For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Deepanjali Dubey
Share on Facebook MySpace
 

Deepanjali Dubey's Page

Latest Activity

Deepanjali Dubey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-149
"आदरणीय नाथ सोनांचली जी नमस्कार। बेहतरीन हुई है बधाई स्वीकार करें।"
Nov 26, 2022
Deepanjali Dubey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-149
"आदरणीय समर कबीर सर जी सादर प्रणाम। आपकी बेहतरीन इस्लाह के लिए हृदय से धन्यवाद। ग़ज़ल अपके सुझाव अनुसार सुधार करने का अवश्य प्रयास करूंगी।"
Nov 26, 2022
Deepanjali Dubey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-149
"आदरणीय अशोक कुमार जी सादर प्रणाम। बेहतरीन ग़ज़ल की मुबारकबाद क़ुबूल कीजिए।"
Nov 26, 2022
Deepanjali Dubey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-149
"आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर' बाग़पतवी जी सादर प्रणाम आपकी इस्लाह के लिए हृदय से शुक्रिया अदा करती हूं।आपके मार्गदर्शन पर जरूर अमल करूंगी।"
Nov 26, 2022
Deepanjali Dubey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-149
"221 2121 1221 212 मैदान खेल का हो तो फिर क्या कमाल हो बचपन में यारो रोज़ ही जम के धमाल हो/1 करता भरोसा हो मेरा वो आंख मूंद कर मेरे लिए हो प्रेम न कोई सवाल हो/2 हो बेक़रार इश्क़ में रूठे न वो कभी जब भी मुझे मिले तो न दिल में मलाल हो/3 हो ज़िंदगी में…"
Nov 25, 2022
Deepanjali Dubey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-149
"आदरणीया ऋचा यादव जी आदरणीय बहुत ख़ूब।समर कबीर सर जी से सहमत हूं।"
Nov 25, 2022
Nilesh Shevgaonkar commented on Deepanjali Dubey's blog post ग़ज़ल: लिखें हिंदी कहें हिंदी पढ़ें हिंदी जहाँ हिंदी
"त थ द ध..... न के हिसाब से मानक शब्द हिन्दी है न कि हिंदी .. हिन्दी के गुणगान करती रचना में हिन्दी ही ठीक न लिखा तो क्या लिखा झूठी तारीफ़ें हम नहीं करते क्षमा करें "
Jan 23, 2022
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Deepanjali Dubey's blog post ग़ज़ल: लिखें हिंदी कहें हिंदी पढ़ें हिंदी जहाँ हिंदी
"बहुतख़ूब बहुतख़ूब ग़ज़ल कही आदरणीया...बधाई"
Jan 17, 2022
Deepanjali Dubey posted a blog post

ग़ज़ल: लिखें हिंदी कहें हिंदी पढ़ें हिंदी जहाँ हिंदी

1222 1222 1222 1222लिखें हिंदी कहें हिंदी पढ़ें हिंदी जहाँ हिंदी अगर है हिंद की संतान फिर बोले यहाँ हिंदीबताता छंद चौपाई है पिंगल शास्त्र अपना क्या हमारे देश की यह मात्र भाषा है रवाँ हिंदीसिखाया पाठशाला में है इसकी संस्कृत जननी वतन का नाम हिंदोस्तान हमारा कारवाँ हिंदीयही है ध्येय चारो ओर इसका ध्वज भी लहराये हमारे देश के हर प्रांत में गूंजे सदाँ हिंदीन शर्मायें विदेशों में कभी हिंदी अगर बोलें हमें हो गर्व हिंदी पर हमारी तो जुबाँ हिंदीहैं पटरानी सभी भाषा में अव्वल इसका दर्जा हैसजी है रस अलंकारों…See More
Jan 12, 2022
Deepanjali Dubey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138
"आदरणीय ऋचा यादव जी सादर प्रणाम बहुत ख़ूब आदरणीया बधाई स्वीकार करें।"
Dec 29, 2021
Deepanjali Dubey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138
"आदरणीय कमरुद्दीन अमीर जी सादर अभिवादन। आदरणीय सर जी की इस्लाह बेहतरीन है।"
Dec 29, 2021
Deepanjali Dubey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138
"आदरणीय अंजुमन मंसूरी जी सादर प्रणाम। बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई है। आदरणीय सर जी की इस्लाह पर गौर कीजिए सादर।"
Dec 29, 2021
Deepanjali Dubey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138
"आदरणीय रवी शुक्ला जी सादर प्रणाम। बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई है आदरणीय बधाई स्वीकार करें"
Dec 29, 2021
Deepanjali Dubey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138
"आदरणीय अनिल कुमार सिंह जी सादर प्रणाम। बेहतरीन ग़ज़ल हुई है आदरणीय बधाई स्वीकार करें सादर।"
Dec 29, 2021
Deepanjali Dubey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138
"आदरणीय मुनीश तन्हा जी सादर प्रणाम आदरणीय। आदरणीय सर जी की इस्लाह पर गौर कीजिए सादर।"
Dec 29, 2021
Deepanjali Dubey replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-138
"आदरणीय दंडपानी नाहक जी सादर प्रणाम। बहुत ख़ूब ग़ज़ल हुई है बधाई स्वीकार करें।"
Dec 29, 2021

Profile Information

Gender
Female
City State
Kanpur, Uttar Pradesh
Native Place
Kanpur City
Profession
Housewife
About me
I like to write and I am trying to be an inspiring poet!

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!

Deepanjali Dubey's Blog

ग़ज़ल: लिखें हिंदी कहें हिंदी पढ़ें हिंदी जहाँ हिंदी

1222 1222 1222 1222

लिखें हिंदी कहें हिंदी पढ़ें हिंदी जहाँ हिंदी

अगर है हिंद की संतान फिर बोले यहाँ हिंदी

बताता छंद चौपाई है पिंगल शास्त्र अपना क्या

हमारे देश की यह मात्र भाषा है रवाँ हिंदी

सिखाया पाठशाला में है इसकी संस्कृत जननी

वतन का नाम हिंदोस्तान हमारा कारवाँ हिंदी

यही है ध्येय चारो ओर इसका ध्वज भी लहराये

हमारे देश के हर प्रांत में गूंजे सदाँ हिंदी

न शर्मायें विदेशों में कभी हिंदी अगर…

Continue

Posted on January 10, 2022 at 4:30am — 2 Comments

"दीप" की ग़ज़ल

122 122 122 122

किसी और की अब जरूरत नहीं है

मगर तुम न कहना मुहब्बत नहीं है

हुई जब से शादी तो फुर्सत नहीं है

रहूंँ मायके में इज़ाज़त नहीं है

मैं मदहोश उनकी ही यादों में रहता

मुझे भूलने की तो आदत नहीं है

सरे आम होते यहां ज़ुर्म रहते

उसे रोकने की भी हिम्मत नहीं है

तुम्हें गर न देखें थमी सांस रहती

अगर मर गया भी तो हैरत नहीं है

फ़कत इश्क़ में अब दिखावा ही दिखता

नये शोहदों में…

Continue

Posted on November 1, 2021 at 3:00pm — 3 Comments

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Zaif commented on Zaif's blog post ग़ज़ल - थामती नहीं हैं पलकें अश्कों का उबाल तक (ज़ैफ़)
"आ. बृजेश जी, बहुत आभार आपका।"
14 hours ago
Usha Awasthi posted a blog post

मन कैसे-कैसे घरौंदे बनाता है?

उषा अवस्थीमन कैसे-कैसे घरौंदे बनाता है?वे घर ,जो दिखते नहींमिलते हैं धूल में, टिकते नहींपर "मैं"…See More
20 hours ago
Rachna Bhatia posted a blog post

सदा - क्यों नहीं देते

221--1221--1221--1221आँखों में भरे अश्क गिरा क्यों नहीं देतेहै दर्द अगर सबको बता क्यों नहीं देते2है…See More
20 hours ago
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post सदा - क्यों नहीं देते
"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार। सर् आपके कहे अनुसार ऊला बदल लेती हूँ। ईश्वर आपका साया हम पर…"
20 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .

दोहा पंचक. . . .साथ चलेंगी नेकियाँ, छूटेगा जब हाथ । बन्दे तेरे कर्म बस , होंगे   तेरे  साथ ।।मिथ्या…See More
yesterday
Sushil Sarna commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .
"जी सृजन के भावों को मान देने और त्रुटि इंगित करने का दिल से आभार । सहमत एवं संशोधित"
yesterday
Samar kabeer commented on Rachna Bhatia's blog post सदा - क्यों नहीं देते
"'सच्चाई अभी ज़िन्दा है जो मुल्क़ में यारो इंसाफ़ को फ़िर लोग सदा क्यों नहीं देते' ऊला यूँ…"
yesterday
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post सदा - क्यों नहीं देते
"आदरणीय समर कबीर सर् सादर नमस्कार। सर्, "बिना डर" डीलीट होने से रह गया।क्षमा चाहती…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Sushil Sarna's blog post दोहा पंचक. . . . .
"आ. भाई सुशील जी, सादर अभिवादन। अच्छे दोहे हुए है। हार्दिक बधाई। लेकिन यह दोहा पंक्ति में मात्राएं…"
Friday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Balram Dhakar's blog post ग़ज़ल : बलराम धाकड़ (पाँव कब्र में जो लटकाकर बैठे हैं।)
"आ. भाई बलराम जी, सादर अभिवादन। शंका समाधान के लिए आभार।  यदि उचित लगे तो इस पर विचार कर सकते…"
Friday
Sushil Sarna posted a blog post

दोहा पंचक. . . . .

दोहा पंचक. . . .साथ चलेंगी नेकियाँ, छूटेगा जब हाथ । बन्दे तेरे कर्म बस , होंगे   तेरे  साथ ।।मिथ्या…See More
Friday
Samar kabeer commented on Rachna Bhatia's blog post सदा - क्यों नहीं देते
"//सच्चाई अभी ज़िन्दा है जो मुल्क़ में यारो इंसाफ़ को फ़िर लोग बिना डर के सदा नहीं देते // सानी…"
Friday

© 2023   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service