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anjali gupta commented on anjali gupta's blog post ग़ज़ल
"सबसे पहले तो देरी से जवाब देने के लिए मुआफ़ी चाहती हूँ। मैंने आयोजन के इतर पहली बार कुछ पोस्ट किया है। मुझे सबको अलग से रिप्लाई का ऑप्शन नहीं दिख रहा। डिंपल शर्मा जी हार्दिक आभार। लक्ष्मण धामी मुसाफ़िर जी ,हार्दिक आभार। बृजेश कुमार बृज जी चौथे शेर में…"
Aug 17
Dimple Sharma commented on anjali gupta's blog post ग़ज़ल
"आदरणीया अंजलि गुप्ता जी वाह बहुत ख़ूब, खुबसूरत ग़ज़ल पर बधाई स्वीकार करें आदरणीय।"
Aug 8
अमीरुद्दीन 'अमीर' commented on anjali gupta's blog post ग़ज़ल
"मुहतरमा अंजलि 'सिफ़र' साहिबा आदाब,  लाजवाब अश'आ़र के साथ शानदार ग़ज़ल कही है आपने कुछ अश'आ़र में मामूली तरमीम कर सकते हैं, बहरहाल दाद के साथ मुबारकबाद पेश करता हूँ। //शतरंज मे रिश्तों की मैं हारा नहीं होता :  रवानी के…"
Aug 5
लक्ष्मण धामी 'मुसाफिर' commented on anjali gupta's blog post ग़ज़ल
"आ. अंजलि जी, अच्छी गजल हुई है । हार्दिक बधाई ।"
Aug 5
बृजेश कुमार 'ब्रज' commented on anjali gupta's blog post ग़ज़ल
"बढ़िया ग़ज़ल कही है आदरणीया लेकिन चौथे शे'र का उला साफ़ नहीं है।"
Aug 4
anjali gupta posted a blog post

ग़ज़ल

221 1221 1221 122शतरंज में रिश्तों की मैं हारा नहीं होता  अपनों को बचाने में जो उलझा नहीं होतायादें तेरी ख़ुश्बू से न दिन रात महकतीं लम्हा जो तेरे लम्स का ठहरा नहीं होताभीतर न उसे आने कभी देता मेरा दिल ख़ंजर पे तेरा नाम जो लिक्खा नहीं होता शाख़ों से कहीं उसकी तुम्हें झाँकता बचपन आँगन का शजर तुमने जो काटा नहीं होतानफ़रत के समर आयेंगे नफ़रत के शजर पर  ऐ काश बशर बीज ये बोया नहीं होतागर तुम ना मिले होते मुझे राह-ए-वफ़ा में  होता मैं मगर इतना भी तन्हा नहीं होतागुज़री है 'सिफ़र' ज़ीस्त इन्हीं सोचों में सारी …See More
Aug 4
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीय मुनीश तन्हा जी,अच्छी ग़ज़ल हेतु बधाई स्वीकार करें।"
Jul 25
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीय Dayaram Methani जी, अच्छी ग़ज़ल हेतु बधाई स्वीकार करें।  हालात के साथ होती उचित नही लग रहा।सादर"
Jul 25
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीय बासुदेव अग्रवाल नमन जी, अच्छी ग़ज़ल हेतु बधाई स्वीकार करें।"
Jul 25
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीय अनिल कुमार सिंह जी,अच्छी ग़ज़ल हेतु बधाई स्वीकार करें।"
Jul 25
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीय नाकाम/nakaam जी, आपको एक क़ामयाब ग़ज़ल हेतु हार्दिक बधाई"
Jul 25
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीय रवि शुक्ला जी,अच्छी ग़ज़ल हेतु बधाई स्वीकार करें।"
Jul 25
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीया डिंपल  शर्मा जी,अच्छी ग़ज़ल हेतु बधाई स्वीकार करें।"
Jul 25
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीय रवि भसीन शाहिद जी, बेहतरीन ग़ज़ल के लिए हार्दिक बधाई"
Jul 25
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीय लक्ष्मण धामी मुसाफ़िर जी,अच्छी ग़ज़ल हेतु बधाई स्वीकार करें।"
Jul 25
anjali gupta replied to Admin's discussion "ओ बी ओ लाइव तरही मुशायरा" अंक-121
"आदरणीय सालिक रणवीर जी, अच्छी ग़ज़ल हुई। हार्दिक बधाई"
Jul 25

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Female
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ambala city
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Ambala
Profession
Teacher
About me
गणित विषय की अध्यापिका लेकिन जीवन गणित की अनवरत विद्यार्थी

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At 8:10pm on July 27, 2019, dandpani nahak said…
आदरणीया अंजलि जी आदाब , बहुत शुक्रिया हौसला बढ़ने का आपने ठीक फ़रमाया तकाबुले रदीफ़ है ! ठीक करने का प्रयास करता हूँ!
At 6:53am on July 2, 2018, राज़ नवादवी said…

आदरणीया अंजलि गुप्ता जी, तरही मुशायरे में मेरी ग़ज़ल में शिरकत का दिल से शुक्रिया. समयाभाव था, कमेंट बॉक्स बंद हो चुका है. इसलिए यहाँ से आभार प्रकट कर रहूँ हूँ.सादर

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ग़ज़ल

221 1221 1221 122

शतरंज में रिश्तों की मैं हारा नहीं होता 

अपनों को बचाने में जो उलझा नहीं होता

यादें तेरी ख़ुश्बू से न दिन रात महकतीं

लम्हा जो तेरे लम्स का ठहरा नहीं होता

भीतर न उसे आने कभी देता मेरा दिल

ख़ंजर पे तेरा नाम जो लिक्खा नहीं होता 

शाख़ों से कहीं उसकी तुम्हें झाँकता बचपन

आँगन का शजर तुमने जो काटा नहीं होता

नफ़रत के समर आयेंगे नफ़रत के शजर पर 

ऐ काश बशर बीज ये बोया नहीं होता

गर…

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Posted on August 4, 2020 at 12:30am — 5 Comments

 
 
 

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