For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप'
  • Male
  • वाराणसी, उत्तर प्रदेश
  • India
Share

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s Friends

  • Ajay Tiwari
  • santosh khirwadkar
  • MANINDER SINGH
  • रोहिताश्व मिश्रा
  • बृजेश कुमार 'ब्रज'
  • amod shrivastav (bindouri)
  • Sushil Sarna
  • शिज्जु "शकूर"
  • vijay nikore
  • Er. Ganesh Jee "Bagi"

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s Groups

 

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s Page

Latest Activity

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आद0 शिज्जू शकूर जी सादर अभिवादन।बेहतरीन ग़ज़ल कही है आपने। बधाई स्वीकार कीजिये"
yesterday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आद0 रचना भाटिया जी सादर अभिवादन। अच्छी ग़ज़ल कही है आपने। बधाई स्वीकार कीजिये"
yesterday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आद0 रूपम कुमार जी सादर अभिवादन। अच्छी ग़ज़ल कही है आपने। बधाई स्वीकार कीजिये"
yesterday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आद0 बहन राजेश कुमारी जी सादर अभिवादन। तरही मिसरे पर बेहतरीन ग़ज़ल हुई है। बधाई स्वीकार कीजिये"
yesterday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आद0 अंकिता भार्गव जी सादर अभिवादन। अच्छी ग़ज़ल कही आपने। बधाई स्वीकार कीजिये"
yesterday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आद0 ऋचा यादव जी सादर अभिवादन। आद0 समर साहब की इस्लाह से अच्छी ग़ज़ल हो गयी है। बधाई स्वीकार कीजिये।"
yesterday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आद0 लक्ष्मण धामी जी सादर अभिवादन। अच्छी ग़ज़ल कही है आपने। बधाई स्वीकार कीजिये"
yesterday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आद0 मनन कुमार सिंह जी सादर अभिवादन।आयोजन में प्रतिभागिता के लिए कोटिश बधाई स्वीकार कीजिये"
yesterday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आद0 मुनीश तन्हा जी सादर अभिवादन। तरही ग़ज़ल पर अच्छी ग़ज़ल कही है आपने। शेष आद0 समर साहब ने बता दिया है। बधाई स्वीकार कीजिये"
yesterday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आद0 डिंपल शर्मा जी सादर अभिवादन। अच्छी ग़ज़ल कही है आपने। बधाई स्वीकार कीजिये"
yesterday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आद0 अनिल कुमार सिंह जी सादर अभिवादन। तरही मिसरे पर अच्छी ग़ज़ल कही आपने, बधाई स्वीकार करें ।"
Friday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
" आद0भाई सालिक गणवीर जी नमस्कार, तरही मिसरे पर अच्छी ग़ज़ल कही आपने, बधाई स्वीकार करें ।"
Friday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आद0 लक्ष्मण धामी मुसाफिरजी सादर अभिवादन। बहुत बहुत आभार आपका"
Friday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आद0 भाई सालीक गनवीर जी सादर अभिवादन ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और आशीष का शुक्रियः"
Friday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आद0 तस्दीक अहमद खान जी सादर अभिवादन। आपका बहुत बहुत धन्यवाद"
Friday
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-125
"आद0ऋचा यादव जी सादर अभिवादन। ग़ज़ल पर आपकी उपस्थिति और दाद का शुक्रियः"
Friday

Profile Information

Gender
Male
City State
Varanasi
Native Place
Varanasi
Profession
Teacher
About me
I am a simple leaving man, having hobby to write poems

सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप''s Blog

आज़ादी के पुनीत पर्व पर वीर रस की कविता

आज पुनः जब मना रहे हम, वर्षगाँठ आज़ादी की

आओ थोड़ी चर्चा करलें, जनगण मन आबादी की

जिन पर कविता गीत लिखूँ तो, झर-झर आँसू आते हैं

रोम-रोम में सिहरन होती, भाव सभी मर जाते हैं।।1

ऐसे भी हैं यहाँ कई जो, घर को सर पर ढोते हैं

घोर अँधेरा फुटपाथों पर, बिना बिछौना सोते हैं

गर्मी में तन झुलसे उनका, सर्दी हाड़ कँपाती है

तब जश्ने आज़ादी अपनी, उनको ख़ूब चिढ़ाती है।।2

भूखा प्यासा उलझा बचपन, भटक रहा अँधियारों में

फूटी क़िस्मत खोज रहा वह, कूड़े के गलियारों…

Continue

Posted on August 15, 2020 at 12:07pm — 8 Comments

गजल- कोख में आने से साँसों के ठहर जाने तक

बह्र- 2122   1122   1122  112/22

कोख में आने से साँसों के ठहर जाने तक

ज़िन्दगी में सकूँ मिलता नहीं मर जाने तक

मुफ़लिसी नेक दिली और ज़माने का दर्द

ये सभी सिर्फ़ सियासत में उतर जाने तक

शादी लड्डू ही नहीं एक बला है इसका

होता अहसास नहीं पंख कतर जाने तक

यार बरसात किसे अच्छी नहीं लगती मगर

खेत खलियान नदी ताल के भर जाने तक

हर तरफ़ शह्र में ख़ूँख़ार दरिन्दे घूमें

बेटियाँ ख़ौफ़ज़दा लौट के घर जाने…

Continue

Posted on August 4, 2020 at 6:11am — 10 Comments

ग़ज़ल -दौर वह यारो गया और उसके दीवाने गए

बह्र- 2122  2122  2122  212

मीडिया की फ़ौज लेकर रह्म कब खाने गए

झोपड़ी में सिर्फ़ वे दिल अपने बहलाने गए

रेडियो से ही हुआ करती थी सुब्ह-ओ-शाम जब

दौर वह यारो गया और उसके दीवाने गए

नीम पीपल छाँछ लस्सी बाजरे की रोटियाँ

ज़िन्दगी से गाँव की ये सारे अफ़साने गए

जोड़ते थे जो दिलों को अपनी माटी से यहाँ

फ़ाग चैता और कजरी के वे सब गाने गए

पूछने पर लाल के माँ ने कहा पापा तेरे

ओढ़कर प्यारा तिरंगा चाँद को लाने…

Continue

Posted on July 30, 2020 at 11:16am — 14 Comments

ग़ज़ल- हाँ में हाँ लोग जो होते हैं मिलने वाले

2122  1122  1122  22

हाँ में हाँ लोग जो होते हैं मिलाने वाले

हैं पस-ए पुश्त मियाँ ज़ुल्म वो ढाने वाले

अपने चहरे के उन्हें दाग़ नज़र आ जाते

देखते ख़ुद को जो आईना दिखाने वाले

पाप धुलते नहीं इस तरह बता दो उनको

हैं जो कुछ लोग ये गंगा में नहाने वाले

हो क़फ़स लाख वो फ़ौलाद का लेकिन यारो

रोक सकता नहीं उनको जो हैं जाने वाले

आपसे वादा निभाएँगे भला वो कैसे

वादा ख़ुद का न कभी ख़ुद से निभाने वाले

आप…

Continue

Posted on July 18, 2020 at 4:30pm — 14 Comments

Comment Wall (2 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 7:03pm on April 11, 2019, Vivek Pandey Dwij said…
आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी आभार आप को इस उत्साह वर्धन के लिए।
At 7:39pm on November 20, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' जी.
सादर अभिवादन !
मुझे यह बताते हुए हर्ष हो रहा है कि आपकी ग़ज़ल "हाथ से सारे फिसल गए" को "महीने की सर्वश्रेष्ठ रचना" सम्मान के रूप मे सम्मानित किया गया है | इस शानदार उपलब्धि पर बधाई स्वीकार करे |

आपको प्रसस्ति पत्र यथा शीघ्र उपलब्ध करा दिया जायेगा, इस निमित कृपया आप अपना पत्राचार का पता व फ़ोन नंबर admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध कराना चाहेंगे | मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई हो |
शुभकामनाओं सहित
आपका
गणेश जी "बागी
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक 
ओपन बुक्स ऑनलाइन

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-68 (विषय: संकटकाल)
"नियमानुसार (लघुकथा) : विकासशील गाँव की शिक्षित सवारियाँ, बहू और ससुर, भीषण गर्मी में शहर की ठसाठस…"
27 minutes ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-68 (विषय: संकटकाल)
"आदाब। भेड़िये और मेमने के बिम्बों में विचारोत्तेजक आगाह करती बहुत बढ़िया रचना हेतु हार्दिक बधाई…"
55 minutes ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-68 (विषय: संकटकाल)
"अच्छी रचना आदरणीय। हार्दिक बधाई। आदरणीय उस्मानी जी से सहमत।"
2 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-68 (विषय: संकटकाल)
"सकारात्मक रचना। हार्दिक बधाई। पर जैसा कि आदरणीय उस्मानी जी ने कहा है, आपवाला तेवर थोड़ा मिसिंग…"
2 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-68 (विषय: संकटकाल)
"उस त्रासदी के घाव अभी तक नहीं भरे हैं। एक गंभीर विषय पर सृजन के लिये बधाई आपको आदरणीय अनिल जी"
2 hours ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-68 (विषय: संकटकाल)
"भेड़िया मेमना कथा***************** जंगल की छोटी नदी के पास भेड़िया और मेमना फिर आमने सामने हो गये।…"
3 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-68 (विषय: संकटकाल)
"सादर नमस्कार। जी सही कहा आपने कि पिछली रचनाओं से बेहतर है। लेकिन लघु कहानी और लघुकथा के अंतर को…"
3 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Veena Gupta's blog post आइना
"आदरणीय सुश्री वीणा गुप्ता जी , आपकी यह कविता भी एक गम्भीर विषय पर है , उम्र , बीती हुयी लम्बी उम्र…"
3 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Veena Gupta's blog post शून्य (ज़ीरो)
"शून्य में से शून्य निकाल लो फिर भी शून्य ही बचता है , पूर्ण में से पूर्ण निकालो फिर भी पूर्ण ही…"
3 hours ago
Dr. Vijai Shanker commented on Dr Vandana Misra's blog post लघुकथा- खाली गमला
"शुभ प्रयास में सहयोग का अपना तरीका। कहानी प्रेरक है। बधाई , आदरणीय सुश्री डॉo वंदना मिश्रा जी ,…"
4 hours ago
Chetan Prakash replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-68 (विषय: संकटकाल)
"मोहतरम भाई, Sheikh Shahzad Usmani साहब, प्रस्तुति आपको अच्छी लगी, इसके निए आपका वहुत शुक्रिया ! लघु…"
6 hours ago
Sheikh Shahzad Usmani commented on Dr Vandana Misra's blog post लघुकथा- खाली गमला
"आदाब। अप्रत्यक्ष रूप से 'खाली गमलों'के माध्यम से गंभीर बातें कहती बढ़िया रचना। हार्दिक…"
12 hours ago

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service