For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Hariom Shrivastava
Share
 

Hariom Shrivastava's Page

Latest Activity

Samar kabeer commented on Hariom Shrivastava's blog post कुण्डलिया छंद-
"जनाब हरिओम श्रीवास्तव जी आदाब,अच्छे कुण्डलिया छन्द हुए हैं,बधाई स्वीकार करें ।"
11 hours ago
Hariom Shrivastava replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह,वाहह,प्रदत्त चित्र पर अतिसुंदर सार छंद रचा है आदरणीय छोटेलाल सिंह जी। किंतु एक पंक्ति में आंशिक गड़बड़ी रह गई है- "नियम संयम अनुशासन में, मत कर मान बढ़ाएं"... यहाँ प्रथम चरण में 15 मात्राऐं अर्थात् एक कम होने से प्रवाह बाधित है। इस तरह…"
Sunday
Hariom Shrivastava replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"वाहह,वाहहहह,प्रदत्त चित्र पर लाजवाब छंद सृजित हुआ है आदरणीय सत्यनारायण सिंह जी। हार्दिक बधाई। दो अति सूक्ष्म त्रुटियाँ मुझे लग रहीं हैं। मुझे लगता है कि छंदों में इन त्रुटियों का भी विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए- मताधिकार मिला जो भाई...इस चरण में हल्का…"
Sunday
Hariom Shrivastava replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह,वाहह,बहुत सुंदर छंद है आदरणीय सतविन्द्र कुमार राणा जी। क्षमा अनुरोध सहित बहुत ही सूक्ष्म त्रुटि इंगित करना आवश्यक लग रहा है- कितनी भाषा बोली/ कितनीं भाषा बोलीं सपनों की दूकानें सजतीं बँटते भर-भर झोली/ ….’बोलीं’ व…"
Sunday
Hariom Shrivastava replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब तस्दीक अहमद खान साहब, आपकी उपस्थिति व उत्साहवर्धक क्रिया से सृजन सार्थक हुआ। हार्दिक आभार।"
Sunday
Hariom Shrivastava replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय डॉ छोटेलाल सिंह जी,आपकी उपस्थिति व उत्साहवर्धक क्रिया से सृजन सार्थक हुआ। हार्दिक आभार।"
Sunday
Hariom Shrivastava replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सतविन्द्र कुमार राणा जी,आपकी उपस्थिति व उत्साहवर्धक क्रिया से सृजन सार्थक हुआ। हार्दिक आभार।"
Sunday
Hariom Shrivastava replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सौरभ पाण्डेय जी,आपकी उपस्थिति व उत्साहवर्धक क्रिया से मैं अभिभूत हूँ एवं सृजन सार्थक हुआ। आपका हार्दिक आभार।"
Sunday
Hariom Shrivastava replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीय सत्यनारायण सिंह जी,आपकी उपस्थिति व उत्साहवर्धक क्रिया से सृजन सार्थक हुआ। हार्दिक आभार।"
Sunday
Hariom Shrivastava replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह,चित्र पर सार छंद में सुंदर प्रयास है। आदरणीय गणेश जी 'बागी' जी,अभी लय पर कार्य शेष है।"
Sunday
Hariom Shrivastava replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह,वाहहह,प्रदत्त चित्र पर लाजवाब व शानदार प्रस्तुति आदरणीय अनामिका सिंह 'अना' जी। बधाई हो। "दिए चित्र पर सार छंद में, लाजवाब है रचना। मतदाता को सुंदर शिक्षा, लालच से है बचना।।" चलो निकालें मिलकर सारे , चुभे विगत जो काँटे । क्यों…"
Sunday
Hariom Shrivastava replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह,वाहहह,चित्र पर अतिसुंदर व सारगर्भित सार छंद रचा है। बधाई हो आदरणीय तस्दीक अहमद खान साहब। छन्न पकैया छन्न पकैया, दिन चुनाव का आयावोट न देना उसको जिसने, वादा नहीं निभाया....मतदाता को सही सलाह।"
Sunday
Hariom Shrivastava replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"वाहह,वाहहह,चित्र पर बहुत सुंदर प्रस्तुति। किंतु विनम्रता पूर्वक निवेदन करना चाहूँगा आदरणीय हरविन्द्र कुमार राणा जी- मत मानें ईश्वर को कोई, पर्व न उसके मानें....मुखड़ा कुछ सुधार चाहता है, 'मत मानें', शब्द कुछ उपयुक्त नहीं जान पड़ रहा है। इस…"
Sunday
Hariom Shrivastava replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह,क्षेत्रीय भाषा में सुंदर प्रयास हुआ है। "जनतंत्र पनपाता"...11 मात्रा,यानी एक मात्रा कम व लय भंग। ऐसा कह सकते हैं - "लोकतंत्र पनपाता". दूसरे, "बालिगन खों जगाता"..प्रवाह बाधित है।"
Sunday
Hariom Shrivastava replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह,वाहहह,प्रदत्त चित्र पर सुंदर सार छंद है आदरणीय गुप्ता जी। दो जगह ध्यानाकृष्ट कराना चाहूँगा- 1.रहे न दास व दासी।..यह चरण कमजोर है। 2. "... ऋण चुकताएँ।"...ये 'चुकताएँ' कोई शब्द नहीं होता। चुकता करना या भुगतान करना या चुकाना…"
Sunday
Hariom Shrivastava replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 96 in the group चित्र से काव्य तक
"वाह,वाहहह,प्रदत्त चित्र पर अतिसुंदर सार छंद। बधाई हो आदरणीय अखिलेश जी। दान करें हम अपने मत का, जागरूक कहलाएँ। प्रेरित करिए औरों को भी, मानव धर्म निभाएँ॥...बहुत सुंदर। नंगों में जो कम नंगा है, वोट उसे ही देना॥...यह बात सही भी है,और मतदाता की मजबूरी…"
Sunday

Profile Information

Gender
Male
City State
Bhopal, M.P.
Native Place
Datia, M.P.
Profession
Former Commercial Tax Officer

Comment Wall (4 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 12:29pm on April 16, 2018, Dr.Rama Dwivedi said…

ओ बी ओ  परिवार में जोड़ने हेतु  समस्त पदाधिकारियों का हार्दिक आभार एवं सादर नमन !

At 12:25pm on April 16, 2018, Dr.Rama Dwivedi said…

ओ बी ओ  परिवार में जोड़ने हेतु बहुत -बहुत आभार आदरणीय Hariom Shrivastava ji 

At 4:56pm on April 20, 2017, Hariom Shrivastava said…
सादर आभार आदरणीय मिथिलेश वामनकर जी।
At 9:53pm on April 1, 2016,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

आपका अभिनन्दन है.

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट (क्लिक करें) कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सवछंदोत्सवतरही मुशायरा व  लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

Hariom Shrivastava's Blog

कुण्डलिया छंद-

1-

नेता आपस में लड़ें, रोज जुबानी जंग।

मर्यादाएँ हो रहीं, इस चुनाव में भंग।।

इस चुनाव में भंग, सभी ने गरिमा खोई।

फैलाकर उन्माद, परस्पर नफरत बोई।।

जनता का इस बार, बनेगा वही चहेता।

जो कर सके विकास, चाहिए ऐसा नेता।।

2-

बातें बेसिरपैर कीं, नेता करते रोज।

मर्यादाएँ तोड़कर, दिखलाते हैं ओज।।

दिखलाते हैं ओज, मंच से देते गाली।

खुद की ठोकें पीठ,बजावें खुद ही ताली।।

संसद में जो लोग, चलाते मुक्के लातें।

गरिमा के विपरीत, वही करते हैं…

Continue

Posted on April 19, 2019 at 10:00am — 1 Comment

कुण्डलिया छंद-

ढलती जाती उम्र में, डगमग होती नाव।

कभी-कभी नैराश्य के, आ जाते हैं भाव।।

आ जाते हैं भाव, और दुख होता भारी।

लगने लगती व्यर्थ, तभी यह दुनियादारी।।

जीर्णशीर्ण यह नाव,चले हिचकोले खाती।

घिरता है अवसाद, उम्र जब ढलती जाती।।

2-

माला फेरी उम्रभर, तीरथ किए हजार।

काम क्रोध मद मोह से, पाया कभी न पार।।

पाया कभी न पार, जिन्दगी व्यर्थ गँवाई।

बीत गई अब उम्र, विदा की बेला आई।।

मन में रखकर द्वेष, बैर अपनों से पाला।

धुला न मन का मैल,जपी निसदिन ही…

Continue

Posted on April 12, 2019 at 9:22pm — 6 Comments

कुण्डलिया छंद -

दिखलाते हैं जो सदा, व्हाट्सएप पर ओज।
गुडमार्निंग गुडनाइट जो, करें नियम से रोज।।
करें नियम से रोज, किंतु जब सम्मुख मिलते।
तब फिर इनके होंठ, नहीं रत्तीभर हिलते।।
आगे बढ़कर हाथ, नहीं यह कभी मिलाते।
वटसिपिया व्यवहार, नैट पर ये दिखलाते।।
(मौलिक व अप्रकाशित)
**हरिओम श्रीवास्तव**

Posted on April 3, 2019 at 11:06am — 2 Comments

कुण्डलिया छंद-

मतदाता को फाँसने, डाल रहे हैं जाल।
नेता आपस में सभी, कीचड़ रहे उछाल।।
कीचड़ रहे उछाल, मची है ता ता थैया।
नागनाथ हैं एक, दूसरे साँप नथैया।।
हर नेता ही रोज, निराले ख्वाब दिखाता।
सारे नटवरलाल, करे अब क्या मतदाता।।
(मौलिक व अप्रकाशित)
**हरिओम श्रीवास्तव**

Posted on April 1, 2019 at 11:31pm — 8 Comments

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

अजय गुप्ता commented on Samar kabeer's blog post एक ग़ज़ल रुबाइ की बह्र में
"इस बेमिसाल ग़ज़ल को पढ़कर मन प्रसन्न हो गया। इस प्रस्तुति के लिए आभार समर साहब। एक शंका का निवारण…"
2 hours ago
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post अधूरी सी ज़िंदगी ....
"लाजवाब सर"
5 hours ago
narendrasinh chauhan commented on Sushil Sarna's blog post प्रतीक्षा लौ ...
"खुब सुन्दर रचना सर"
5 hours ago
दिगंबर नासवा commented on दिगंबर नासवा's blog post गज़ल - दिगंबर नास्वा - 4
"बहुत आभार आदरणीय समर कबीर ..."
5 hours ago
बासुदेव अग्रवाल 'नमन' commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post कनक मंजरी छंद "गोपी विरह"
"आदरणीय समर कबीर जी इस छंद बद्ध रचना को आपकी प्रशंसा मिली लेखन सार्थक हुआ। आपका हृदय तल से आभार।"
7 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani posted a blog post

"ओ आली, कौन अली; कौन महाबली?" (लघुकथा) :

छकपक ... छकपक ... करती आधुनिक रेलगाड़ी बेहद द्रुत गति से पुल पर से गुजर रही थी। नीचे शौच से फ़ारिग़ हो…See More
8 hours ago
बसंत कुमार शर्मा posted a blog post

सभी कुछ बता दिया - ग़ज़ल

मापनी २२१२ १२१ १२२ १२१२ हमने रखा न राज़ सभी कुछ बता दियाखिड़की से आज उसने भी परदा हटा दिया बंजर जमीन…See More
8 hours ago
बसंत कुमार शर्मा commented on बसंत कुमार शर्मा's blog post सभी कुछ बता दिया - ग़ज़ल
"आदरणीय समर कबीर जी सादर नमस्कार, जी कर देता हूँ ,आपकी हौसलाअफजाई के लिए दिल से शुक्रिया "
9 hours ago
Samar kabeer commented on Sushil Sarna's blog post प्रतीक्षा लौ ...
"जनाब सुशील सरना जी आदाब,अच्छी कविता हुई,बधाई स्वीकार करें ।"
10 hours ago
Samar kabeer commented on बासुदेव अग्रवाल 'नमन''s blog post कनक मंजरी छंद "गोपी विरह"
"जनाब बासुदेव अग्रवाल 'नमन' जी आदाब,अच्छे छन्द लिखे आपने,बधाई स्वीकार करें ।"
10 hours ago
Samar kabeer commented on Sheikh Shahzad Usmani's blog post आम चुनाव और समसामायिक संवाद (लघुकथाएं) :
"जनाब शैख़ शहज़ाद उस्मानी जी आदाब,अच्छी लघुकथाएं हुईं,बधाई स्वीकार करें ।"
10 hours ago
Samar kabeer commented on amod shrivastav (bindouri)'s blog post कोई तो दीद के क़ाबिल है आया
"जनाब आमोद बिंदौरी जी आदाब,ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है,बधाई स्वीकार करें । शिल्प और व्याकरण पर क़ाबू पाना…"
10 hours ago

© 2019   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service