For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत '
Share

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s Friends

  • Samar kabeer

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s Groups

 

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s Page

Latest Activity

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post हक़ीक़त का हमेशा सामना करने से डरते हैं (१२४ )
"भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'  जी , उत्साहवर्धन के लिए सादर आभार "
Oct 2
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post हक़ीक़त का हमेशा सामना करने से डरते हैं (१२४ )
"आ. भाई गिरधारी सिंह जी, सादर अभिवादन । उम्दा गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Oct 2
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' posted a blog post

हक़ीक़त का हमेशा सामना करने से डरते हैं (१२४ )

++ग़ज़ल++( 1222 1222 1222 1222 )हक़ीक़त का हमेशा सामना करने से डरते हैंमुहब्बत की वो पहले इब्तिदा करने से डरते हैंमुहब्बत की उन्हें हासिल नहीं होती कभी मंज़िलजहाँ में जो भी इज़हार-ए-वफ़ा करने से डरते हैंन उन की कोई सुनता है न अपनी बात कह पातेजो अक्सर लोग अर्ज़-ए-मुद्दआ करने से डरते हैंकोई भी इल्म हो काबू में उनके आ नहीं सकताबशर जो ज़ीस्त में कोई ख़ता करने से डरते हैंवबा का ज़ुल्म है जारी ख़ुदा भी हो गया बहराहुए हालात ऐसे हम दुआ करने से डरते हैंबने हमराह ऐसे ग़म कि आदत हो गई इनकीग़मों को ज़िंदगी से हम जुदा…See More
Oct 2
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post फ़ितरत से हूँ मैं सब से जुदागाना समझिये (123)
"भाई  आशीष यादव  जी उत्साहवर्धन के लिए बहुत बहुत आभार एवं नमन | "
Oct 1
आशीष यादव commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post फ़ितरत से हूँ मैं सब से जुदागाना समझिये (123)
"आदरणीय गिरधारी सिंह गहलोत'तुरंत'जी प्रणाम, ख़ूबसूरत ग़ज़ल पर बधाई स्वीकार कीजिए।"
Oct 1
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post फ़ितरत से हूँ मैं सब से जुदागाना समझिये (123)
"भाई Nilesh Shevgaonkar जी , क़ाफ़िया रदीफ़ , कुछ भी हो कहीं भी मात्रा गिरा लो कोई दिक्कत नहीं है | हम लोग तो वरिष्ठ शाइरों के कलाम देखकर ही सीखते हैं | वैसे यह ग़ज़ल शकील साहेब की एक ग़ज़ल  पढ़ते पढ़ते   हो गई थी | जिसमें ये…"
Sep 30
Nilesh Shevgaonkar commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post फ़ितरत से हूँ मैं सब से जुदागाना समझिये (123)
"आ. तुरंत जी,मेरी मुराद क़ाफिये की मात्रा गिराए जाने से है..बाकी अन्य जगह से नहीं.सादर "
Sep 30
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' posted a blog post

फ़ितरत से हूँ मैं सब से जुदागाना समझिये (123)

( 221 1221 1221 122 )फ़ितरत से हूँ मैं सब से जुदागाना समझियेहै इश्क़ मुझे आप न दीवाना समझियेदस्तूर निभाए हैं सभी प्यार के मैंनेरस्म-ओ-रह-ए-उल्फ़त से न बेगाना समझियेरूदाद मेरे प्यार की है यारो हक़ीक़ततारीख़ का क़िस्सा कि न अफ़्साना समझियेसीखा है हुनर जल के बचा लेता हूँ ख़ुद कोमरता ही रहूँ ऐसा न परवाना समझियेसाक़ी को हिदायत है कि मय धीरे से डालेबेकार मैं छलकूँ वो न पैमाना समझियेहासिल है हमें जो भी ये जज़्बा-ए-मुहब्बतअल्लाह का अनमोल-सा नज़राना समझियेहै पाक सनम मस्जिद-ओ-मंदर सा मेरा दिलमहफ़िल कि इसे आप न मयख़ाना…See More
Sep 30
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post फ़ितरत से हूँ मैं सब से जुदागाना समझिये (123)
"भाई  Nilesh Shevgaonkar  जी , आपकी हौसला आफ़जाई के लिए बहुत बहुत शुक्रिया |  मात्रा गिराना उर्दू ग़ज़ल के अरूज़ में किसी भी प्रकार का ऐब नहीं है , सिर्फ मीर ही क्यों ग़ालिब ,फैज़ ,राहत ,इन्दोरी , दाग़ देहलवी ,किस किस का नाम गिनाएं सब बड़े और…"
Sep 29
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post फ़ितरत से हूँ मैं सब से जुदागाना समझिये (123)
"Dimple Sharma जी , हार्दिक आभार "
Sep 29
Nilesh Shevgaonkar commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post फ़ितरत से हूँ मैं सब से जुदागाना समझिये (123)
"आ. तुरंत साहब अच्छी ग़ज़ल के लिए बधाई। बस एक बात जो खटक रही है वो यह कि क़ाफ़िया की मात्रा को गिरा कर पढ़ना पड़ रहा है। हालांकि ऐसा मीर ने भी किया है लेकिन आमतौर पर ऐसा होना दोष माना जाता है।  आपकी रचना पर आपको पुनः बधाई"
Sep 29
Dimple Sharma commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post फ़ितरत से हूँ मैं सब से जुदागाना समझिये (123)
"आदरणीय गिरधारी सिंह गहलोत'तुरंत'जी नमस्ते, ख़ूबसूरत ग़ज़ल पर बधाई स्वीकार करें, चौथा शेर और आठवां शेर बहुत ज्यादा पसंद आए, बधाई स्वीकार करें।"
Sep 29
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' posted a blog post

फ़ितरत से हूँ मैं सब से जुदागाना समझिये (123)

( 221 1221 1221 122 )फ़ितरत से हूँ मैं सब से जुदागाना समझियेहै इश्क़ मुझे आप न दीवाना समझियेदस्तूर निभाए हैं सभी प्यार के मैंनेरस्म-ओ-रह-ए-उल्फ़त से न बेगाना समझियेरूदाद मेरे प्यार की है यारो हक़ीक़ततारीख़ का क़िस्सा कि न अफ़्साना समझियेसीखा है हुनर जल के बचा लेता हूँ ख़ुद कोमरता ही रहूँ ऐसा न परवाना समझियेसाक़ी को हिदायत है कि मय धीरे से डालेबेकार मैं छलकूँ वो न पैमाना समझियेहासिल है हमें जो भी ये जज़्बा-ए-मुहब्बतअल्लाह का अनमोल-सा नज़राना समझियेहै पाक सनम मस्जिद-ओ-मंदर सा मेरा दिलमहफ़िल कि इसे आप न मयख़ाना…See More
Sep 28
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post आती है जब शमीम-ए-सदाक़त ज़बान से(१२२ )
"आदरणीय Harash Mahajan जी ,इस प्रेरक प्रतिक्रिया एवं उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक आभार  "
Sep 11
Harash Mahajan commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post आती है जब शमीम-ए-सदाक़त ज़बान से(१२२ )
"वाह आदरणीय गिरधारी सिंह गहलोत जी बहुत ही उम्दा । कितना सपाट कहा है " इज्ज़त बचानी आपको है बज़्म में अगर तो गुफ्तगू करें न किसी बदज़बान से" ये तो बहुत पसंद आया मगर पूरी ग़ज़ल ही शानदार । सादर"
Sep 11
गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ' commented on गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s blog post आती है जब शमीम-ए-सदाक़त ज़बान से(१२२ )
"आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'  जी इस प्रेरक प्रतिक्रिया एवं उत्साहवर्धन हेतु हार्दिक आभार  "
Sep 11

Profile Information

Gender
Male
City State
BIKANER (RAJASTHAN)
Native Place
BIKANER
Profession
RETIRED GOVT EMPLOYEE
About me
POET WRITER

गिरधारी सिंह गहलोत 'तुरंत ''s Blog

हक़ीक़त का हमेशा सामना करने से डरते हैं (१२४ )

++ग़ज़ल++( 1222 1222 1222 1222 )
हक़ीक़त का हमेशा सामना करने से डरते हैं
मुहब्बत की वो पहले इब्तिदा करने से डरते हैं
मुहब्बत की उन्हें हासिल नहीं होती कभी मंज़िल
जहाँ में जो भी इज़हार-ए-वफ़ा करने से डरते हैं
न उन की कोई सुनता है न अपनी बात कह पाते
जो अक्सर लोग अर्ज़-ए-मुद्दआ करने से डरते हैं
कोई भी इल्म हो काबू में उनके आ नहीं…
Continue

Posted on October 1, 2020 at 1:00pm — 2 Comments

फ़ितरत से हूँ मैं सब से जुदागाना समझिये (123)

( 221 1221 1221 122 )
फ़ितरत से हूँ मैं सब से जुदागाना समझिये…
Continue

Posted on September 27, 2020 at 10:00pm — 8 Comments

आती है जब शमीम-ए-सदाक़त ज़बान से(१२२ )

( 221 2121 1221 212 )
आती है जब शमीम-ए-सदाक़त ज़बान से
तो क्यों चले न हम जहाँ में यार शान से
जैसे बदलती रुख़ है सबा अपना यक ब यक
वैसे कभी पलटते नहीं हम बयान से
कार-ए-जियाँ में कट रही कैसे है ज़िंदगी
पूछेगा दर्द कौन किसी नौ-जवान से
मेरी सलामती है सुबूत-ए-शिक़स्त-ए-ज़ुल्म
ख़ाली गया है तीर जो निकला कमान…
Continue

Posted on August 31, 2020 at 7:00pm — 6 Comments

तमाम उम्र किया मैंने इन्तिज़ार तेरा (१२१ )

(1212 1122 1212 22 /112 )
तमाम उम्र किया मैंने इन्तिज़ार तेरा
नहीं रहा कभी मुमकिन भुलाना प्यार तेरा
**
न तेरी आहटों का सिलसिला रुका था कभी
हवाएँ करती रहीं ज़िक्र बार बार तेरा
**
सजा रखीं हैं करीने से दिल में यादें तेरी

कि दिल की धड़कनों पे अब भी इख़्तियार तेरा

**

अगरचे तुझ से मुलाक़ात अब है ना-मुमकिन

मगर है…
Continue

Posted on August 30, 2020 at 4:00pm — 8 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Chetan Prakash posted blog posts
2 hours ago
Chetan Prakash updated their profile
2 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' posted a blog post

ग़ज़ल (निगलते भी नहीं बनता उगलते भी नहीं बनता)

1222-1222-1222-1222निगलते  भी  नहीं  बनता  उगलते  भी  नहीं  बनता हुई  उनसे  ख़ता  ऐसी   सँभलते  भी …See More
8 hours ago
Sushil Sarna posted a blog post

आहट पर दोहा त्रयी :

आहट पर दोहा त्रयी :हर आहट में आस है, हर आहट विश्वास।हर आहट की ओट में, जीवित अतृप्त प्यास।।आहट में…See More
8 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (निगलते भी नहीं बनता उगलते भी नहीं बनता)
"आदरणीय चेतन प्रकाश जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद सुख़न नवाज़ी और हौसला अफ़ज़ाई के लिए मशकूर हूँ,…"
8 hours ago
dandpani nahak commented on dandpani nahak's blog post ग़ज़ल 2122 1212 22
"आदरणीय अमीरुद्दीन 'अमीर ' साहब आदाब आपका बहुत बहुत शुक्रिया आपने 'मुआहिदा ' से…"
20 hours ago
Chetan Prakash commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (निगलते भी नहीं बनता उगलते भी नहीं बनता)
"अच्छी ग़ज़ल हुई, 'अमीर' साहब, बधाई ! हाँ, मतला, आपका अतिरिक्त ध्यान माँगता लगता है, शायद,…"
21 hours ago
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (निगलते भी नहीं बनता उगलते भी नहीं बनता)
"मुहतरमा रचना भाटिया जी आदाब, ग़ज़ल पर आपकी आमद, सुख़न नवाज़ी, हौसला अफ़ज़ाई और तनक़ीद के लिए बेहद…"
22 hours ago
Rachna Bhatia commented on Rachna Bhatia's blog post दरवाजा (लघुकथा)
"आदरणीय तेजवीर सिंह जी हौसला बढ़ाने के लिए बहुत बहुत धन्यवाद।जी सही कहा आपने। आगे से ध्यान…"
yesterday
TEJ VEER SINGH commented on Rachna Bhatia's blog post दरवाजा (लघुकथा)
"हार्दिक बधाई आदरणीय रचना भाटिया जी।बहुत सुंदर संदेश प्रद लघुकथा।आपकी लघुकथा का प्रथम वाक्य दो…"
yesterday
Saarthi Baidyanath updated their profile
yesterday
Rachna Bhatia commented on अमीरुद्दीन 'अमीर''s blog post ग़ज़ल (निगलते भी नहीं बनता उगलते भी नहीं बनता)
"आदरणीय अमीरुद्दीन'अमीर'जी आदाब। बेहतरीन ग़ज़ल हुई।बधाई। आदरणीय दूसरे शे'र में…"
yesterday

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service