For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सालिक गणवीर
  • Male
  • Chhattisgarh
  • India
Share

सालिक गणवीर's Friends

  • नाकाम/naakaam
  • Rupam kumar -'मीत'
  • रवि भसीन 'शाहिद'
  • Samar kabeer
  • लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'

सालिक गणवीर's Groups

 

सालिक गणवीर's Page

Latest Activity

सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीय  Samar kabeer साहिब आदाब ग़ज़ल पर आपकी शिर्कत और हौसला अफज़ाई के हार्दिक आभार। सलामत रहें।"
13 hours ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीयi Rachna Bhatia जीसादर अभिवादनग़ज़ल पर आपकी शिर्कत और हौसला अफज़ाई के हार्दिक आभार। "
13 hours ago
सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post एक ही जगह बस पड़ा हूँ मैं......( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)
"आदरणीय भाई  लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जीग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और सराहना के लिए हार्दिक आभार."
13 hours ago
सालिक गणवीर commented on सालिक गणवीर's blog post एक ही जगह बस पड़ा हूँ मैं......( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)
"आदरणीय Samar kabeer साहिब आदाब मुहतरम ये ग़ज़ल आपकी इस्लाह की मुंतज़िर है. ओ बी ओ पर कल ही अप्रूवल मिला है।"
14 hours ago
Samar kabeer commented on सालिक गणवीर's blog post एक ही जगह बस पड़ा हूँ मैं......( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)
"इस ग़ज़ल पर शायद मैं पहले टिप्पणी कर चुका हूँ, लेकिन वो नज़र नहीं आ रही है?"
15 hours ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीय भाई Tasdiq Ahmed Khan जी सादर अभिवादन तरही ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद क़ुबूल करें।"
18 hours ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीय भाई dandpani nahak  जीसादर अभिवादन एक शानदार तरही ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद क़ुबूल करें।"
18 hours ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीय भाई Aazi Tamaam  जी सादर अभिवादनओ बी ओ पर आपका स्वागत है ,तरही ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है ,बधाई स्वीकारें और उस्ताद -ए - मुहतरम की बातों का संज्ञान लें।"
18 hours ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीय भाई Naveen Mani Tripathi जी सादर अभिवादनएक शानदार तरही ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद क़ुबूल करें। साँतवे शैर में टंकण त्रुटि है वो वफ़ा---- होना चाहिए और गिरह का मिसरा भी नदारद है।"
18 hours ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीय भाई Dayaram Methani जीसादर अभिवादनग़ज़ल पर आपकी शिर्कत और हौसला अफज़ाई के हार्दिक आभार। सलामत रहें।"
18 hours ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीय भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी सादर अभिवादनएक शानदार तरही ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद क़ुबूल करें।"
18 hours ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीय भाई Sanjay Shukla  जी सादर अभिवादनएक शानदार तरही ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद क़ुबूल करें। आपका ये सर्कास्टिक अंदाज बहुत खूब है।"
18 hours ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीया ऋचा यादव जी सादर अभिवादनएक शानदार तरही ग़ज़ल के लिए मुबारकबाद क़ुबूल करें"
19 hours ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"भाई लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी सादर अभिवादन ग़ज़ल पर आपकी शिर्कत और हौसला अफज़ाई के हार्दिक आभार। सलामत रहें।"
19 hours ago
सालिक गणवीर replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"2122 1122 1122 22/112 जब महब्बत की तेरे सामने रूस्वाई होये दुआ है न वहाँ कोई तमाशाई हो (1) गाँव को शह्र बनाने की है साज़िश कि यहाँन रहें बाग-बगीचे न ही अमराई हो (2) ऐसे माहौल की उम्मीद करूँ मैं कैसेजिस जगह भीड़ ज़ियादा हो न तन्हाई हो (3) बाद मुद्दत…"
yesterday
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on सालिक गणवीर's blog post एक ही जगह बस पड़ा हूँ मैं......( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)
"आ. भाई सालिक गणवीर जी, सादर अभिवादन । अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
yesterday

Profile Information

Gender
Male
City State
Bhilai, Chhattisgarh
Native Place
Bhilai
Profession
Retired from SAIL,as a Senior Electrical engineer
About me
Reading,writing and photography were my hobbies and after retirement I am totally indulged to fulfill my dreams.

सालिक गणवीर's Blog

एक ही जगह बस पड़ा हूँ मैं......( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)

2122 1212 22/112

एक ही जगह बस पड़ा हूँ मैं

हूँ मुसाफ़िर या रास्ता हूँ मैं (1)

अब कोई ढूँढता नहीं मुझको

गुम गया हूँ या लापता हूँ मैं (2)

ज़िंदगी आजकल जहन्नम है

ख़्वाब जन्नत के देखता हूँ मैं (3)

छोड़ कर सब चले गए हैं या

भीड़ में फिर से खो गया हूँ मैं (4)

अब नहीं इंतिज़ार तेरा पर

रास्ता रोज़ देखता हूँ मैं (5)

ऐसी वीरानगी है चारों सू

लग रहा है उजड़ रहा हूँ मैं (6)

जिसने…

Continue

Posted on January 15, 2021 at 8:02pm — 4 Comments

होता नहीं है ख़त्म मेरा काम भी कभी......( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)

221 2121 1221 212

होता नहीं है ख़त्म मेरा काम भी कभी

कैसे करे ये दिल बता आराम भी कभी  (1)

अब हो न जाँऊ यार मैं बदनाम भी कभी

हो जाए मुफ्त में न मेरा नाम भी कभी  (2)

क्या क्या चुरा लिया है ये मुझसे न पूछिये

लूटा गया है मुझको सर-ए-आम भी कभी  (3)

कुछ इस तरह से छोड़ गए हैं मुझे यहाँ

आते नहीं हैं मुद्दतों पैगाम भी कभी  (4)

करते रहे हवाई सफ़र मुफ़्त में सदा

कुछ लोग तो चुकाते नहीं दाम भी कभी …

Continue

Posted on January 10, 2021 at 11:00pm — 6 Comments

उसे पहले कभी देखा नहीं था.....( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)

1222 1222 122

उसे पहले कभी देखा नहीं था

वो दिल के पास जो रहता नहीं था  (1)

लगी है शह्र की इसको हवा अब

हमारा गाँव तो ऐसा नहीं था  (2)

बहुत कुछ बोलती थीं आँखें उसकी

ज़ुबाँ से वो कभी कहता नहीं था  (3)

अँधेरों ने रखा था क़ैद जब तक

उजाला दूर तक फैला नहीं था  (4)

न जाने क्या हुआ भरता नहीं है

पुराना घाव तो गहरा नहीं था  (5)

वही तन कर खड़ा रहता है आगे

कभी जो सामने बैठा नहीं…

Continue

Posted on January 1, 2021 at 2:30pm — 6 Comments

यहाँ तो बहुत हैं अभी यार मेरे.....( ग़ज़ल :- सालिक गणवीर)

122 122 122 122

यहाँ तो बहुत हैं अभी यार मेरे

मगर याँ अदू भी हैं दो-चार मेरे (1)

कभी भूलकर भी न उनको सज़ा दी

रहे उम्र-भर जो गुनहगार मेरे (2)

हिकारत से अब देखते हैं मुझे भी

यही लोग थे कल तलबगार मेरे (3)

मुझे टुकड़ों में बाट कर ही रहेंगे

हैं दुनिया में जो लोग हक़दार मेरे (4)

जो रिश्ते सभी तोड़ कर जा चुका है 

उसी से जुड़े हैं अभी तार मेरे (5)

वही मिल…

Continue

Posted on December 24, 2020 at 11:00pm — 11 Comments

Comment Wall

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

  • No comments yet!
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"2122 1122 1122 22 ये कैसा गाँव है जिसमें न कोई भाई हो । मर जाऊँ गर मैं यहाँ घर न शनासाई हो…"
11 minutes ago
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीय संजय शुक्ला जी बेहतरीन व्यंगात्मक ग़ज़ल कहने के लिए बहुत-बहुत बधाइयां"
44 minutes ago
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीय  तस्दीक अहमद खान जी एक बेहतरीन और खूबसूरत ग़ज़ल कहने के लिए बहुत-बहुत बधाइयां।"
46 minutes ago
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीय नवीन मणि त्रिपाठी जी अच्छी ग़ज़ल कहने के लिए बधाइयां अमृतसर की बातों पर गौर फरमाएं"
49 minutes ago
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीय लक्ष्मण भाई गजल का अच्छा प्रयास हुआ है बधाइयां स्वीकार करें और गुनी जनों की बातों पर गौर…"
53 minutes ago
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
" आदरणीय सालिक गणवीर जी, तरही मिसरे पर ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है, बधाई स्वीकार करें ।"
55 minutes ago
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीय दंडपानी नाहक जी आदाब, तरही मिसरे पर ग़ज़ल का अच्छा प्रयास है, बधाई स्वीकार करें ।"
58 minutes ago
Amit Kumar "Amit" replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीय आजी तमाम जी ग़ज़ल का अच्छा प्रयास हुआ है बाकी गुनी जनों के बताए हुए शब्दों पर गौर कीजिए।"
1 hour ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' replied to Admin's discussion "OBO लाइव तरही मुशायरे"/"OBO लाइव महा उत्सव"/"चित्र से काव्य तक" प्रतियोगिता के सम्बन्ध मे पूछताछ
"आ. एड्मिन महोदय , सादर अभिवादन । तरही मुशायरे का कमेंट बाक्स बंद आ रहा है । क्या इस बार यह एक दिन…"
1 hour ago
dandpani nahak replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीय संजय शुक्ला जी नमस्कार बहुत उम्द: ग़ज़ल हुई है हार्दिक बधाई  स्वीकार करें सरकारी व्यवस्था…"
9 hours ago
dandpani nahak replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीय तस्दीक़ अहमद ख़ान साहब आदाब बहुत उम्द: ग़ज़ल हुई है हार्दिक बधाई स्वीकार करें  सारे शैर…"
9 hours ago
Rachna Bhatia replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-127
"आदरणीय सर् सादर नमस्कार। सर् सब आपकी मेहनत का ही परिणाम है जो कुछ कह पाई। हौसला बढ़ाने के लिए आपकी…"
9 hours ago

© 2021   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service