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PHOOL SINGH
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लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on PHOOL SINGH's blog post जय गणतंत्र, जय संविधान
"आ. भाई फूलसिंह जी, सादर अभिवादन । अच्छी रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Jul 1
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on PHOOL SINGH's blog post वीरांगना झलकारी देवी
"आद0 फूल सिंह जी सादर अभिवादन। अच्छी प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार कीजिये"
Jun 28
Samar kabeer commented on PHOOL SINGH's blog post वीरांगना झलकारी देवी
"जनाब फूल सिंह जी आदाब, सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
Jun 28
PHOOL SINGH posted a blog post

वीरांगना झलकारी देवी

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मी बाई की के साथ झलकारी बाई का नाम भी बड़ी सम्मान के लिए जाता है | एक वही थी जिन्होने रानी का हर कदम पर साथ दिया और उनकी कदकाठी कुछ मेल खाती थी |इनके बलबूते ही रानी लक्ष्मी बाई संग्राम में अंग्रेज़ो की आखों में धूल झोंकने में सफल रही | लेकिन इसे विडम्बना ही कहेंगे की सक्षम होने के बावजूद भी इतिहासकारों ने उसे वो सम्मान नहीं दिया जिसकी वह हकदार थी | जाति व्यवस्था में दबे होने के कारण हमारे देश के बहुत से वीर-वीरांगनाए इसी सोच में दबकर गुमनाम हो गए जीने त्याग…See More
Jun 27
PHOOL SINGH posted blog posts
Jun 25
Samar kabeer commented on PHOOL SINGH's blog post रानी अवंतीबाई लोधी
"जनाब फूल सिंह जी आदाब, सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
Jun 24
PHOOL SINGH commented on PHOOL SINGH's blog post आखिरी ख़्वाहिश
"कबीर साहब आपका कोटि कोटि धन्यवाद"
Feb 11
Samar kabeer commented on PHOOL SINGH's blog post आखिरी ख़्वाहिश
"जनाब फूल सिंह जी आदाब, अच्छी रचना हुई,बधाई स्वीकार करें ।"
Feb 8
PHOOL SINGH posted a blog post

आखिरी ख़्वाहिश

देख लोगो को रोते हुएज़ोर से लाश एक हँस पड़ीजीते जी तो जीने दिया नागुस्से में वो बिफर पड़ी ||खरी-खोटी मुझे रोज सुनातेतनिक भी ना परवाह थीदिल पे मेरी क्या गुजरतीघुट-घुट के मैं रोती थी ||खुदा बक्शे अगर, जिंदगीऔकात दिखा दे अभी सभीघड़ियाल से आँसू जो बहातेअसलियत आ जाए सामने अभी ||भूल जायेंगें कुछ ही दिन मेंयाद ना आयें मेरी कभीअच्छी-बुरी मेरी बातें करसहानुभूति पाएंगें सभी ||छोड़ चली मैं अहम की दुनियांईश्वर के द्वार में मैं चलीखुदा के चरण में स्थान मिलेआखिरी ख़्वाहिश है ये मेरी ||“मौलिक व अप्रकाशित”See More
Feb 1
Samar kabeer commented on PHOOL SINGH's blog post आधुनिक नारी
"जनाब फूल सिंह जी आदाब,अच्छी रचना हुई,बधाई स्वीकार करें ।"
Jan 28
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on PHOOL SINGH's blog post आधुनिक नारी
"आ. भाई फूलसिंह जी, अच्छी रचना हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Jan 27
Samar kabeer commented on PHOOL SINGH's blog post एक अभागिन किन्नर
"जनाब फूल सिंह जी आदाब,किन्नर पर रचना का अच्छा प्रयास है,बधाई स्वीकार करें । शीर्षक में 'अभागिन' शब्द मेरे ख़याल से उचित नहीं,क्योंकि किन्नर न स्त्री है न पुरुष,इस पर विचार करें ।"
Jan 21
PHOOL SINGH commented on PHOOL SINGH's blog post “भ्रम जाल”
"आप सभी ने मेरी रचना के लिये समय निकाला उसके आप सबका शुक्रिया"
Jan 21
PHOOL SINGH commented on PHOOL SINGH's blog post दंगाइयो से मेरी विनती
"भाई लक्ष्मण कों हौंसलअफजाई के लिये धन्यवाद"
Jan 21
PHOOL SINGH commented on PHOOL SINGH's blog post अच्छा लगा
"आप सभी का बहुत बहुत धन्यवाद"
Jan 21
PHOOL SINGH commented on PHOOL SINGH's blog post एक अभागिन किन्नर
"भाई सुरेन्द्र आपका बहुत बहुत धन्यवाद आपके सुझाव के लिये आपका बहुत शुक्रिया"
Jan 21

Profile Information

Gender
Male
City State
DELHI
Native Place
DELHI
Profession
KALSHANIA CONSULTANCY
About me
NOTHING MUCH

जीवन संगिनी

हार हार का टूट चुका जब

तुमसे ही आश बाँधी है

मैं नहीं तो तुम सही

समर्थ जीवन की ठानी है||

 

मजबूर नहीं मगरूर नहीं मैं 

मोह माया में चूर नहीं मैं

साथ तुम्हारा मिल जाए तो

लक्ष्य से भी दूर नहीं मैं ||

 

सुख दुःख की घटना तो

जीवन में घटती रहती है

छोटी छोटी नोक झोंक भी

हर रिश्ते में होती है 

छोड़ न देना साथ निभाना

तुमसे, प्रेम की डोर जो बाँधी है||

 

गलत किये थे कुछ निर्णय

ये बात भी स्वीकारी है

मैं  गलत और तुम सही

गलती मैंने मानी है

मझधार में फसीं जिंदगी की

नैया पार लगानी है||

 

जीवन संगिनी बनकर,

मेरी जिंदगी, सँवारी है

घर नहीं मेरे दिल में रहना

बस ख़्वाहिश ये हमारी है

मैं नहीं तो तुम सही

समर्थ जीवन की ठानी है||

 

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वीरांगना झलकारी देवी

प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में रानी लक्ष्मी बाई की के साथ झलकारी बाई का नाम भी बड़ी सम्मान के लिए जाता है | एक वही थी जिन्होने रानी का हर कदम पर साथ दिया और उनकी कदकाठी कुछ मेल खाती थी |इनके बलबूते ही रानी लक्ष्मी बाई संग्राम में अंग्रेज़ो की आखों में धूल झोंकने में सफल रही | लेकिन इसे विडम्बना ही कहेंगे की सक्षम होने के बावजूद भी इतिहासकारों ने उसे वो सम्मान नहीं दिया जिसकी वह हकदार थी | जाति व्यवस्था में दबे होने के कारण हमारे देश के बहुत से वीर-वीरांगनाए इसी सोच में दबकर गुमनाम हो गए जीने…

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Posted on June 25, 2020 at 4:30pm — 2 Comments

जय गणतंत्र, जय संविधान

देश पर मुझको है अभिमान

जय गणतंत्र जय संविधान

धर्म निरपेक्ष है देश हमारा

सुंदर प्यारा देश महान || 

हर संस्कृति को करता स्वीकार

अमन चैन में है विश्वास 

धर्म-जाति का भेद नहीं

अधिकार दिलाता सबको समान ||

शत्रु को भी मित्र समझता

सबका करता है कल्याण

शरणार्थियों को शरण दिलाता

सबसे बड़ा हिन्द संविधान ||

नर-नारी सब एक समान

हर क्षेत्र में उनका योगदान

सारी दुनियाँ में…

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Posted on June 22, 2020 at 2:00pm — 1 Comment

रानी अवंतीबाई लोधी

भारत वर्ष की भूमि महापुरुषों की ही नहीं बल्कि देवी रूप में देश के लिए बलिदान, त्याग और अपनी जान को न्यौछावर करने वाली नारियों से भी भरी पड़ी है| जिन्होने अपनी हर हद से उठ कर अपने देश की रक्षा के लिए मान मर्यादा को ध्यान में रखते हुए सब कुछ कर गुजरने के साहस की मिशाल पेश की | कुछ इतिहासकारों के अनुसार रानी अवंतीबाई लोधी भारत की आजादी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली महिला के रूप में जाना है। जिसे प्रथम स्वतंत्रता संग्राम में रामगढ़ के रेवांचल प्रदेश में हुए मुक्ति आंदोलन की मुख्य सूत्रधार और…

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Posted on June 21, 2020 at 3:30pm — 2 Comments

आखिरी ख़्वाहिश

देख लोगो को रोते हुए

ज़ोर से लाश एक हँस पड़ी

जीते जी तो जीने दिया ना

गुस्से में वो बिफर पड़ी ||

खरी-खोटी मुझे रोज सुनाते

तनिक भी ना परवाह थी

दिल पे मेरी क्या गुजरती

घुट-घुट के मैं रोती थी ||

खुदा बक्शे अगर, जिंदगी

औकात दिखा दे अभी सभी

घड़ियाल से आँसू जो बहाते

असलियत आ जाए सामने अभी ||

भूल जायेंगें कुछ ही दिन में

याद ना आयें मेरी कभी

अच्छी-बुरी मेरी बातें कर

सहानुभूति…

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Posted on January 31, 2020 at 5:00pm — 2 Comments

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