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Nilesh Shevgaonkar
  • Male
  • Indore
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Aazi Tamaam commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की -जैसे धुल कर आईना फ़िर चमकीला हो जाता है,
"आदरणीय सादर प्रणाम बता नहीं सकता इस ग़ज़ल को पड़ने के बाद कैसा लगा इक इक शैर नायाब लगा नये जैसा लगा..........  मेरी सबसे पसंदिदा लाईन जो हर जगह याद आ ही जाती है  " रो लेते हैं रो लेने से मन हल्का हो जाता है " धन्यवाद ऐसी नायाब…"
Feb 17
Nilesh Shevgaonkar commented on Samar kabeer's blog post तरही ग़ज़ल
"वाह वाह आ. समर सर..आयोजन में इंतज़ार था आपकी ग़ज़ल का ..बहुत बहुत बधाई "
Nov 20, 2020
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?
"वाह बढ़िया ग़ज़ल कही आदरणीय नीलेश जी..."
Nov 3, 2020
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल- नूर की .. शेख़ ओ बरहमन में यारी रहेगी
"धन्यवाद आ. लक्ष्मण जी "
Nov 2, 2020
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?
"धन्यवाद आ. सालिक जी "
Nov 2, 2020
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?
"आ. रूपम जी,शाइरी भी तो इशारों ही में होती है ..सादर "
Nov 2, 2020
सालिक गणवीर commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?
"आदरणीय भाई निलेश जी सादर अभिवादन बहुत उम्दा ग़ज़ल कही है आपने ,दाद के साथ मुबारक़बाद पेश करता हूँ"
Nov 2, 2020
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?
"धन्यवाद आ. लक्ष्मण जी"
Nov 1, 2020
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल- नूर की .. शेख़ ओ बरहमन में यारी रहेगी
"आ. भाई नीलेश जी, सादर अभिवादन । उम्दा गजल हुई है, हार्दिक बधाई ।"
Oct 31, 2020
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?
"आ. भाई नीलेश जी, सादर अभिवादन । एक और उत्तम गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Oct 31, 2020
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?
"धन्यवाद आ. मीत जी..आपके सवाल का जवाब आपको आपके विवाह के बाद मिल जाएगा :) :) :-)"
Oct 31, 2020
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?
"धन्यवाद आ. समर सर "
Oct 31, 2020
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?
"धन्यवाद आ. तेजवीर सिंह साहब "
Oct 31, 2020
Samar kabeer commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?
"जनाब निलेश 'नूर' जी आदाब, अच्छी ग़ज़ल कही आपने,दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ ।"
Oct 31, 2020
TEJ VEER SINGH commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?
"हार्दिक बधाई आदरणीय नीलेश "नूर" जी।बेहतरीन गज़ल। . सोचने दो मुझे समझने दोजब मिला बस यही जवाब मिला."
Oct 31, 2020
Nilesh Shevgaonkar posted a blog post

ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?

मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला? या निचोडे से  सिर्फ आब मिला..सोचने दो मुझे समझने दो जब मिला बस यही जवाब मिला..दिल ने महसूस तो किया उस को    पर न आँखों को ये सवाब मिला..मैकदे में था जश्न-ए-बर्बादी जिस में हर रिन्द कामयाब मिला..इतना अच्छा जो मिल गया…See More
Oct 31, 2020
Nilesh Shevgaonkar commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post नोटबंदी का मुनाफा काले धन की वापसी - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"आ. लक्ष्मण जी,उम्दा भाव और विरोधी तेवर लिए ग़ज़ल हुई है.. शिल्प आदि अपर समर सर बता ही चुके हैं..मेरी ओर से बधाई स्वीकार करें.सादर "
Oct 31, 2020
Nilesh Shevgaonkar commented on Richa Yadav's blog post मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया
"आ. ऋचा जी,निरंतर प्रयास करते रहें.. अच्छी ग़ज़लें पढ़ें और उन की शेर कहने की तरकीब का मनन करें..सादर  "
Oct 31, 2020
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल नूर की- जिन की ख़ातिर हम हुए मिस्मार; पागल हो गये
"धन्यवाद आ. सालिक गणवीर साहब"
Oct 31, 2020
Nilesh Shevgaonkar commented on Nilesh Shevgaonkar's blog post ग़ज़ल- नूर की .. शेख़ ओ बरहमन में यारी रहेगी
"शुक्रिया आ. तेजवीर सिंह साहब"
Oct 31, 2020

Profile Information

Gender
Male
City State
Indore-MP
Native Place
Indore-MP
Profession
Civil Engineer

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ग़ज़ल नूर की- मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?

मेरी आँखों में तुम को ख़ाब मिला?

या निचोडे से  सिर्फ आब मिला.

.

सोचने दो मुझे समझने दो

जब मिला बस यही जवाब मिला.

.

दिल ने महसूस तो किया उस को   

पर न आँखों को ये सवाब मिला.

.

मैकदे में था जश्न-ए-बर्बादी

जिस में हर रिन्द कामयाब मिला.

.

इतना अच्छा जो मिल गया हूँ मैं

इसलिए कहते हो “ख़राब मिला.”

.

“नूर” चलने से पहले इतना कर

अपने हर कर्म का…

Continue

Posted on October 31, 2020 at 10:01am — 11 Comments

ग़ज़ल- नूर की .. शेख़ ओ बरहमन में यारी रहेगी

जो शेख़ ओ बरहमन में यारी रहेगी

जलन जलने वालों की जारी रहेगी.

.

मियाँ जी क़वाफ़ी को समझे हैं नौकर  

अना का नशा है ख़ुमारी रहेगी.  

.

गले में बड़ी कोई हड्डी फँसी है

अभी आपको बे-क़रारी रहेगी.

.

हुज़ूर आप बंदर से नाचा करेंगे

अकड आपकी गर मदारी रहेगी.

.

हमारे ये तेवर हमारे रहेंगे

हमारी अदा बस हमारी रहेगी.

.

हुज़ूर इल्तिजा है न हम से उलझिये

वगर्ना यूँ ही दिल-फ़िगारी रहेगी.

.

ग़ज़ल “नूर” तुम पर न ज़ाया करेंगे …

Continue

Posted on October 29, 2020 at 6:00pm — 14 Comments

ग़ज़ल नूर की- जिन की ख़ातिर हम हुए मिस्मार; पागल हो गये

जिन की ख़ातिर हम हुए मिस्मार; पागल हो गये

उन से मिल कर यूँ लगा बेकार पागल हो गये.

.

सुन के उस इक शख्स की गुफ़्तार पागल हो गये

पागलों से लड़ने को तैयार पागल हो गये.

.

छोटे लोगों को बड़ों की सुहबतें आईं  न रास

ख़ुशबुएँ पाकर गुलों से ख़ार पागल हो गये.

.

थी दरस की आस दिल में तो भी कम पागल न थे

और जिस पल हो गया दीदार; पागल हो गये.

.

एक ही पागल था मेरे गाँव में पहले-पहल

रफ़्ता रफ़्ता हम सभी हुशियार पागल हो गये.

.

इल्तिजा थी…

Continue

Posted on October 15, 2020 at 3:00pm — 13 Comments

ग़ज़ल नूर की- ख़ूब इतराते हैं हम अपना ख़ज़ाना देख कर

ख़ूब इतराते हैं हम अपना ख़ज़ाना देख कर

आँसुओं पर तो कभी उन का मुहाना देख कर.

.

ग़ैब जब बख्शे ग़ज़ल तो बस यही कहता हूँ मैं  

अपनी बेटी दी है उसने और घराना देख कर. 

.

साँप डस ले या मिले सीढ़ी ये उस के हाथ है,

हम को आज़ादी नहीं चलने की ख़ाना देख कर.

.

इक तजल्ली यक-ब-यक दिल में मेरे भरती गयी

एक लौ का आँधियों से सर लड़ाना देख कर.

.

ऐसे तो आसान हूँ वैसे मगर मुश्किल भी हूँ

मूड कब…

Continue

Posted on October 3, 2020 at 12:37pm — 7 Comments

Comment Wall (12 comments)

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At 7:53pm on September 27, 2019, dandpani nahak said…
परम आदरणीय नीलेश जी आदाब बहुत बहुत शुक्रिया मैं बता नहीं सकता मैं कितना खुश हूँ आपने मेरी ग़ज़ल को सराहा मेरा तो आज का दिन बन गया ! ह्रदय से शुक्रिया
At 8:17pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
मुआफ़ी चाहता हूँ ! बढ़ाने का
At 8:16pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
हौसला बढ़ने का
At 8:15pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय नीलेश जी आदाब . बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ने का
At 8:49pm on March 22, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय नीलेश सर प्रणाम
बहुत शुक्रिया
At 2:21pm on September 16, 2017, Afroz 'sahr' said…
आदरणीय निलेश जी आपने ख़ाकसार की बात की ताईद की बहुत आभार प्रकट करता हूँ !सादर
At 9:50pm on March 3, 2017, Hemant kumar said…
आदरणीय सर प्रणम ! मै ओ बी ओ मे काफीया पढ़ रहा हूं पर पल्ले कुछ भी नही पड़ रहा है ।
सर आपसे विनम्र आग्रह है काफीया निर्धारण पर पुनः प्रकाश डालने की अनुकंपा करें ।सादर..
At 2:37am on June 29, 2014, Adesh Tyagi said…
जनाबे-मोहतरम निलेश शेव्गाँवकर साहब, अल्फ़ाज़े-तहसीन का तहे-दिल से शुक्रगुज़ार हूँ।
At 4:47am on November 11, 2013, Abhinav Arun said…

महीने का सक्रिय सदस्य (Active Member of the Month)चुने जाने पर आ. नीलेश जी आपको दिली मुबारकबाद !

At 1:45pm on November 7, 2013, केवल प्रसाद 'सत्यम' said…

आ0 नीलेश भाई जी, आपको महीने का सकिय सदस्य चुने जाने पर आपको हार्दिक बधाई।  सादर,

 
 
 

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