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Hariom Shrivastava
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Hariom Shrivastava commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"हार्दिक आभार आदरणीय समर कबीर जी।"
Sep 19
Hariom Shrivastava commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"हार्दिक आभार आदरणीय VijayNikore ji."
Sep 19
Hariom Shrivastava commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"हार्दिक आभार आदरणीय समर कबीर साहब।"
Sep 19
Hariom Shrivastava commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद -
"हार्दिक आभार आदरणीय सी.एम.उपाध्याय जी।"
Sep 19
Hariom Shrivastava commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद -
"हार्दिक आभार आदरणीय समर कबीर साहब।"
Sep 19
Hariom Shrivastava commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"हार्दिक आभार आदरणीय सुशील सारना जी।"
Sep 19
Hariom Shrivastava commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"हार्दिक आभार आदरणीय समर कबीर जी।"
Sep 19
Hariom Shrivastava commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"हार्दिक आभार आदरणीय Vijay Niklte जी।"
Sep 19
vijay nikore commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"सुन्दर रचना के लिए बधाई, आदरणीय हरि ओम जी"
Sep 12
Samar kabeer commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"जनाब हरिओम श्रीवास्तव जी आदाब,अच्छा कुण्डलिया छन्द लिखा आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
Sep 7
Sushil Sarna commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"वाह आदरणीय हरिओम जी वाह , आपकी कुण्डलिया में निहित भावों का कोई सानी नहीं। नैनों के विभिन्न आयामों को परिभाषित करते इस सृजन के लिए दिल से बधाई।"
Sep 4
Hariom Shrivastava posted a blog post

कुण्डलिया छंद-

नयनों का जिस क्षण हुआ, नयनों से सम्पर्क। नयन नयन के हो गए, हुआ न कोई तर्क।। हुआ न कोई तर्क, नयन नयनों पर छाए। निकट नयन को देख, नयन नत-नत शरमाए।।नयना ही आधार, नयन के है चयनों का।नयन नयन का मेल, निरामय है नयनों का।।(मौलिक एवं अप्रकाशित)#हरिओम श्रीवास्तव#See More
Sep 4
Samar kabeer commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद -
"भाई हरिओम श्रीवास्तव जी आदाब, आप तस्वीर का एक ही रुख़ देख रहे हैं,इस विधेयक ने मुसलमानों को दुख पहुंचाया है,और जो अधिकार उन्हें संविधान ने दिया है उसे ज़बरदस्ती छीना गया है ।"
Aug 4
C.M.Upadhyay "Shoonya Akankshi" commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद -
" Hariom Shrivastava जी,आपने विशेष विषयान्तर्गत बहुत बढ़िया कुण्डलिया छन्द लिखे हैं | व्याकरण की दृष्टि से भी बहुत सुन्दर हैं |  हार्दिक बधाई | - शून्य आकांक्षी "
Aug 3
Hariom Shrivastava posted a blog post

कुण्डलिया छंद -

1- ख़ातूनों का हो गया, खत्म एक संत्रास। चर्चित तीन तलाक का, हुआ विधेयक पास।। हुआ विधेयक पास, सभी मिल खुशी मनाएँ।अब होंगी भयमुक्त, सभी मुस्लिम महिलाएँ।।बीती काली रात्रि, चाँद निकला पूनों का।बढ़ा आत्मविश्वास, आज से ख़ातूनों का।।2-तीस जुलाई ने रचा, एक नया इतिहास।मुद्दा तीन तलाक पर, हुआ विधेयक पास।।हुआ विधेयक पास, साँस लेगी अब नारी।कहकर तीन तलाक, जुल्म होते थे भारी।।ख़ातूनों ने आज, विजय खुद लड़कर पाई।दो हजार उन्नीस, दिवस है तीस जुलाई।।3-होगा तीन तलाक अब, दण्डनीय अपराध।ख़ातूनों की हो गईं, मन की पूरी…See More
Aug 1
Samar kabeer commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"जनाब हरिओम श्रीवास्तव जी आदाब,अच्छा कुण्डलिया छन्द लिखा आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
Jul 25

Profile Information

Gender
Male
City State
Bhopal, M.P.
Native Place
Datia, M.P.
Profession
Former Commercial Tax Officer

Comment Wall (5 comments)

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At 11:28pm on May 12, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय हरिओम श्रीवास्तव जी बहुत शुक्रिया हौसला बढाने का आपने ठीक फ़रमाया ' लुटे ' मेरी ग़लती है
At 12:29pm on April 16, 2018, Dr.Rama Dwivedi said…

ओ बी ओ  परिवार में जोड़ने हेतु  समस्त पदाधिकारियों का हार्दिक आभार एवं सादर नमन !

At 12:25pm on April 16, 2018, Dr.Rama Dwivedi said…

ओ बी ओ  परिवार में जोड़ने हेतु बहुत -बहुत आभार आदरणीय Hariom Shrivastava ji 

At 4:56pm on April 20, 2017, Hariom Shrivastava said…
सादर आभार आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी।
At 9:53pm on April 1, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

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Hariom Shrivastava's Blog

कुण्डलिया छंद-

नयनों का जिस क्षण हुआ, नयनों से सम्पर्क।
नयन नयन के हो गए, हुआ न कोई तर्क।।
हुआ न कोई तर्क, नयन नयनों पर छाए।
निकट नयन को देख, नयन नत-नत शरमाए।।
नयना ही आधार, नयन के है चयनों का।
नयन नयन का मेल, निरामय है नयनों का।।
(मौलिक एवं अप्रकाशित)
#हरिओम श्रीवास्तव#

Posted on September 3, 2019 at 7:04pm — 4 Comments

कुण्डलिया छंद -

1-

ख़ातूनों का हो गया, खत्म एक संत्रास।

चर्चित तीन तलाक का, हुआ विधेयक पास।।

हुआ विधेयक पास, सभी मिल खुशी मनाएँ।

अब होंगी भयमुक्त, सभी मुस्लिम महिलाएँ।।

बीती काली रात्रि, चाँद निकला पूनों का।

बढ़ा आत्मविश्वास, आज से ख़ातूनों का।।

2-

तीस जुलाई ने रचा, एक नया इतिहास।

मुद्दा तीन तलाक पर, हुआ विधेयक पास।।

हुआ विधेयक पास, साँस लेगी अब नारी।

कहकर तीन तलाक, जुल्म होते थे भारी।।

ख़ातूनों ने आज, विजय खुद लड़कर पाई।

दो हजार उन्नीस, दिवस है…

Continue

Posted on July 31, 2019 at 7:51pm — 4 Comments

कुण्डलिया छंद-

- "कुण्डलिया छंद"-
=========================
तेरा मुखड़ा चाँद सा, उतर न जाए यान।
गंजा पति कहने लगा, बचना मेरी जान।।
बचना मेरी जान,दक्षिणी ध्रुव पर खतरा।
चिंता की है बात, उमरिया  तेरी  सतरा।।
एक जगह दो चाँद, एक  तेरा  इक मेरा।
मेरे  सिर का  एक, दूसरा  मुखड़ा  तेरा।।
(मौलिक व अप्रकाशित)
-हरिओम श्रीवास्तव-

Posted on July 23, 2019 at 3:30pm — 2 Comments

कुण्डलिया छंद-

1-

तुलसी बाबा कह गए, परहित सरिस न धर्म।

परपीड़ा सम है नहीं, अधमाई का कर्म।।

अधमाई का कर्म, मर्म यह जिसने जाना।

उसको ही नरश्रेष्ठ, जगत ने भी है माना।।

जहाँ प्रेम सौहार्द, वहीं है काशी-काबा।

परहित सरिस न धर्म, कह गए तुलसी बाबा।।

2-

सबको ही यह ज्ञात है, परहित सरिस न धर्म।

किंतु आज वह चैन में, जिसके कुत्सित कर्म।।

जिसके कुत्सित कर्म, उसी के वारे न्यारे।

झूठ कपट छल छिद्र, स्वार्थ ने पैर पसारे।।

मिथ्या पाले दम्भ, आदमी भूला रब को।

रब…

Continue

Posted on June 7, 2019 at 7:11pm — 3 Comments

 
 
 

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