For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Balram Dhakar
Share on Facebook MySpace

Balram Dhakar's Friends

  • Dr. Geeta Chaudhary
  • प्रशांत दीक्षित 'प्रशांत'
  • Zid

Balram Dhakar's Groups

 

Balram Dhakar's Page

Latest Activity

Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-151
"आदरणीय तिलक राज सर, ग़ज़ल में आपकी शिरकत और हौसला अफजाई का बहुत बहुत शुक्रिया! आभार।"
May 14
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-151
"बहुत बहुत शुक्रिया, आदरणीया प्रतिभा जी। सादर।"
May 14
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-151
"आदरणीय दयाराम जी, ग़ज़ल में आपकी शिरकत का आभार ! सादर!"
May 14
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-151
"आ. लक्ष्मण भाई जी, बहुत बहुत शुक्रिया आपका ! सादर!"
May 14
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-151
"ग़ज़ल में आपकी शिरकत का बहुत बहुत शुक्रिया, आदरणीय सौरभ सर ! आपकी इस्लाह के मुताबिक सुधार का प्रयास रहेगा l सादर !"
May 14
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-151
"हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया, आदरणीय मिथिलेश जी! आपकी इस्लाह सर-आँखों पर l आभार आपका l"
May 14
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-151
"आदरणीय तिलक राज सर, प्रदत्त विषय सुंदर और सार्थक दोहों के लिए बधाई। सादर!"
May 14
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-151
"आदरणीया प्रियंका जी, प्रदत्त विषय सुंदर रचना हेतु बधाई। सादर!"
May 14
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-151
"आदरणीया कल्पना जी, हाइकू के सुन्दर सृजन हेतु बधाई। सादर!"
May 14
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-151
"आदरणीय दयाराम जी, सुन्दर कविता हेतु हार्दिक बधाई स्वीकार करें ! सादर!"
May 14
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-151
"आदरणीय दयाराम जी, अच्हेछी कविता हुई है ! बहुत बहुत बधाई। सादर !"
May 14
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-151
"आदरणीया प्जीरतिभा पांडे जी, प्रदत्त विषय सुंदर छंद रचना हेतु बधाई स्वीकार करें। सादर!"
May 14
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-151
"आदरणीय मिथिलेश जी, छंदों पर बहुत अद्भुत पकड़ का बेहतरीन उदाहरण ! मुबारकबाद कुबूल फ़रमाएं! सादर!"
May 14
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-151
"आदरणीय सीमा सुशी जी, प्रदत्त विषय सुंदर रचना हेतु बधाई। सादर!"
May 14
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-151
"आदरणीय लक्ष्मण भाई जी, सुन्दर दोहों की रचना के लिए बहुत बहुत बधाई! सादर!"
May 14
Balram Dhakar replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-151
"आदरणीय प्रेम चन्द गुप्ता जी, अच्छी कविता के लिए हार्दिक बधाई! सादर!"
May 14

Profile Information

Gender
Male
City State
Bhopal, Madhya Pradesh
Native Place
Bareli, Raisen (MP)
Profession
Astr. Commissioner, GST

Balram Dhakar's Blog

ग़ज़ल : बलराम धाकड़ (पाँव कब्र में जो लटकाकर बैठे हैं।)

22 22 22 22 22 2

 

पाँव कब्र में जो लटकाकर बैठे हैं।

उनके मन में भी सौ अजगर बैठे हैं।

 

'ए' की बेटी, 'बी' का बेटा, 'सी' की सास,

दुनियाभर का ठेका लेकर बैठे हैं।

 

कहाँ दिखाई देती हैं अब वो रस्में,

भाभीमां की गोद में देवर बैठे हैं।

 

मैं दरवाज़े पर ताला जड़ आया हूं,

दुश्मन घर में घात लगाकर बैठे हैं।

 

अब हम सब सीसीटीवी की जद में हैं,

चित्रगुप्त कब खाते लेकर बैठे हैं।

 

अदबी…

Continue

Posted on February 1, 2023 at 11:00pm — 7 Comments

ग़ज़ल: वक़्त की शतरंज पर किस्मत का एक मोहरा हूँ मैं।

2122 2122 2122 212
.
वक़्त की शतरंज पर किस्मत का एक मोहरा हूँ मैं। 
ज़िंदगी इतना भी ख़ुश मत हो, अभी ज़िंदा हूँ मैं। 
.
मैं ख़ुदा की हाज़िरी में भी न बदलूँगा बयान, 
तुझको हाज़िर और नाज़िर जानकार कहता हूँ मैं। 
.
एक ही घर में बसर करना मुहब्बत तो नहीं, 
आज भी तेरी ख़ुशी…
Continue

Posted on October 16, 2019 at 10:00pm — 9 Comments

ग़ज़ल- बलराम धाकड़ (हम अपनी ज़िंदगी भर ज़िंदगी बर्दाश्त करते हैं)

1222 1222 1222 1222
सुबह से शाम तक नाराज़गी बर्दाश्त करते हैं।
हम अपने अफ़सरों की ज़्यादती बर्दाश्त करते हैं।
अज़ल से हम उजाले के रहे हैं मुन्तज़िर लेकिन,
मुक़द्दर ये कि अबतक तीरगी बर्दाश्त करते हैं।
सँभालो लड़खड़ाते अपने क़दमों को, ख़ुदा…
Continue

Posted on February 11, 2019 at 10:30pm — 6 Comments

ग़ज़ल- बलराम धाकड़ (मुहब्बत के सफ़र में सैकड़ों आज़ार आने हैं)

1222 1222 1222 1222
मदारिस हैं, मसाजिद, मैकदे हैं, कारख़ाने हैं।
हमारी ज़िन्दगी में और भी बाज़ार आने हैं।
ये लावारिस से पौधे बस इसी अफ़वाह से खुश हैं,
जताने इख़्तियार इन पर भी दावेदार आने हैं।
मैं मरना चाहता हूँ और वो कहते हैं जीता…
Continue

Posted on January 31, 2019 at 10:30pm — 12 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

AMAN SINHA posted a blog post

पुकार

कैसी ये पुकार है? कैसा ये अंधकार है मन के भाव से दबा हुआ क्यों कर रहा गुहार है? क्यों है तू फंसा…See More
44 minutes ago
Nisha updated their profile
21 hours ago
Nisha shared Admin's discussion on Facebook
21 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Chetan Prakash's blog post कुकुभ छंद आधारित सरस्वती गीत-वन्दनाः
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। सुन्दर रचना हुई है। हार्दिक बधाई।"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post दोहा सप्तक- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. भाई चेतन जी, सादर अभिवादन। दोहों पर उपस्थिति और उत्साहवर्धन के लिए आभार। दोहे के बारे में सुझाव…"
yesterday
Chetan Prakash commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post दोहा सप्तक- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"सार्थक दोहे हुए, भाई मुसाफिर साहब ! हाँ, चौथे दोहे तीसरे चरण में, संशोधन अपेक्षित है, 'उसके…"
Thursday
Chetan Prakash posted a blog post

कुकुभ छंद आधारित सरस्वती गीत-वन्दनाः

दुर्दशा हुई मातृ भूमि जो, गंगा ...हुई... .पुरानी है पावन देवि सरस्वती तुझे, कविता-कथा सुनानी है…See More
Thursday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' posted a blog post

दोहा सप्तक- लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

जलते दीपक कर रहे, नित्य नये पड्यंत्र।फूँका उन के  कान  में, तम ने कैसा मंत्र।१।*जीवनभर  बैठे  रहे,…See More
Thursday
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-98 (विषय: अवसर)
"सादर नमस्कार। रचना पटल पर उपस्थितिभाव.पक्ष की कमी बताते हुए मार्गदर्शक टिप्पणी हेतु हार्दिक…"
Wednesday

सदस्य टीम प्रबंधन
Saurabh Pandey replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-98 (विषय: अवसर)
"मेरे सुझाव को स्वीकार कर तदनुरूप रचना में सुधार करने के लिए मैं आपका आभारी हूँ, आदरणीया विभा रानी…"
Wednesday
vibha rani shrivastava replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-98 (विषय: अवसर)
"अवसर : शुभेक्षु "आपको सर्वोच्च शैक्षिक डिग्री अनुसन्धान उपाधि प्राप्त किए इतने साल गुजर गये!…"
Wednesday
vibha rani shrivastava replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-98 (विषय: अवसर)
"जी महोदय Saurabh Pandey जी हार्दिक धन्यवाद आपका गलतियाँ सुधार ली जायेंगी"
Wednesday

© 2023   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service