For any Query/Feedback/Suggestion related to OBO, please contact:- admin@openbooksonline.com & contact2obo@gmail.com, you may also call on 09872568228(योगराज प्रभाकर)/09431288405(गणेश जी "बागी")

Tasdiq Ahmed Khan
  • Male
  • Ajmer
  • India
Share

Tasdiq Ahmed Khan's Friends

  • Sheikh Shahzad Usmani
  • Ganga Dhar Sharma 'Hindustan'
  • vijay nikore
  • नादिर ख़ान
  • मिथिलेश वामनकर
 

Tasdiq Ahmed Khan's Page

Latest Activity

Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (ख़त्म कर के ही मुहब्बत का सफ़र जाऊंगा)
"जनाब सुरेन्द्र नाथ साहिब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I "
Nov 12
Tasdiq Ahmed Khan commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (ख़त्म कर के ही मुहब्बत का सफ़र जाऊंगा)
"जनाब ब्रजेश कुमार साहिब, ग़ज़ल पसंद करने और आपकी हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I "
Nov 12
सुरेन्द्र नाथ सिंह 'कुशक्षत्रप' commented on Tasdiq Ahmed Khan's blog post ग़ज़ल (ख़त्म कर के ही मुहब्बत का सफ़र जाऊंगा)
"आद0 तस्दीक अहमद खान साहब,, सादर अभिवादन।। बहुत बेहतरीन ग़ज़ल कही आपने। दाद के साथ बधाई स्वीकार कीजिये"
Nov 11
Tasdiq Ahmed Khan's blog post was featured

ग़ज़ल (ख़त्म कर के ही मुहब्बत का सफ़र जाऊंगा)

(फाइ इलातु न _फ इ लातुन _फ इ लातुन _फ़े लुन)ख़त्म कर के ही मुहब्बत  का सफ़र जाऊंगा l तू ने ठुकराया तो कूचे में ही मर जाऊँगा lजो भी कहना है वो कह दीजिए ख़ामोश हैं क्यूँ आपका फ़ैसला सुनके ही मैं घर जाऊँगा lवकते आख़िर है मेरा पर्दा हटा दे अब तो छोड़ कर मैं तेरे चहरे पे नज़र जाऊँगा lआ गए वक़ते सितम अश्क अगर आँखों में मैं सितमगर की निगाहों से उतर जाऊँगा lलौट कर आऊंगा मैं सिर्फ़ तू इतना कह दे जिंदगी भर मैं उसी रह पे ठहर जाऊँगा lमैं इबादत की तरह करता रहा इश्क़ मगर सोचती ही रही दुनिया के मैं डर…See More
Nov 11
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"जनाब शेख शहज़ाद साहिब आ दाब, ग़ज़ल पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I "
Nov 10
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"मुहतरम जनाब समर साहिब आ दाब, ग़ज़ल पर आपकी खूबसूरत प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I टाइप त्रुटि हो गई है, सही शब्द दर्स ही है l"
Nov 10
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"जनाब गणेश जी बागी साहिब, ग़ज़ल पर आपकी सुंदर प्रतिक्रिया और हौसला अफज़ाई का बहुत बहुत शुक्रिया I सही शब्द दर्स है  टाइप त्रुटि हो गई है l"
Nov 10
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"जनाब गंगा धर साहिब, दीपावली विषय पर सुंदर रचना हुई है , मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं l"
Nov 9
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"जनाब सत्यनारायण साहिब, विधाता छंद पर सुंदर रचना दिवाली विषय पर हुई है, मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं I "
Nov 9
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"जनाब भाई अखिलेश साहिब, प्रदत्त विषय पर सुंदर रचना हुई है   , मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं I "
Nov 9
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"मुह तरमा नीलम साहिबा , उम्दा रचना दीपावली पर हुई है, मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l दिवाली की हार्दिक शुभकामनाएं l"
Nov 9
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"मुह तरमा बबिता साहिबा, दीपावली विषय पर सुंदर रचना हुई है , मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं l"
Nov 9
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"जनाब डॉक्टर छोटे लाल साहिब , दीपावली पर सुंदर रचना हुई है, मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l दीपावलीकी  हार्दिक शुभकामनाएं l"
Nov 9
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"जनाब शेख शहज़ाद साहिब , दिवाली विषय पर दूसरी प्रस्तुति भी ज़बर्दस्त हुई है , मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l "
Nov 9
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"मुहतरम जनाब बासुदेव साहिब, दीपावली के अनेक मंज़र दर्शाता सुन्दर गीत हुआ है , मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं l"
Nov 9
Tasdiq Ahmed Khan replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव महा उत्सव" अंक-97
"मुह तरमा अनिता साहिबा , सुन्दर कविता दीपावली पर हुई है, मुबारकबाद क़ुबुल फरमाएं l दीपावली की हार्दिक शुभकामनाएं l"
Nov 9

Profile Information

Gender
Male
City State
Ajmer
Native Place
qannauj
Profession
Govt. servant
About me
i have interest in writing urdu/hindi gazal &geet etc.

Tasdiq Ahmed Khan's Blog

ग़ज़ल (ख़त्म कर के ही मुहब्बत का सफ़र जाऊंगा)

(फाइ इलातु न _फ इ लातुन _फ इ लातुन _फ़े लुन)

ख़त्म कर के ही मुहब्बत  का सफ़र जाऊंगा l

तू ने ठुकराया तो कूचे में ही मर जाऊँगा l

जो भी कहना है वो कह दीजिए ख़ामोश हैं क्यूँ

आपका फ़ैसला सुनके ही मैं घर जाऊँगा l

वकते आख़िर है मेरा पर्दा हटा दे अब तो

छोड़ कर मैं तेरे चहरे पे नज़र जाऊँगा l

आ गए वक़ते सितम अश्क अगर आँखों में

मैं सितमगर की निगाहों से उतर जाऊँगा l

लौट कर आऊंगा मैं सिर्फ़ तू इतना कह दे …

Continue

Posted on November 6, 2018 at 10:30am — 18 Comments

ग़ज़ल (तोड़ते भी नहीं यारी को निभाते भी नहीं)

(फा इलातुन _फइलातुन _फइलातुन_फेलुन)

तोड़ते भी नहीं यारी को निभाते भी नहीं l 

शीशए दिल में है क्या मुझको बताते भी नहीं l

ऐसे दीवाने भी हम दम हैं जो उलफत के लिए

गिड़ गिड़ाते भी नहीं सर को झुकाते भी नहीं l

मांगता जब भी हूँ मैं उनसे जवाबे उलफत

ना भी करते नहीं हाँ होटों पे लाते भी नहीं l

उनकी उलफत का यकीं कोई भला कैसे करे

वो मिलाते भी नहीं आँख चुराते भी नहीं l

हक़ गरीबों का जो बिन मांगे तू देता…

Continue

Posted on August 18, 2018 at 6:00pm — 16 Comments

ग़ज़ल _ घर की बर्बादी के हालात नज़र आते हैं |0

(फाइ ला तुन _फ इ लातुन _फ इ लातुन _फे लुन)

घर की बर्बादी के हालात नज़र आते हैं |

उनके तब्दील खयालात नज़र आ ते हैं |

सिर्फ़ मेरी ही नहीं उनसे तलब मिलने की

वो भी मुश्ताक़े मुलाकात नज़र आ ते हैं |

जिनके वादों ने हसीं ख्वाब दिखाए मुझको

उफ़ बदलते हुए वो बात नज़र आ ते हैं |

उनकी यादों को भुलाऊँ तो भुलाऊँ कैसे

वो तसव्वुर में भी दिन रात नज़र आ ते हैं |

बे असर यूँ न हुईं मेरी वफाएँ यारो

उनके सोए हुए…

Continue

Posted on August 6, 2018 at 6:49am — 26 Comments

ग़ज़ल (क्या ख़ता कोई रशके क़मर हो गई)

ग़ज़ल (क्या ख़ता कोई रशके क़मर हो गई)

(फाइ लुन _फाइ लुन _फाइ लुन _फाइ लुन)

क्या ख़ता कोई रशके क़मर हो गई |

जो खफा मुझसे तेरी नज़र हो गई |

आँख में तेरी अश्के नदामत न थे

इस लिए हर दुआ बे असर हो गई |

ग़म तबाही का तुमको नहीं है अगर

आँख क्यूँ देख कर मुझको तर हो गई |

ख़त्म शिकवे गिले सारे हो जाएंगे

गुफ्तगू उनसे तन्हा अगर हो गई |

यह करामत हमारे अज़ीज़ों की है

यूँ न उनकी अलग रह गुज़र हो गई…

Continue

Posted on July 29, 2018 at 3:21pm — 18 Comments

Comment Wall (6 comments)

You need to be a member of Open Books Online to add comments!

Join Open Books Online

At 5:33pm on January 10, 2018, dandpani nahak said…
आदरणीय तस्दीक अहमद खान साहब आदाब
मैं बहुत आभारी हूँ कि आपने मेरी ग़ज़ल पढ़ी शुक्रिया
मुझमें अभी बहुत कमी है मैं जानता हूँ लेकिन आप जैसे गुणीजनों के सानिध्य में कुछ सीख पाउँगा ऐसी आशा करता हूँ आपका बहुत बहुत आभार और शुक्रिया
At 9:21pm on September 3, 2017, SALIM RAZA REWA said…
जनाब तस्दीक साहब अपना मोबाइल नंबर देने की मेहरबानी करें
At 3:51pm on February 17, 2016, Sushil Sarna said…

आदरणीय तस्दीक अहमद खान जी,माह के सक्रिय सदस्य के रूप में ओ बी ओ द्वारा चयनित होने पर आपको हार्दिक बधाई। 

At 11:43pm on February 16, 2016,
मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi"
said…

आदरणीय

तस्दीक अहमद खान जी,
सादर अभिवादन,
यह बताते हुए मुझे बहुत ख़ुशी हो रही है कि ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में विगत माह आपकी सक्रियता को देखते हुए OBO प्रबंधन ने आपको "महीने का सक्रिय सदस्य" (Active Member of the Month) घोषित किया है, बधाई स्वीकार करें | प्रशस्ति पत्र उपलब्ध कराने हेतु कृपया अपना पता एडमिन ओ बी ओ को उनके इ मेल admin@openbooksonline.com पर उपलब्ध करा दें | ध्यान रहे मेल उसी आई डी से भेजे जिससे ओ बी ओ सदस्यता प्राप्त की गई है |
हम सभी उम्मीद करते है कि आपका सहयोग इसी तरह से पूरे OBO परिवार को सदैव मिलता रहेगा |
सादर ।
आपका
गणेश जी "बागी"
संस्थापक सह मुख्य प्रबंधक
ओपन बुक्स ऑनलाइन

At 9:11pm on October 22, 2015, Ganga Dhar Sharma 'Hindustan' said…
आपका इस बज्म में तहेदिल से इस्तक़बाल है......|
At 6:28pm on October 20, 2015,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…
ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार में आपका हार्दिक स्वागत है।
 
 
 

कृपया ध्यान दे...

आवश्यक सूचना:-

1-सभी सदस्यों से अनुरोध है कि कृपया मौलिक व अप्रकाशित रचना ही पोस्ट करें,पूर्व प्रकाशित रचनाओं का अनुमोदन नही किया जायेगा, रचना के अंत में "मौलिक व अप्रकाशित" लिखना अनिवार्य है । अधिक जानकारी हेतु नियम देखे

2-ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार यदि आपको अच्छा लगा तो अपने मित्रो और शुभचिंतको को इस परिवार से जोड़ने हेतु यहाँ क्लिक कर आमंत्रण भेजे |

3-यदि आप अपने ओ बी ओ पर विडियो, फोटो या चैट सुविधा का लाभ नहीं ले पा रहे हो तो आप अपने सिस्टम पर फ्लैश प्लयेर यहाँ क्लिक कर डाउनलोड करे और फिर रन करा दे |

4-OBO नि:शुल्क विज्ञापन योजना (अधिक जानकारी हेतु क्लिक करे)

5-"सुझाव एवं शिकायत" दर्ज करने हेतु यहाँ क्लिक करे |

6-Download OBO Android App Here

हिन्दी टाइप

New  देवनागरी (हिंदी) टाइप करने हेतु दो साधन...

साधन - 1

साधन - 2

Latest Blogs

Latest Activity

क़मर जौनपुरी replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"शक्ति छंद (प्रथम प्रस्तुति) निडर बेटीयाँ********** सदा से जिसे वे झुकाए रखेबिना दाँव खेले विजय को…"
5 minutes ago
क़मर जौनपुरी joined Admin's group
Thumbnail

चित्र से काव्य तक

"ओ बी ओ चित्र से काव्य तक छंदोंत्सव" में भाग लेने हेतु सदस्य इस समूह को ज्वाइन कर ले |See More
5 minutes ago
अखिलेश कृष्ण श्रीवास्तव replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"आदरणीया राजेशजी उत्साहवर्धक प्रतिक्रिया के साथ हरिगीतिका छंद की प्रशंसा के लिए आपका हृदय से…"
6 minutes ago
Ajay Tiwari commented on Ravi Shukla's blog post गीत दफ्तर पर
"आदरणीय रवि जी, दफ़्तरी संत्रास पर इस प्रभावी गीत-प्रस्तुति के लिए, हार्दिक बधाई."
33 minutes ago
Ajay Tiwari commented on लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर''s blog post हुस्न तेरी आशिकी से कौन रखता दूरियाँ - लक्ष्मण धामी "मुसाफिर" ( गजल )
"आदरणीय लक्ष्मण जी, अच्छी ग़ज़ल हुई है. हार्दिक बधाई."
39 minutes ago
pratibha pande replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"नई शक्तियों ने उबारा इसे न मंजूर बंधन दुबारा इसे // वाह आदरणीया राजेश कुमारी जी चित्र के भाव…"
46 minutes ago

मुख्य प्रबंधक
Er. Ganesh Jee "Bagi" replied to Admin's discussion खुशियाँ और गम, ओपन बुक्स ऑनलाइन परिवार के संग...
54 minutes ago
Atendra Kumar Singh "Ravi" and Sheikh Shahzad Usmani are now friends
1 hour ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"जनाब सौरभ पाण्डेय साहिब के कमेंट से शर्मिंदा होकर त्वरित प्रयास किया है ।"
1 hour ago
Samar kabeer replied to Admin's discussion "ओबीओ चित्र से काव्य तक छंदोत्सव" अंक- 91 in the group चित्र से काव्य तक
"शक्तिछन्द(प्रथम फ़िलबदीह प्रयास) करें देश का नाम जब लड़कियाँ । बहुत गर्व होता हमें तब मियाँ…"
1 hour ago
क़मर जौनपुरी posted a blog post

कविता-1 साथी सो न , कर कुछ बात

साथी सो न, कर कुछ बात।यौवन में मतवाली रात,करती है चंदा संग बात,तारें छुप-छुप देख रहे हैं, उनकी ये…See More
1 hour ago
नवीन श्रोत्रिय उत्कर्ष joined Admin's group
Thumbnail

भारतीय छंद विधान

इस समूह में भारतीय छंद शास्त्रों पर चर्चा की जा सकती है | जो भी सदस्य इस ग्रुप में चर्चा करने के…See More
1 hour ago

© 2018   Created by Admin.   Powered by

Badges  |  Report an Issue  |  Terms of Service