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Ram Ashery
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हम होगें कामयाब

आज अपने मकसद को पाने में हम होगें कामयाब मन में रख विश्वास, महामारी से जंग जीत जायेगें कुदरत के सिद्धांतों पर जब हम चलना सीख जायेगें जीवन में हम जैसा फल बोयेगें वैसा ही फल खायेगें आज नहीं तो कल,लोग अपनी गलती समझ जायेगें आज अपने मकसद को पाने में हम होगें कामयाब ॥ छल कपट राग द्वेश छोड जब जीना सीख जायेगें लालच त्याग कर, दूसरों के दुख को समझ पायेगें जिस दिन हम अपनी कमजोरी को ताकत बनायेगें तभी कोरोना पर अपनी विजय का जश्न मनायेगें आज अपने मकसद को पाने में हम होगें कामयाब ॥ आस्तीन में पल रहे शत्रुओं…See More
May 17
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हम होगें कामयाब

लेन देन जगत में, कुदरत रखे सब हिसाब । मिलता न कुछ मुफ्त में, हम हो कामयाब ॥ अपने आतीत से सीख लें, पलटकर देख लो इतिहास मुसीबतों से कुछ सबक ले, रख सुखी भविश्य की आस । हर बाधा की दिशा मोड दो, कर जीवन में सतत प्रयास । विपत्ती में धैर्य से निर्णय लें, ह्र्दय जगे सफलता की आस । मन में जगा विश्वास, आंखों से देखे ख्वाब ! टूटे न मन से आस, लोग होगें कामयाब !! वक्त रहते आज तू संवार ले, कल तेरा होगा न उपहास । दुख में हिम्मत हार मत, कल सूरज देगा प्रकाश.। करूणा मैत्री को छोड मत, विजय आ गयी अब पास । सुख…See More
May 15
Ram Ashery commented on Ram Ashery's blog post जिंदगी का सफर
"मेरे उत्साह वर्धन के लिए आपको सहृदय आभार स्वीकार हो । "
Nov 25, 2020
Samar kabeer commented on Ram Ashery's blog post जिंदगी का सफर
"जनाब राम आश्रय जी आदाब,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
Nov 25, 2020
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जिंदगी का सफर

हमारा आज और कल एक सिक्के के दो पहलू हैं सुनहरे कल के लिए आज की बलि मत चढ़ा दो माना की आज ज़िंदगी कठिन है पर जीना जरूरी है उसके लिए अपने  भविष्य को बचाना है तिनके का सहारा लेकर हमें जाना है उस पार ।  हिम्मत न हार तूफान से टकरा अपने कल के लिए कठिन संघर्ष कर आया भयंकर तूफान खतरे में जग जहान है आशा की पतवार है किश्ती नदी मझधार है हिम्मत न हार हमें जाना है उस पार । मंजिल  पर दूर तक कोई नजर नहीं आता छोटा है तो क्या हुआ,पर  रिश्ता निभाता है इस भंयकर तूफान में कोई रास्ता दिखाता है  हौसला बुलंद रख विजय…See More
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Oct 11, 2019
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न्याय की उम्मीद

जो डूब चुका है कंठ तक झूठ के सवालों में उससे ही हम न्याय की उम्मीद लगा बैठे ।  देश आज फंस चुका है गद्दारों के हाथों में हमारी आपसी मतभेद का फाइदा उठा बैठे । हमसे मांगते मंदिर का सबूत न्यायालय में भारत में भी तालिबानी फरमान सुना बैठे । राम के मंदिर के लिए लड़ रहे न्यायालय में सुबह की रोशनी में अपना अस्तित्व देख बैठे । आज न्यायालय ही खड़ा हो गया सवालों में जो संविधान को अलग रख निर्णय ले बैठे । न्यायाधीस को शर्म नहीं निर्णय सुनने में रविदासजी का मंदिर आनन फानन तोड़ बैठे । अक्षरधाम मंदिर दिखा नहीं उस…See More
Aug 26, 2019
Samar kabeer commented on Ram Ashery's blog post कागज की नाव
"जनाब आश्रय जी आदाब,सुंदर प्रस्तुति हेतु बधाई स्वीकार करें ।"
Aug 25, 2019

Profile Information

Gender
Male
City State
surat
Native Place
Allahabad
Profession
service
About me
i am working in the institution as a teacher

क्यारी देखी फूल बिन ,माली हुआ उदास ।

कह दी मन की बात सब, जा पेड़ों के पास ॥

हिन्दी को समृद्धि करन हित, मन में जागी आस ।

गाँव गली हर शहर तक ,करना अथक प्रयास ॥

कदम बढ़ाओ सड़क पर ,मन में रख कर विश्वाश ।

मिली सफलता एक दिन ,सबकी पूरी आश ॥

सूरज चमके अम्बर में , करे तिमिर का नाश ।

अज्ञानता का भय मिटे, फैले जगत प्रकाश ॥

चंदा दमकी आसमान  ,गई जगत में छाय ।

हिन्दी पहुंची जन जन में, तब बाधा मिट जाय ॥

हिन्दी हमारी ताज अब, सबको रख कर पास ।

फूटा भांडा ढोंग का ,हुआ तिमिर का नाश ॥

घनी अंधेरी राह में जब राह न दिखती होय ।

हिन्दी साथ में तब चली, राह सुगम तब होय ॥

जब हिन्दी में बात करें, तो गर्व का अनुभव होय ।

गाँव शहर परदेश में , माथा नीच न होय ॥

पूरब पश्चिम उत्तर दक्षिण, चहुं दिश हिन्दी आज ।

जाति धर्म के बंधन मिटे, आयी समता आज ॥  

दूध और पानी की तरह ,मिल गए सभी समाज  ॥

पर्वत सोहे न भाल बिन, नदी बहे बिन नीर ।

देश न सोहे हिन्दी बिन , जीवन रहित शरीर ॥

ध्वज फहराए विश्व में, नभ तक जाए छाय ।

ममता जागे हृदय में , हिन्दी सभी अपनाय ॥

 मौलिक एवं प्रकाशित 

 

      

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हम होगें कामयाब

आज अपने मकसद को पाने में हम होगें कामयाब

मन में रख विश्वास, महामारी से जंग जीत जायेगें

कुदरत के सिद्धांतों पर जब हम चलना सीख जायेगें

जीवन में हम जैसा फल बोयेगें वैसा ही फल खायेगें

आज नहीं तो कल,लोग अपनी गलती समझ जायेगें

आज अपने मकसद को पाने में हम होगें कामयाब ॥

छल कपट राग द्वेश छोड जब जीना सीख जायेगें

लालच त्याग कर, दूसरों के दुख को समझ पायेगें

जिस दिन हम अपनी कमजोरी को ताकत बनायेगें

तभी कोरोना पर अपनी विजय का जश्न मनायेगें

आज अपने मकसद को…

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Posted on May 16, 2021 at 8:30am

हम होगें कामयाब

लेन देन जगत में, कुदरत रखे सब हिसाब ।

मिलता न कुछ मुफ्त में, हम हो कामयाब ॥

अपने आतीत से सीख लें,

पलटकर देख लो इतिहास

मुसीबतों से कुछ सबक ले,

रख सुखी भविश्य की आस ।

हर बाधा की दिशा मोड दो,

कर जीवन में सतत प्रयास ।

विपत्ती में धैर्य से निर्णय लें,

ह्र्दय जगे सफलता की आस ।

मन में जगा विश्वास, आंखों से देखे ख्वाब !

टूटे न मन से आस, लोग होगें कामयाब !!

वक्त रहते आज तू संवार ले,

कल तेरा होगा न उपहास ।

दुख में हिम्मत हार…

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Posted on May 15, 2021 at 9:30am

जिंदगी का सफर

हमारा आज और कल एक सिक्के के दो पहलू हैं 

सुनहरे कल के लिए आज की बलि मत चढ़ा दो 

माना की आज ज़िंदगी कठिन है पर जीना जरूरी है 

उसके लिए अपने  भविष्य को बचाना है 

तिनके का सहारा लेकर हमें जाना है उस पार ।  

हिम्मत न हार तूफान से टकरा 

अपने कल के लिए कठिन संघर्ष कर 

आया भयंकर तूफान खतरे में जग जहान है 

आशा की पतवार है किश्ती नदी मझधार है 

हिम्मत न हार हमें जाना है उस पार । 

मंजिल  पर दूर तक कोई नजर नहीं आता 

छोटा है तो…

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Posted on November 21, 2020 at 3:00pm — 2 Comments

न्याय की उम्मीद

जो डूब चुका है कंठ तक झूठ के सवालों में 

उससे ही हम न्याय की उम्मीद लगा बैठे ।  

देश आज फंस चुका है गद्दारों के हाथों में 

हमारी आपसी मतभेद का फाइदा उठा बैठे । 

हमसे मांगते मंदिर का सबूत न्यायालय में 

भारत में भी तालिबानी फरमान सुना बैठे । 

राम के मंदिर के लिए लड़ रहे न्यायालय में 

सुबह की रोशनी में अपना अस्तित्व देख बैठे । 

आज न्यायालय ही खड़ा हो गया सवालों में 

जो संविधान को अलग रख निर्णय ले बैठे । 

न्यायाधीस को शर्म नहीं…

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Posted on August 24, 2019 at 8:30pm

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At 10:27pm on January 17, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय रामाश्रय जी, महोत्सव में आप अपनी रचना मुख्य पृष्ठ पर महोत्सव बैनर को क्लीक कर पोस्ट कर सकते हैं . 

 
 
 

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