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Vinay Kull
  • Male
  • varanasi. UP
  • India
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Gender
Male
City State
Varanasi ( UP)
Native Place
Varanasi
Profession
Retird From UP Industris Deppt.
About me
making Cartoons from last 40 years.

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At 5:25am on September 18, 2016, Sheikh Shahzad Usmani said…
इस बार के कार्टून में पुलिस विभाग के 'समसामयिक' ऊपरी कमाई का सच्चा चिट्ठा खोलते सृजन के लिए तहे दिल से बहुत बहुत मुबारकबाद मोहतरम जनाब विनय कुल साहब। यह कृति देश के हर महकमे में व्याप्त भ्रष्टाचार का प्रतिनिधि-चित्रण करती है।
At 5:29pm on September 8, 2016, Ram Ashery said…

करते भगवान के सृजन का अपमान

कुदरत विरुद्ध चलने में रखते हैं शान

अपने माँ बाप का करते नहीं सम्मान 

उपदेश देते गीता का बनते प्रज्ञा वान 

जानवर से बदतर यहाँ रहते हैं इंसान 

शक्ल से सुंदर पर मन में बसा शैतान 

 

At 9:35pm on July 19, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
बहुत सुन्दर आदरणीय श्री विनय कुल जी, इसी पर मेरा एक नीति दोहा प्रस्तुत है-

नारी का सम्मान हो, त्यागें जो अभिमान।
जीवन ये खुशहाल हो, बढ़ता बुद्धि ज्ञान।।
At 5:13pm on July 11, 2016, सुरेश कुमार 'कल्याण' said…
बहुत ही सुन्दर व्यंग्य।
तो एक हाइकू हो जाए

महंगा तेल
राहें बड़ी मुश्किल
सस्ता सहारा
At 10:35pm on May 16, 2016, Krish mishra 'jaan' gorakhpuri said…
हा हा हा..बेहतरीन गुदगुदी।डा.के स्केच की भावभंगिमा वाकई जीवंत हैं..तहेदिल से शुक्रिया,बधाई।
At 12:19am on January 10, 2016, Sheikh Shahzad Usmani said…
बहुत बढ़िया समसामयिक परिदृश्य पर तीखा कटाक्ष/व्यंग्य करती पेशकश के लिए बहुत बहुत बधाई आपको आदरणीय विनय कुल जी।
At 2:24pm on January 9, 2016, Sheikh Shahzad Usmani said…
सर, बहुत बढ़िया प्रस्तुति रहती है आपकी, किन्तु ऐसे कटाक्ष पूर्ण कार्टून की प्रतीक्षा है कि या तो ख़ूब हँसी आ जाये, या गहन चिन्तन को पाठक प्रेरित हो जाये। सादर
At 7:28pm on December 7, 2015, kanta roy said…

अल बगदादी के प्रशिक्षण का असर अब रसोई तक आ पहुंचा है।  ट्रैनिंग का प्रताप है जी , बचकर रहना है जरूरी , हा हा हा हा --- बहुत कार्टून हुई है आपकी , बधाई आदरणीय विनय कुल जी। 

At 2:12pm on December 6, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
आदरणीय मंच जानना चाहता हूँ क्या हम भी अपने कार्टून यहाँ विचारणार्थ प्रेषित कर सकते हैं? किस तरह, क्या प्रक्रिया रहती है, कृपया बताईयेगा ।
At 2:07pm on December 6, 2015, Sheikh Shahzad Usmani said…
बढ़िया व्यंग्य है आदरणीय विनय कुल साहब, लेकिन विडम्बना यह है कि उनसे प्रशिक्षण प्राप्त पकड़े जाने पर ही ऐसी उद्घोषणा करते हैं दिये गये मिशन को पूरा करने के बाद ही न । पति के लिए तो सास जी द्वारा दिया गया प्रशिक्षण पत्नी की दबंगी, ऊँची आवाज़, बेलन व चिमटा ही काफी है !
 
 
 

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