For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Asif zaidi
Share
 

Asif zaidi's Page

Latest Activity

Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-53 (विषय अधिकार)
"आदरणीय मनन जी बहुत बहुत बधाई लघुकथा के लिए सादर ।"
Aug 30
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-53 (विषय अधिकार)
"मोहतरम उस्मानी साहब अपने विषय को दर्शाती छोटी लेकिन अच्छी लघुकथा मुबारकबाद जनाब।"
Aug 30
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-53 (विषय अधिकार)
"आदरणीय डाॅ.विजय शंकर जी बहुत बहुत मुबारकबाद विषय पर पहली व शानदार लघुकथा सादर।"
Aug 30
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-53 (विषय अधिकार)
"  *अधिकार* उन दिनो, अख़लाक़ साहब बहुत फ़िक्रमंद थे।(एक बात को लेकर)उनके दो बेटे एक बेटी थीतीनों शादीशुदा व बाल बच्चे-दार थे।अख़लाक़ साहब बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन कांट्रैक्टर थे, बहुत अच्छी आमदनी थी प्रॉपर्टी भी काफ़ी थी किराया भी ख़ूब आता था।बड़ा…"
Aug 30
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीय गुप्ता जी बहुत बहुत बधाई स्वीकार करें।"
Aug 24
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीय धामी जी बहुत बढ़िया बहुत बधाई स्वीकार किजिए।"
Aug 24
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीया जी बहुत बहुत बधाई बहुत अच्छी कोशिश की सादर ।"
Aug 24
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"मोहतरम मोहन जी बहुत बहुत नवाज़िश जनाब।"
Aug 24
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीया राजेश कुमारी जी बहुत ममनून व मशकूर हूँ मोहतरमा।"
Aug 24
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"मोहतरम अनीस साहब बहुत बहुत शुक्रिया।"
Aug 24
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी बहुत बहुत शुक्रिया सादर ।"
Aug 24
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"जनाब गुरप्रीत जी बहुत बहुत मुबारकबाद उम्दा तख़्लीक़ मोहतरम "
Aug 23
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीया रचना भाटिया जी बहुत बहुत शुक्रिया सादर ।"
Aug 23
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"अल्लाह आपको शिफ़ाए-कामिला अता फ़रमाए माज़रत मोहतरम।"
Aug 23
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीय मोहन जी बहुत बहुत मुबारकबाद ग़ज़ल की तख़्लीक़ के लिए सादर ।"
Aug 23
Asif zaidi replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-110
"आदरणीय पंकज जी बहुत बहुत बधाई ग़ज़ल के लिए सादर ।"
Aug 23

Profile Information

Gender
Male
City State
Ujjain
Native Place
Ujjain
Profession
Poet

Asif zaidi's Blog

चाँद बता तू कौन हमारा लगता है

चौदहवीं पे कितना प्यारा लगता है।

कितना दिलकश ये नज़्ज़ारा लगता है।।

आँख मिलाए और कभी शर्माए तू।

चांद बता तू कौन हमारा लगता है।।

चांदनी हरदम पास हमारे रहती है।

चांद मगर क्यों हमसे पराया लगता है।।

तुझसे पहले आंखों में यह चुभते हैं।

तुझ पे क्यों तारों का पहरा लगता है।।

उसका अक्स जो पलकों में धर लेते हैं।

क़ैदी सा फिर चांद हमारा लगता है।।

आसिफ़ तुम दरिया बन जाते हो जो कभी।

उसमें तुम्हारा चांद…

Continue

Posted on May 26, 2019 at 12:30am

Comment Wall (4 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 10:14pm on April 13, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय आसिफ़ ज़ैदी साहब हौसला बढ़ने के लिए आपका बहुत बहुत शुक्रिया
At 3:20pm on March 6, 2019, Ahmed Maris said…

Good Day,

How is everything with you, I picked interest on you after going through your short profile and deemed it necessary to write you immediately. I have something very vital to disclose to you, but I found it difficult to express myself here, since it's a public site.Could you please get back to me on:( mrsstellakhalil5888@gmail.com ) for the full details.

Have a nice day

Thanks God bless

Stella.

At 11:43pm on February 23, 2019, dandpani nahak said…
बहुत शुक्रिया आदरणीय आसिफ़ ज़ैदी साहब
At 9:47am on January 27, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय आसिफ़ ज़ैदी साहब
आपका बहुत बहुत शुक्रिया
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

विनय कुमार posted a blog post

व्यस्तता- लघुकथा

"अब गांव चलें बहुत दिन बिता लिए यहाँ", शोभाराम ने जब पत्नी ललिता से कहा तो जैसे उनके मुंह की बात ही…See More
53 minutes ago
विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post उजास- लघुकथा
"इस उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत शुक्रिया आ डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव जी"
1 hour ago
विनय कुमार commented on विनय कुमार's blog post उजास- लघुकथा
"इस उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के लिए बहुत बहुत शुक्रिया आ नीता कसार जी"
1 hour ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post हिंदी...... कुछ क्षणिकाएं :
"आदरणीय Dr. Vijai Shanker जी सृजन के भावों को आत्मीय मान देने का तहे दिल से शुक्रिया।"
3 hours ago
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post क्षणिकाएँ ....
"आदरणीय  vijay nikore जी सृजन पर आपकी आत्मीय प्रशंसा का दिल से आभार।"
3 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Sushil Sarna's blog post हिंदी...... कुछ क्षणिकाएं :
"आदरणीय सुशील सरना जी , हिंदी भाषा की स्वयं अपनों के द्वारा उपेक्षा को बहुत ही सरल शब्दों चित्रित…"
3 hours ago
Dr. Vijai Shanker posted a blog post

क्षणिकाएं —डॉo विजय शंकर

एक नेता ने दूसरे को धोया , बदले में उसने उसे धो दिया। छवि दोनों की साफ़ हो गई।।.......1.मातृ-भाषा…See More
9 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

हिंदी...... कुछ क्षणिकाएं :

हिंदी...... कुछ क्षणिकाएं :फल फूल रही है हिंदी के लिबास में आज भी अंग्रेज़ीवर्णमाला का ज्ञान नहीं…See More
11 hours ago
Sushil Sarna commented on vijay nikore's blog post अन्तस्तल
"अपने खोए हुए को खोजती परखती सिकुड़ती इस व्यथित अचेत असहनीय अवस्था में मानों किराय का अस्तित्व लिए…"
yesterday
डॉ गोपाल नारायन श्रीवास्तव posted a discussion

ओबीओ लखनऊ चैप्टर की साहित्य संध्या माह अगस्त 2019 – एक प्रतिवेदन   :: डॉ. गोपाल नारायन श्रीवास्तव

 24 अगस्त 2019,भाद्रपद अष्टमी दिन शनिवार,बहुत से लोगों ने इस दिन कृष्ण जन्मोत्सव मनाया और उसी…See More
yesterday
Gajendra Dwivedi "Girish" commented on Admin's page Tool Box
"शीर्षक : नमन वीरों को हृदय शूल को और बढ़ाकर, कैसे शमन कर पाउँगा! अपने ही प्रत्यक्ष खड़े हों, कैसे…"
yesterday
Gajendra Dwivedi "Girish" updated their profile
yesterday

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service