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Usha Awasthi
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Usha Awasthi posted a blog post

केवल ऐसी चाह

द्वापर युग में कृष्ण नेपान्डव का दे साथहो विरुद्ध कुरुवंश केरचा एक इतिहासकलियुग की अब क्या कहें?जिन्हे मिला अधिकारधन-बल के अभिमान मेंप्रति पल चढ़े ख़ुमारहक़ जिसका हो,मार लेंजाति धर्म के नामआपस में झगड़ा कराआप बनें सुल्तानवंशवाद का घुन लगाआज हमारे देशकरे खोखला राष्ट्र कोधर नेता का वेषराष्ट्र एकता की उन्हेतनिक नहीं परवाहस्वार्थ उन्ही का सिद्ध होकेवल ऐसी चाहमौलिक एवं अप्रकाशितSee More
Tuesday
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post रखिहै सबका तुष्ट
"आ0 समर कबीर  साहेब, आदाब रचना अच्छी लगी, जान कर खुशी हुई। हार्दिक आभार आपका"
Monday
Samar kabeer commented on Usha Awasthi's blog post रखिहै सबका तुष्ट
"मुहतरमा ऊषा अवस्थी जी आदाब, अच्छी रचना हुई, बधाई स्वीकार करें ।"
Monday
Usha Awasthi posted a blog post

रखिहै सबका तुष्ट

जब तब अजिया कहत रहिंदूध पूत हैं एकजैस पियावहु दूध तसबढ़िहै ज्ञान विवेकगइयन केरी सेवा कयिकरिहौ जौ संतुष्टपइहैं पोषण पूर जबहुइहैं तब वह पुष्टअमृत  जैसन दूध बनिनिकसी बहुत पवित्ररोग दोष का नास करिरखिहै सबका तुष्टमौलिक एवं अप्रकाशितSee More
Saturday
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post घटे न उसकी शक्ति
"मैंने बहुत प्रयास किया किन्तु फोन ठीक ना होने के कारण आप सबकी प्रतिक्रिया के उत्तर नहीं दे पाई । सभी आ 0 को मेरा  सादर  आदाब,अभिवादन  एवं प्रणाम ,हार्दिक आभार ,आप सभी का"
Nov 8
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on Usha Awasthi's blog post घटे न उसकी शक्ति
"वाह आदरणीया बहुत ही सुन्दर रचना।"
Nov 1
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on Usha Awasthi's blog post घटे न उसकी शक्ति
"आ. ऊषा  जी , अभिवादन।अच्छी रचना हुई है, हार्दिक बधाई। "
Oct 24
Samar kabeer commented on Usha Awasthi's blog post घटे न उसकी शक्ति
"मुहतरमा ऊषा अवस्थी जी आदाब, अच्छी रचना हुई है, बधाई स्वीकार करें ।"
Oct 20
Usha Awasthi posted a blog post

घटे न उसकी शक्ति

परम ज्योति , शाश्वत , अनन्तकण - कण में सर्वत्रविन्दु रूप में क्यों भलाबैठेगा अन्यन्त्र ?सबमें वह , उसमें सभीचहुँदिशि उसकी गूँजक्या यह संभव है कभीसिन्धु समाए बूँद ?ज्ञान नेत्र से देखतेसंत , विवेकी व्यक्तिआत्मा ही परमात्माघटे न उसकी शक्तिमौलिक एवं  अप्रकाशितSee More
Oct 19
आशीष यादव commented on Usha Awasthi's blog post आए , तोड़े गर्व
" आदरणीया उषा अवस्थी जी प्रणाम। बहुत अच्छी रचना बनी है। बधाई स्वीकार करें। "
Sep 10
Usha Awasthi commented on Usha Awasthi's blog post आए , तोड़े गर्व
"आ0 समर कबीर साहेब, मुझे आपकी प्रतिक्रिया पाकर अत्यन्त हर्ष होता है। यदि रचना आपको अच्छी लगी तो अच्छी ही होगी। आभार आपका "
Sep 8
Samar kabeer commented on Usha Awasthi's blog post आए , तोड़े गर्व
"मुहतरमा ऊषा अवस्थी जी आदाब, अच्छी रचना हुई है, बधाई स्वीकार करें ।"
Sep 7
Usha Awasthi posted a blog post

आए , तोड़े गर्व

धरणी को बरबाद करचन्द्र करो जा नष्टफिर ढूँढो घर तीसराजहाँ न कोई कष्टयह क्रम चलता ही रहेमानव ही जब दुष्टआपस में लड़ कर करेसर्व विभूति विनष्टसमझे मालिक स्वयं कोबन बैठा भगवानहिरनकशिपु सम सोच रखऔरों का अपमानकरते बम के परीक्षणखुशी मने ज्यों पर्वराम , कृष्ण सदृश कोईआए , तोड़े गर्वमौलिक एवं अप्रकाशितSee More
Sep 3
Dimple Sharma commented on Usha Awasthi's blog post आलस करैं न नेक
"आदरणीया ऊषा अवस्थी जी नमस्ते, गांव की महक लिए बिल्कुल गांव की भाषा में रची हुई ये रचना बहुत खुबसूरत हुई है बधाई स्वीकार करें आदरणीय।"
Sep 2
Samar kabeer commented on Usha Awasthi's blog post आलस करैं न नेक
"मोहतरमा उषा अवस्थी जी आदाब , अच्छी रचना हुई है , बधाई स्वीकार करें I"
Aug 31
Usha Awasthi posted a blog post

आलस करैं न नेक

कपड़ा-लत्ता बाँधि कैजावैं अपने देसकितने दिनन बिता गएतबहुँ लगै परदेसपहुचैं अपने द्वार-घरलक्ष्य यही बस एकजा खेती - बाड़ी करैंआलस करैं न नेकधूप - ताप मा बिन रुकेचले जाँय सब गाँवसोचत जात , थमें नहींमिले जो चाहे छाँवनदियन नाला केर सबकचरा देब हटायलहर-लहर बहियैं सबैधरती पियै अघायबबुआ से कहिबै चलौगइया लेइ खरीददूध, दही , मट्ठा मिलैरोजहि मनिहै ईद बचै तो ओहिका बेचि कैराशन लइ कै आबबिना मिलावट बेचिहौंलालच मनहुँ न लाब  जो भी खेतन मा मिली नाज खाँय चाहे मोटदिन गुजरिहैं मजे माभलेहु पास कम नोटमौलिक एवं अप्रकाशितSee More
Aug 30

Profile Information

Gender
Female
City State
Lucknow
Native Place
Uttar Pradesh
Profession
Author

ब्राहम्ण

उषा अवस्थी

मान दिया होता यदि तुमने
ब्राम्हण को , सुविचारों को
सदगुण की तलवार काटती
निर्लज्जी व्यभिचारों को

उसको काया मत समझो ,
ज्ञान विज्ञान समन्वय है
द्वैत भाव से मुक्त, जितेन्द्रिय
सत्यप्रतिज्ञ , समुच्चय है

कर्म , वचन , मन से पावन
वह ब्रम्हपथी , समदर्शी है
नहीं जन्म से , सतत कर्म से
तेजस्वी , ब्रम्हर्षि है

मौलिक एवं अप्रकाशित

Usha Awasthi's Blog

केवल ऐसी चाह

द्वापर युग में कृष्ण ने

पान्डव का दे साथ

हो विरुद्ध कुरुवंश के

रचा एक इतिहास

कलियुग की अब क्या कहें?

जिन्हे मिला अधिकार

धन-बल के अभिमान में

प्रति पल चढ़े ख़ुमार

हक़ जिसका हो,मार लें

जाति धर्म के नाम

आपस में झगड़ा करा

आप बनें सुल्तान

वंशवाद का घुन लगा

आज हमारे देश

करे खोखला राष्ट्र को

धर नेता का वेष

राष्ट्र एकता की उन्हे

तनिक नहीं…

Continue

Posted on November 29, 2020 at 9:02am

रखिहै सबका तुष्ट

जब तब अजिया कहत रहिं

दूध पूत हैं एक

जैस पियावहु दूध तस

बढ़िहै ज्ञान विवेक

गइयन केरी सेवा कयि

करिहौ जौ संतुष्ट

पइहैं पोषण पूर जब

हुइहैं तब वह पुष्ट

अमृत  जैसन दूध बनि

निकसी बहुत पवित्र

रोग दोष का नास करि

रखिहै सबका तुष्ट

मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on November 27, 2020 at 7:22pm — 2 Comments

घटे न उसकी शक्ति

परम ज्योति , शाश्वत , अनन्त

कण - कण में सर्वत्र

विन्दु रूप में क्यों भला

बैठेगा अन्यन्त्र ?

सबमें वह , उसमें सभी

चहुँदिशि उसकी गूँज

क्या यह संभव है कभी

सिन्धु समाए बूँद ?

ज्ञान नेत्र से देखते

संत , विवेकी व्यक्ति

आत्मा ही परमात्मा

घटे न उसकी शक्ति

मौलिक एवं  अप्रकाशित

Posted on October 18, 2020 at 10:53pm — 4 Comments

आए , तोड़े गर्व

धरणी को बरबाद कर

चन्द्र करो जा नष्ट

फिर ढूँढो घर तीसरा

जहाँ न कोई कष्ट

यह क्रम चलता ही रहे

मानव ही जब दुष्ट

आपस में लड़ कर करे

सर्व विभूति विनष्ट

समझे मालिक स्वयं को

बन बैठा भगवान

हिरनकशिपु सम सोच रख

औरों का अपमान

करते बम के परीक्षण

खुशी मने ज्यों पर्व

राम , कृष्ण सदृश कोई

आए , तोड़े गर्व

मौलिक एवं अप्रकाशित

Posted on September 3, 2020 at 7:26pm — 3 Comments

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At 6:29am on August 5, 2018, Kishorekant said…

सुन्दर रचना केलिये हार्दिक अभिनंदन सुश्री उषा अवस्थिजी ।

At 9:01pm on September 9, 2017,
सदस्य कार्यकारिणी
मिथिलेश वामनकर
said…

ग़ज़ल सीखने एवं जानकारी के लिए....

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भारतीय छंद विधान से सम्बंधित जानकारी  यहाँ उपलब्ध है.

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"मिन्हा शब्द तो उर्दू का ही है...एक ग़ज़ल में पढ़ा था ...ख्वाबों को आंखों से मिन्हा करती है...नींद…"
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"आ. भाई समर जी, सादर अभिवादन । गजल पर पुनः उपस्थिति और मार्गदर्शन के लिए आभार।"
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Samar kabeer commented on सचिन कुमार's blog post ग़ज़ल
"// क्या हम इसमे लाफ़ानी को 122 नही ले सकते है// 'लाफ़ानी' को 122 पर नहीं ले सकते…"
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"जन्म दिन की हार्दिक बधाई आदरणीय सौरभ पांडे जी।"
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TEJ VEER SINGH commented on amita tiwari's blog post थाली खाली लघु -कथा
"हार्दिक बधाई आदरणीय अमिता तिवारी जी। बेहतरीन संदेश देती बढ़िया लघुकथा।"
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