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Dr. Vijai Shanker
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Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय इंजी ० गणेश जी बागी जी , आपकी उपस्थिति एवं शुभ -सौहार्दपूर्ण टिप्पड़ी के लिए ह्रदय से आभार एवं धन्यवाद , सादर।"
yesterday
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय लक्ष्मण धामी मुसाफिर जी, रचना पर आने के लिए ह्रदय से बधाई , धन्यवाद। सादर।"
yesterday
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय लक्ष्मण धामी मुसाफिर जी , बहुत ही सुन्दर दोहे ,बधाई। सादर।"
yesterday
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय सतविंद्र सिंह राणा जी , बहुत सुन्दर सरल काव्य प्रस्तुति , बहुत बहुत बधाई , सादर।"
yesterday
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय गणेश जी बागी जी , चुनौती देती हुयी सुन्दर प्रस्तुति , बधाई , सादर।"
yesterday
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय सतविंद्र कुमार राणा जी , रचना पर आपकी उपस्थिति एवं उसे मान देने के लिए आभार एवं धन्यवाद , सादर।"
yesterday
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव जी , कविता के मर्म तक पहुँचने के आभार एवं बढ़ाइके लिए धन्यवाद , सादर।"
yesterday
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय सुश्री प्रतिभा पांडे जी , चाँद से लगावे की और उस तक पहुंचने की ललक की इस मनोरम प्रस्तुति के लिए हार्दिक बधाई , सादर।"
yesterday
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय सुश्री उषा जी , रचना पर आपकी उपस्थिति एवं उसे मान देने के लिए आभार एवं धन्यवाद , सादर।"
Friday
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय सुश्री उषा जी , विषय अंतर्गत मनोरम , बहुत सुन्दर प्रस्तुति हुयी , हार्दिक बधाई , सादर।"
Friday
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय डॉ छोटेलाल सिंह जी , रचना को मान देने के लिए ह्रदय से आभार एवं धन्यवाद , सादर।"
Friday
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय डॉ छोटेलाल सिंह जी , हिम्मतवाले कभी नहीं घबराते हैंlचन्द्रलोक में अपनी साख बनाते हैंllआपकी उत्साह और जोश से भरपूर रचना के लिए हार्दिक बधाई , सादर।"
Friday
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"चाँद , विज्ञान के चमत्कार दूर चाँद को बचपन से हमनेआँगन से अपने देखा है , सपनों में उसे आँगन में उतरते भी देखा है , उसकीचांदनी को अपने आँगन में बरसते और बिखरते देखा है , आज उसी चाँद पर हमने अपने एक यान को उतरते देखा है , वह विज्ञान का चमत्कार था ,…"
Friday
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"चाँद, विज्ञानकेचमत्कार दूरचाँदकोबचपनसेहमने आँगनसेअपनेदेखाहै, सपनोंमेंउसेआँगनमेंही उतरतेभीदेखाहै, उसकी चांदनीकोअपनेआँगनमें बरसतेऔर  बिखरतेदेखाहै, आज  उसीचाँदपरहमनेअपने एकयानकोउतरतेदेखाहै, वहविज्ञानकाचमत्कारथा, यहभीविज्ञानकाचमत्कारहै …"
Friday
Dr. Vijai Shanker replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
"आदरणीय समर कबीर साहब , नमस्कार , जन्म दिन की बहुत बहुत हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं , आप सदैव स्वस्थ रहें और हम जैसों का मार्ग दर्शन करते रहें। सादर।"
Sep 9
Dr. Vijai Shanker commented on Usha's blog post तू है यहीं..।।
"सुन्दर प्रस्तुति, बधाई , आदरणीय सुश्री उषा जी , सादर।"
Sep 5

Profile Information

Gender
Male
City State
UP
Native Place
Allahabad
Profession
Retired
About me
Educationist

.जिंदगी तुझे ही पढ़ लेते हैं ---डा० विजय शंकर

चलो किताबों को बंद कर देते हैंजिंदगी तुझे ही सीधे-सीधे पढ़ लेते हैं .किताबों में सबकुझ तेरे बारे में ही तो हैलो , तुझसे ही सीधे-सीधे बात कर लेते हैं.किताबें तो बहुत सी हैं , मिल भी जायेंगींउन को पढ़ लूँ तो क्या तू मिल जायेगी .मौत को कितने और कौन-कौन पढ़ते हैंपर उसका वादा है , सबको मिलती है .भरोसा नहीं , तू किसको मिले , कितनी मिलेतेरे लिये , तेरे चाहने वाले दिन रात लगे रहते हैं .अरे सब कुछ तो तेरे लिए ही है जिंदगी मेंतू है तो सब है , तू नहीं तो क्या है जिंदगी में .इसलिए चलो किताबों को बंद कर देते हैं .तू है , तुझसे सीधे-सीधे बात कर लेते हैं ...डा० विजय शंकर---------------( मौलिक और अप्रकाशित )

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Comment Wall (19 comments)

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At 7:54pm on August 31, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय डॉ. विजय शंकर जी प्रणाम! बहुत बहुत शुक्रिया आपको मेरी प्रथम लघुकथा अच्छी लगी आपने अपना अमूल्य समय निकाला और जो हौसला बढ़ाया उसका ह्रदय से आभार आपका स्नेहभाव सदा यूँ ही बना रहे!
At 5:38pm on January 1, 2017, Mohammed Arif said…
आदरणीय डॉ.विजय शंकर मेहताजी सकारात्मक सोच को उद्घरित करती रचना के लिए बधाई । नव वर्ष मंगलमय हो !
At 4:58pm on November 5, 2015, Abid ali mansoori said…

देर से ही सही.. हर्दिक आभार आपका आदरणीय विजय शंकर जी!

At 10:23pm on November 4, 2015, Abid ali mansoori said…

Haardik abhaar aapka!

At 3:46pm on July 1, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय डॉ विजय शंकर सर,

आपको जन्म दिन की हार्दिक शुभकामनायें 

At 7:50pm on June 3, 2015, Tanuja Upreti said…
आभार आदरणीय
At 7:28pm on May 4, 2015, Seema Singh said…
आभार सर मार्गदर्शन के लिए
At 8:35am on April 17, 2015, Mohan Sethi 'इंतज़ार' said…

आदरणीय Dr. Vijai Shanker जी आप का हार्दिक आभार ....मंगलकामनाएँ...सादर  

At 6:57am on January 18, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय डॉ विजय शंकर सर, निवेदन स्वीकार करने के लिए आभार...

विद्यार्थी की मुक्त कंठ प्रशंसा आपका बड़प्पन और आपके हृदय की विशालता का प्रमाण है.

आपका  स्नेह और आशीर्वाद  सदैव मिलता रहे, इसके लिए सदैव प्रयास करता रहूँगा. नमन 

At 10:51pm on January 15, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आदरणीय डॉ विजय शंकर सर, आभार, धन्यवाद.... आप लोगो के स्नेह और आशीर्वाद से ही मंच पर सक्रिय हो पाता हूँ. आपका आभार हार्दिक धन्यवाद 

Dr. Vijai Shanker's Blog

जिंदगी के लिए — डॉo विजय शंकर

कभी लगता है ,

वक़्त हमारे साथ नहीं है ,

फिर भी हम वक़्त का साथ नहीं छोड़ते।

कभी लगता है ,

हवा हमारे खिलाफ है ,

फिर भी हम हवा का साथ नहीं छोड़ते l

कभी लगता है ,

जिंदगी बोझ बन गयी है ,

फिर भी हम जिंदगी को नहीं छोड़ते l

कभी लगता है

सांस सांस भारी हो रही है ,

फिर भी हम सांस लेना नहीं छोड़ते l

ये सब जान हैं

और जान के दुश्मन भी l

जिंदगी की लड़ाई हम

जिंदगी में रह कर लड़ते हैं ,

जिंदगी के बाहर जाकर कौन…

Continue

Posted on June 16, 2019 at 10:04pm

गणतंत्र - एक सूक्ष्म कविता - डॉo विजय शंकर

सूक्ष्म कविता - गणतंत्र - डॉo विजय शंकर

गण का तंत्र
या
तंत्र का गण ?

मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on January 26, 2019 at 10:47am — 6 Comments

टुकड़ों में बटा आदमी - डॉo विजय शंकर

टुकड़ों में बटा आदमी 

टुकड़ों की बात करता है , 

टुकड़ों को छोटे , और छोटे 

टुकड़ों…

Continue

Posted on October 8, 2018 at 10:05pm — 18 Comments

टकराव — डॉo विजय शंकर

फिर एक बार 

स्वाधीनता का 

जश्न मनाया हमने। 

पर अभी भी स्वाधीनता 

का…

Continue

Posted on August 15, 2018 at 9:59am — 8 Comments

 
 
 

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गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' posted a blog post

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ये ज़ीस्त रोज़ सूरत-ए-गुलरेज़ हो जनाबराह-ए-गुनाह से सदा परहेज़ हो जनाब**मंज़िल कहाँ से आपके चूमें क़दम…See More
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dandpani nahak left a comment for Er. Ganesh Jee "Bagi"
"आदरणीय गणेश जी 'बागी' जी आदाब और बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ाने के लिए आपका शुक्रगुज़ार हूँ…"
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मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीय दण्डपाणि नाहक जी, अच्छी ग़ज़ल कही है, दाद कुबूल करें ।"
yesterday
dandpani nahak replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"ग़ज़ल 1212 1122 1212 22 जुनूँ गज़ब का मगर ये अज़ब कहानी है तलाश जारी है क्या चाँद में भी पानी है इधर…"
yesterday
babitagupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"बेहतरीन बाल गीत, बधाई स्वीकार कीजिएगा आदरणीय सतविन्द्र सरजी। "
yesterday

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"सराहना हेतु आभार आदरणीया बबिता गुप्ता जी."
yesterday

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आभार आदरणीय डॉ छोटे लाल जी, सराहना से रचना सार्थक हुई."
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babitagupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"बेहतरीन पंक्तियाँ, आदरणीय गणेश सरज बधाई स्वीकार कीजिएगा।"
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अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"आदरणीया  बबिताजी हृदय से धन्यवाद आभार आपका"
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babitagupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"बेहतरीन पंक्तियाँ चांद को परिभाषित करती,बधाई स्वीकार कीजिएगा आदरणीय लक्ष्मण सरजी। "
yesterday
babitagupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-107
"स्नेह के साथ हिम्मत बंधाती पंक्तियाँ आदरणीया प्रतिभा दी बधाई स्वीकार कीजिएगा ।"
yesterday

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