For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

TEJ VEER SINGH
Share

TEJ VEER SINGH's Friends

  • सतविन्द्र कुमार राणा
  • Madanlal Shrimali
  • लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
  • Dr Ashutosh Mishra
  • Ashok Kumar Raktale
 

TEJ VEER SINGH's Page

Latest Activity

TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post झूठी बातें कह कर दिनभर - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'जी।बेहतरीन गज़ल। राजनीति ने रीत यहाँ की बदली है बेहूदेपन तकसीख हमीं से कौशल बच्चे हमको ही समझाते हैं।६।"
8 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post प्रेम पत्र - लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी।"
9 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on TEJ VEER SINGH's blog post प्रेम पत्र - लघुकथा -
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन । अच्छी कथा हुई है । हार्दिक बधाई ।"
11 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post प्रेम पत्र - लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय समर कबीर साहब जी। आदाब।"
yesterday
Samar kabeer commented on TEJ VEER SINGH's blog post प्रेम पत्र - लघुकथा -
"जनाब तेजवीर सिंह जी आदाब, बहुत अच्छी लघुकथा लिखी आपने,इस प्रस्तुति पर बधाई स्वीकार करें ।"
Sunday
TEJ VEER SINGH commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s blog post दो क्षणिकाएँ (गणेश जी बाग़ी)
"हार्दिक बधाई आदरणीय गणेश जी बागी जी। बेहतरीन क्षणिकांएँ।"
Saturday
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post रखकर जो नाम राम का -लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'
"हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी'मुसाफिर'जी। बेहतरीन गज़ल। नेता हुए हैं अब तलक जितने भी देश मेंये  मान  बैठे  हैं  हमें  इन  के  गुलाम हैं।६"
Saturday
TEJ VEER SINGH posted a blog post

प्रेम पत्र - लघुकथा -

प्रेम पत्र - लघुकथा -आज वीरेंद्र पिता की मृत्योपरांत तेरहवीं  की औपचारिकतायें संपन्न करने के पश्चात पिताजी के कमरे की अलमारी से पिता के पुराने दस्तावेज निकाल कर कुछ काम के कागजात छाँट रहा था।तभी उसकी नज़र एक गुलाबी कपड़े की पोटली पर पड़ी।उसने उत्सुकता वश उसे खोल लिया।वह अचंभित हो गया।वह जिस पिता को एक आदर्श और सदाचारी पिता समझता था उनकी चरित्र हीनता का एक दूसरा ही चेहरा आज उसके सामने था।उस पोटली में पिता के नाम लिखे प्रेम पत्र और एक सुंदर सी महिला के साथ तस्वीरें थीं।वीरेंद्र के चेहरे पर पिता के…See More
Saturday
TEJ VEER SINGH commented on Chandresh Kumar Chhatlani's blog post नए बीज / कविता
"हार्दिक बधाई आदरणीय चंद्रेश जी। बेहतरीन कविता। काश! तुम साथ होते। हम बुहारते रहते एक-दूसरे के दिल में भरी मिट्टी। हम साथ ही सूंघते स्वप्न-पुष्पों की सुगंध भी। खैर, अब तुम्हारे भी ख्वाब बदल गये और मेरे भी।"
Saturday
TEJ VEER SINGH commented on Samar kabeer's blog post एक ताज़ा ग़ज़ल
"हार्दिक बधाई आदरणीय समर कबीर साहब जी।आदाब। बेहतरीन गज़ल। जैसे हमको यार हमारे समझाने आ जाते हैं उसके भी अहबाब यक़ीनन उसको समझाते हों गे"
Saturday
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-58 (विषय: परिवर्तन)
"हार्दिक आभार आदरणीय  लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी।"
Jan 30
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-58 (विषय: परिवर्तन)
"हार्दिक आभार आदरणीय कनक जी।"
Jan 30
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-58 (विषय: परिवर्तन)
"हार्दिक आभार आदरणीय भाईजी योगराज प्रभाकर जी।"
Jan 30
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-58 (विषय: परिवर्तन)
"हार्दिक आभार आदरणीय विनय जी।समय के साथ बदलाव आया है लेकिन अभी भी स्थिति पूर्ण रूप से बदली नहीं है।"
Jan 30
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-58 (विषय: परिवर्तन)
"हार्दिक बधाई आदरणीय कनक जी।बेहतरीन लघुकथा। प्रतीकात्मक शैली में प्रस्तुत सुंदर लघुकथा।आज की राजनीति पर उत्तम कटाक्ष।"
Jan 30
TEJ VEER SINGH replied to Admin's discussion "ओबीओ लाइव लघुकथा गोष्ठी" अंक-58 (विषय: परिवर्तन)
"हार्दिक बधाई आदरणीय बबिता गुप्ता जी।बेहतरीन लघुकथा। समय की धार के साथ बदलते लोगों की मानसिकता को उजागर करती सुंदर लघुकथा।"
Jan 30

Profile Information

Gender
Male
City State
PUNE
Native Place
AGRA
Profession
RETIRED GOVT.SERVANT
About me
STARTED SHORT STORY WRITING FROM LAST TWO YEARS

TEJ VEER SINGH's Blog

प्रेम पत्र - लघुकथा -

प्रेम पत्र - लघुकथा -

आज वीरेंद्र पिता की मृत्योपरांत तेरहवीं  की औपचारिकतायें संपन्न करने के पश्चात पिताजी के कमरे की अलमारी से पिता के पुराने दस्तावेज निकाल कर कुछ काम के कागजात छाँट रहा था।

तभी उसकी नज़र एक गुलाबी कपड़े की पोटली पर पड़ी।उसने उत्सुकता वश उसे खोल लिया।वह अचंभित हो गया।वह जिस पिता को एक आदर्श और सदाचारी पिता समझता था उनकी चरित्र हीनता का एक दूसरा ही चेहरा आज उसके सामने था।उस पोटली में पिता के नाम लिखे प्रेम पत्र और एक सुंदर सी महिला के साथ तस्वीरें…

Continue

Posted on February 15, 2020 at 11:30am — 4 Comments

त्रिशंकु (लघुकथा)

त्रिवेदी जी अपने समय के ख्याति प्राप्त व्यापारी, समाज सेवक, राज नेता, मंत्री और ना जाने किस किस पद को शोभायमान कर चुके थे।

आज वृद्धावस्था के कारण जर्जर शरीर को लेकर  अस्पताल की गहन चिकित्सा इकाई में मरणासन्न स्थिति में पड़े थे। दवाओं का शरीर पर कोई अनुकूल प्रभाव नहीं हो रहा था। लेकिन अस्पताल वाले अति आशावादी  होने का नाटक कर रहे थे। वहाँ के डॉक्टरों का दावा था कि वे पूर्व में मृत प्रायः लोगों में भी जान डाल चुके हैं| वे इतनी मोटी मुर्गी को तबियत से हलाल करना चाहते थे।यमदूत बार बार आकर…

Continue

Posted on January 4, 2020 at 11:00am — 8 Comments

ठूंठ - लघुकथा -

ठूंठ - लघुकथा -

राम दयाल अपनी घर वाली की जिद के आगे झुक गया। हालांकि उसकी दलील इतनी मजबूत तो नहीं थी लेकिन वह घर में किसी प्रकार की क्लेश नहीं चाहता था। उसकी घर वाली का मानना था कि उसके सासु और ससुर की वजह से उसके बेटे की शिक्षा पर बुरा प्रभाव पड़ रहा था।

अतः वह चाहती थी कि सासु ससुर जी को वृद्धाश्रम भेज दो।

आज मजबूरन राम दयाल उन दोनों को वृद्धाश्रम छोड़ कर घर वापस जा रहा था।लेकिन उसका मन इस कृत्य के लिये उसे धिक्कार रहा था।

वृद्धाश्रम से बाहर जैसे ही वह मुख्य सड़क…

Continue

Posted on December 28, 2019 at 1:37pm — 8 Comments

उसूल - लघुकथा -

उसूल - लघुकथा -

"क्या बात है सर, आज पहली बार आपको व्हिस्की लेते देख रहा हूँ?"

"हाँ घोष बाबू, आज मैं भी कई साल बाद तनाव मुक्त महसूस कर रहा हूँ।"

"मगर सर मैंने आपको कभी हार्ड ड्रिंक लेते नहीं देखा।"

"आप सही कह रहे हैं। मैंने जिस दिन यह कुर्सी संभाली थी, अपने पिता को वचन दिया था कि मैं सेवा निवृत होने तक ड्रिंक नहीं करूंगा। आज रिटायर होने के साथ ही उस बंधन से मुक्त हो गया।"

"लेकिन सर, खैर छोड़िये...........?"

"क्यूँ छोड़िये, आज सब बंधन तोड़ दो। जो भी मन…

Continue

Posted on November 16, 2019 at 12:42pm — 6 Comments

Comment Wall (10 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 5:41pm on November 18, 2019, JAWAHAR LAL SINGH said…

हार्दिक आभार आदरणीय तेजवीर सिंह जी!

At 10:17am on September 8, 2019, Samar kabeer said…

जनाब तेजवीर सिंह जी आदाब,आपकी महब्बतों के लिए दिल की गहराई से धन्यवाद ।

At 9:51pm on August 31, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीय तेजवीर सिंह जी नमस्कार ! बहुत धन्यवाद् आपका आपने समय निकाला मेरी पहली ही लघुकथा के लिए और मेरा हौसला बढ़ाया आपका बहुत शुक्रगुज़ार हूँ
At 10:43pm on August 15, 2019, Dr T R Sukul said…
हार्दिक धन्यवाद आदरणीय तेजवीर सिंह जी।
At 1:42pm on July 28, 2018, Dr Ashutosh Mishra said…

आदरणीय तेजवीर जी आपकी लघु कथाओं का नियमित पाठक हूँ और इस विधा पर लिखने का प्रयास भी आप सबकी रचनाएँ पढ़कर करता हूँ / आपके मित्रों की सूची में शामिल होना मेरे लिए सुखद है सादर प्रणाम के साथ 

At 4:09pm on December 8, 2015, Sushil Sarna said…

आदरणीय तेजवीर सिंह जी माह के सक्रिय सदस्य के रूप में चयनित होने पर हार्दिक बधाई स्वीकार करें। 

At 8:19pm on December 4, 2015, kanta roy said…

वाह ! आदरणीय तेजवीर जी , गौरव का ये पल , आपका माह के सक्रीय सदस्य  चुने जाने के उपलक्ष्य में बहुत ख़ुशी महसूस हुई।  बधाई प्रेषित है।  

At 12:21pm on November 29, 2015, amod shrivastav (bindouri) said…
माह का सक्रिय सदस्य चुने जाने के लिए हार्दिक बधाई नमन सर
At 12:57pm on November 16, 2015,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

तेज वीर सिंह जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 11:39pm on May 29, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

स्वागत अभिनन्दन 

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए

 ग़ज़ल की कक्षा 

 ग़ज़ल की बातें 

 

भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है

|

|

|

|

|

|

|

|

आप अपनी मौलिक व अप्रकाशित रचनाएँ यहाँ पोस्ट कर सकते है.

और अधिक जानकारी के लिए कृपया नियम अवश्य देखें.

ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतुयहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

 

ओबीओ पर प्रतिमाह आयोजित होने वाले लाइव महोत्सव, छंदोत्सव, तरही मुशायरा व लघुकथा गोष्ठी में आप सहभागिता निभाएंगे तो हमें ख़ुशी होगी. इस सन्देश को पढने के लिए आपका धन्यवाद.

 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Activity

dandpani nahak commented on Er. Ganesh Jee "Bagi"'s blog post अतुकांत कविता : मैं भी लिखूंगा एक कविता (गणेश बाग़ी)
"वाह ! बहुत सुन्दर कविता ! ह्रदय दे बधाई स्वीकार करें आदरणीय गणेश बागी जी"
1 hour ago
रवि भसीन 'शाहिद' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post ये कैसी बहार है (ग़ज़ल)
"आदरणीय लक्ष्मण भाई, आदाब। आपका ग़ज़ल तक आने के लिए और मेरा हौसला बढ़ाने के लिए तह-ए-दिल से शुक्रिया।"
6 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post ये कैसी बहार है (ग़ज़ल)
"आ. भाई रवि भसीन जी, सादर अभिवादन । बहुत खूब गजल कही, हार्दिक बधाई। जाने किधर को ले गई दीवानगी…"
7 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post झूठी बातें कह कर दिनभर - लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'(गजल)
"हार्दिक बधाई आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर'जी।बेहतरीन गज़ल। राजनीति ने रीत यहाँ की बदली है…"
8 hours ago
TEJ VEER SINGH commented on TEJ VEER SINGH's blog post प्रेम पत्र - लघुकथा -
"हार्दिक आभार आदरणीय लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' जी।"
9 hours ago
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post धरणी भी आखिर रोती है
"बहुत-बहुत धन्यवाद"
10 hours ago
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post धरणी भी आखिर रोती है
"आदाब, हार्दिक आभार आपका"
10 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on amita tiwari's blog post जायदाद के हकदार
"आ. अमिता जी, यथार्थपरक रचना के लिए हार्दिक बधाई ।"
11 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on TEJ VEER SINGH's blog post प्रेम पत्र - लघुकथा -
"आ. भाई तेजवीर जी, सादर अभिवादन । अच्छी कथा हुई है । हार्दिक बधाई ।"
11 hours ago
Chandresh Kumar Chhatlani commented on Chandresh Kumar Chhatlani's blog post नए बीज / कविता
"रचना पसंद करने और अपनी टिप्पणी द्वारा मेरा उत्साहवर्धन करने हेतु बहुत-बहुत आभार आदरणीय…"
13 hours ago
amita tiwari commented on amita tiwari's blog post जायदाद के हकदार
"रवि जी , विजय जी  उत्साह वर्धन के लिए हार्दिक आभार "
22 hours ago
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on रवि भसीन 'शाहिद''s blog post वैलेनटाइन डे
"आ. भाई रवि भसीन जी,सादर अभिवादन । अच्छी रचना हुई है, बधाई स्वीकारस्वीकारेंं ।"
yesterday

© 2020   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service