौसलाअफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया "
Jan 28

Profile Information

Gender
Male
City State
जबलपुर (मध्यप्रदेश)
Native Place
धौलपुर
Profession
भारतीय रेल यातायात सेवा
About me
बोन्साई एवं कविता लेखन में रूचि

बसंत कुमार शर्मा's Blog

पलकों पे ठहर जाता है - ग़ज़ल

मापनी - 2122, 1122,1122, 22(112)

 

दूर साहिल हो भले, पार उतर जाता है

इश्क में जब भी कोई हद से गुज़र जाता है

 

है तो मुश्किल यहाँ तकदीर बदलना लेकिन    

माँ दुआ दे तो मुकद्दर भी सँवर जाता है  

 

हमसफ़र साथ रहे कोई…

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Posted on April 15, 2019 at 9:30am — 1 Comment

नवगीत- राजनीति के पंडे

लेकर आये

हैं जुगाड़ से,

रंग-बिरंगे झंडे

सजा रहे

हर जगह दुकानें,

राजनीति के पंडे

 

खंडित जन

विश्वास हो रहा…

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Posted on April 13, 2019 at 10:07pm — 3 Comments

मन तिरता आकाश - गीत

 

मन तिरता आकाश

 

नैनों में सपने तिरते हैं,

मन तिरता आकाश

देखूं जब भी तेरा मुखड़ा,

लगता खिला पलाश

 

मधुरिम गीत लिख रही मेंहदी,

पायल गाती है

माथे पर कुमकुम…

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Posted on February 7, 2019 at 5:15pm — 4 Comments

आग नहीं वो पानी होगी- बसंत

बह्र - फैलुन *४ 

जो मेरी दीवानी होगी

आग नहीं वो पानी होगी

 

हाथ बढ़ाया है जब उसने

कुछ तो मन में ठानी होगी

 

एक नजर में लूट लिया दिल

कुछ तो बात पुरानी होगी

 …

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Posted on January 25, 2019 at 3:42pm — 5 Comments

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At 2:23pm on September 28, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

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