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Anamika singh Ana
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vijay nikore commented on Anamika singh Ana's blog post गीत
"रचना अच्छी लगी। बधाई, आदरणीया अनामिका जी।"
Jan 9

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey commented on Anamika singh Ana's blog post गीत
"आल्हा छंद पर आधारित गीत प्रयास के लिए हार्दिक बधाइयाँ. भावों तथा विन्यास का सुंदर सामंजस्य प्रभावी बन पड़ा है, आदरणीया अनामिका अना जी. शुभातिशुभ.."
Jan 7
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Anamika singh Ana's blog post गीत
"आद0 अनामिका जी सादर अभिवादन। बढ़िया रचना लगीं, बधाई स्वीकार कीजिये।"
Jan 5
Rachna Bhatia commented on Anamika singh Ana's blog post गीत
"बहुत ही सुन्दर गीत बधाई स्वीकार करें।"
Jan 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Anamika singh Ana's blog post गीत
"आ. अनामिका जी, सुंदर गीत हुआ है । हार्दिक बधाई ।"
Jan 5
Anamika singh Ana posted a blog post

गीत

बात बर्फ सी जमी हुई है, शब्दों में है लेकिन आग ।देखो चमन न बँटने पाये, निकले हैं जहरीले नाग ।।                                                              बाढ़ आ गई आगजनी की,तोड़-फोड़ होती अविराम ।भाईचारा है सूली पर, लोकतंत्र के चक्के जाम ।।राष्ट्र संपदा की बलि देकर, दुश्मन खेल रहा है फाग ।देखो चमन न बँटने पाये , निकले हैं जहरीले नाग ।।                             हिंसा भीड़ तमाशे का जो, बैठे हैं लेकर हथियार ।वे भी तो निकले हैं करने , लोकतंत्र का बंटाधार ।।देश प्रेम से होता है क्यों,उनका हरदिन…See More
Jan 4
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 104 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय समर कबीर जी , इस रचना का उद्देश्य भी यही था । हार्दिक आभार आपका सराहना हेतु ।"
Dec 22, 2019
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 104 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अजय गुप्ता जी , यकीनन आपका कहना उचित है , यह गीत बहुत हल्के - फ़ुल्के अंदाज़ में लिखा मैंने और उत्साह के चलते मैंने इस दोष पर गौर  न कर पाया , सादर ।"
Dec 22, 2019
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 104 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया  से क़लम को सुकून मिला , हार्दिक आभार आदरणीय ।"
Dec 22, 2019
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 104 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी आपकी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया  से क़लम को सुकून मिला , हार्दिक आभार आदरणीय ।"
Dec 22, 2019
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 104 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय अजय गुप्ता जी सराहना हेतु हार्दिक आभार आपका आदरणीय "
Dec 22, 2019
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 104 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया प्रतिभा जी , सृजन की सराहना हेतु अतिशय आभार आपका ।  ' हड़ाया ' शब्द का प्रयोग हमारे यहाँ बोलचाल में परेशान या तंग करने के लिये किया जाता है , बस उसी लहजे में लिख दिया । उचित मार्गदर्शन हेतु पुनः सप्रेम आभार । "
Dec 22, 2019
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 104 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सतविद्र कुमार राणा जी सराहना हेतु हार्दिक आभार आपका ।   संग /सँग लिखने से शायद बात बने , अन्यथा समय मिलने पर इसमें कुछ और संशोधन करने का प्रयास करूँगी , सादर ।"
Dec 22, 2019
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 104 in the group चित्र से काव्य तक
"सार छंद आधारित गीत - ~~~~~~~~~~~~~ द्वार तुम्हारे देखो सजनी , चढ़ घोड़ी पर आया । ब्याह रचाने खातिर कबसे , फिरता था बौराया ।।                                (१) शाही…"
Dec 21, 2019
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
" हार्दिक आभार आपका आदरणीय प्रस्तुत गीत की सराहना हेतु ।"
Aug 19, 2019
Anamika singh Ana replied to Admin's discussion ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 100 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय , आपकी सराहना व मार्गदर्शन अमूल्य है मेरे लिये , प्रयास रहेगा कि आपके कथन का स्मरण  रखकर ही सृजन करूँ , सादर प्रणाम ।"
Aug 19, 2019

Profile Information

Gender
Female
City State
U P
Native Place
Firozabad
Profession
Teaching
About me
As soon as I came to know tell everyone

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गीत

बात बर्फ सी जमी हुई है, शब्दों में है लेकिन आग ।

देखो चमन न बँटने पाये, निकले हैं जहरीले नाग ।।

                                 

                             

बाढ़ आ गई आगजनी की,तोड़-फोड़ होती अविराम ।

भाईचारा है सूली पर, लोकतंत्र के चक्के जाम ।।

राष्ट्र संपदा की बलि देकर, दुश्मन खेल रहा है फाग ।

देखो चमन न बँटने पाये , निकले हैं जहरीले नाग ।।

                             

हिंसा भीड़ तमाशे का जो,…

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Posted on January 4, 2020 at 3:30pm — 5 Comments

गीत

सदानीरा बहे कल - कल , गगन पर चाँद तारे हैं ।

अलौकिक दृश्य वसुधा पर ,सुभग मनहर नजारे हैं ।।

उजालों ने चुगा शशि है , उषा आयी उगा रवि है ।

मही पर पुष्प शुचि कुसुमित,उड़े नभ पर विहग प्रमुदित ।।

झरे सित पुष्प शिउली के ,हवाओं ने बुहारे हैं ।

अलौकिक दृश्य वसुधा पर , सुभग मनहर नजारे हैं ।।

लली वृषभानु की राधा , ढके मुख घूँघटा आधा ।

चली पनघट लिये गागर ,खड़े हैं गैल नटनागर ।।

हुयीं लखि लाज से दुहरी , मदन करते इशारे…

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Posted on May 17, 2019 at 9:30pm — 6 Comments

पञ्चचामर छंद ( ज र ज र ज गा )

निशुंभ शुम्भ मर्दिनी , जया त्रिकूट वासिनी |

शिवा प्रिया महातपा , सुधीर माँ सुहासिनी ||

विराट भाल दिव्य शक्ति मुंडमाल धारिणी |

कृपालु दृष्टि भाविनी नमामि लोक तारिणी ||

विशाल भाल चंद्रिका सुदीर्घ नेत्र शान हैं |

कृपालु मातु शीश केश यामिनी समान हैं ||

कपोल हैं भरे -भरे व होंठ लाल –लाल हैं |

विराट रूप देख मातु भक्त भी निहाल हैं ||

विशाल रक्तबीज अंत मातु तेग से किया |

विनाश चंड मुंड का प्रचंड वेग से किया…

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Posted on March 21, 2018 at 11:00pm — 14 Comments

कुंडलिया छंद

 

 माना ताज  मिसाल  है , सुंदरता की  एक l

 चीख़ें गूँजीं हैं यहाँ , करुणा भरी अनेक ll

 करुणा भरी अनेक , यहाँ पर लिखीं कहानी l

 कटे   करों  से खून, बहा  है  बनकर  पानी ll

 'अना'  जान ले  सत्य, ताज  का हर दीवाना l

 प्रेम   निशानी  ताज, अजब है जग में माना ll

  - अनामिका सिंह  'अना'

    मौलिक व अप्रकाशित 

Posted on March 15, 2018 at 6:30pm — 11 Comments

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