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Richa Yadav
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  • Rupam kumar -'मीत'
 

Welcome, Richa Yadav "Riya"

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बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Richa Yadav's blog post मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया
"बढ़िया भावपूर्ण ग़ज़ल कही है...बधाई आपको"
Nov 3
Richa Yadav commented on Richa Yadav's blog post मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया
"आ. समर कबीर जी, बहुत बहुत धन्यवाद आपका। सादर।"
Nov 1
Samar kabeer commented on Richa Yadav's blog post मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया
"//ऐसा मरज़ हुआ कि दवा ही न हो सकी// ये मिसरा ठीक है ,प्रयासरत रहें ।"
Nov 1
Richa Yadav commented on Richa Yadav's blog post मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया
"आ. समर कबीर जी, बहुत बहुत धन्यवाद आपका, वक़्त दिया आपने और त्रुटि बताई ऐसे ही मार्गदर्शन करते करिये आभार आपका। सुधार किया है कृपया बताइये क्या अब ठीक है।? ऐसा मरज़ हुआ कि दवा ही न हो सकी"
Nov 1
Samar kabeer commented on Richa Yadav's blog post मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया
"मुहतरमा ऋचा जी आदाब, ओबीओ पटल पर आपका स्वागत है । ग़ज़ल का प्रयास अच्छा है, बधाई स्वीकार करें । बहुत कुछ जनाब निलेश जी बता चुके हैं,और आपने उसका संज्ञान भी लिया है,कुछ बातें में आपको बताना चाहूँगा । 'था मर्ज़ ऐसा जिसकी नहीं थी दवा कोईतू हाथ थाम…"
Oct 31
Nilesh Shevgaonkar commented on Richa Yadav's blog post मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया
"आ. ऋचा जी,निरंतर प्रयास करते रहें.. अच्छी ग़ज़लें पढ़ें और उन की शेर कहने की तरकीब का मनन करें..सादर  "
Oct 31
Richa Yadav commented on Richa Yadav's blog post मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया
"आ. नीलेश जी, बहुत बहुत आभार आपका कि अपने वक़्त दिया मेरी रचना पढ़ी और गलतियों से अवगत कराया।मैं नहीं मानती कि मैं perfect हूँ सभी से निवेदन है कोई भी गलती हो ज़रूर मार्ग दर्शन करिये सीख रही हूँ और ऐसे ही सीखूंगी। अपने जो बताया समझ आया मुझे, कुछ बदलाव…"
Oct 31
Nilesh Shevgaonkar commented on Richa Yadav's blog post मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया
"आ. ऋचा जी, अस्ल में आजकल किसी की रचना पर इस्लाह करने से पूर्व उसकी अनुमति आवश्यक हो चली है क्यूंकि कई रचनाकार स्वयं को परफेक्ट मानते हैं और सिर्फ अपना कलाम अपने ही तरीके से पेश करने में विश्वास रखते हैं चाहे उस में कई त्रुटियां हों। ख़ैर,, आपने…"
Oct 31
Richa Yadav commented on Richa Yadav's blog post मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया
"आ. नीलेश जी नमस्कार मैं इस मंच पर नई हूँ और इस मंच से सीखना चाहती हूँ, पढ़ना चाहती हूँ, लिखना चाहती हूँ, आप गुरुजनों का मार्गदर्शन मिलता रहे, ज़रूर बताइये त्रुटियाँ‍। ‍ सादर।"
Oct 30
Nilesh Shevgaonkar commented on Richa Yadav's blog post मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया
"आ. ऋचा जी,आपको पहली बार पढ़ रहा हूँ. मंच पर स्वागत है. यदि कमेंट के माध्यम से आपकी सहमती मिलें तो आपकी ग़ज़ल के गुण दोषों का विव्चं करूं..सादर "
Oct 30
Rupam kumar -'मीत' commented on Richa Yadav's blog post मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया
"आदरणीया , ऋचा जी  बहुत खूब ग़ज़ल कही आपने  दूसरे शे'र पर दाद पेश करता हूँ , सादर |"
Oct 30
Richa Yadav posted a blog post

मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया

बह्र:- 221 2121 1221 212मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गयामुद्दत हुई तो यार का दीदार हो गयावो जो चला गया है मेरा शह्र छोड़ कर लगता है ऐसा मुझको मैं बीमार हो गयाबेमोल ही रहे न किया ज़िंदगी से ग़मतूने छुआ मुझे तो मैं दीनार हो गयाथा मर्ज़ ऐसा जिसकी नहीं थी दवा कोईतू हाथ थाम कर मेरा तीमार हो गयातूने गले लगाया "रिया" को मेरे ख़ुदालगता है जैसे क़द मेरा मीनार हो गया"मौलिक व अप्रकाशित"See More
Oct 30
Richa Yadav is now a member of Open Books Online
Oct 27

Profile Information

Gender
Female
City State
Faridabad Haryana
Native Place
Alaahabad U.P.
Profession
home maker
About me
computer engineer by heart Shayar

Richa Yadav's Blog

मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया

बह्र:- 221 2121 1221 212

मिस्मार दिल का ये दर-ओ-दीवार हो गया

मुद्दत हुई तो यार का दीदार हो गया

वो जो चला गया है मेरा शह्र छोड़ कर

लगता है ऐसा मुझको मैं बीमार हो गया

बेमोल ही रहे न किया ज़िंदगी से ग़म

तूने छुआ मुझे तो मैं दीनार हो गया

था मर्ज़ ऐसा जिसकी नहीं थी दवा कोई

तू हाथ थाम कर मेरा तीमार हो गया

तूने गले लगाया "रिया" को मेरे ख़ुदा

लगता है जैसे क़द मेरा मीनार हो गया

"मौलिक व…

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Posted on October 30, 2020 at 3:30pm — 11 Comments

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